Chhattisgarh: Chhattisgarh नक्सल प्रभावित Abujhmarh के बदलते हालातों पर क्या बोले ग्रामीण लोग?
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर का अबूझमाड़, एक ऐसा क्षेत्र जो बारिश के दिनों में टापू बन जाता था, जहां आपातकालीन सेवाएं, एंबुलेंस, प्रशासनिक कर्मी तक यहां नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन अब यहां सड़कें, यातायात और स्वास्थ्य सुविधाओं ने दस्तक दे दी हैं. नेशनल हाईवे 130D का निर्माण तेजी से हो रहा है जिससे यह क्षेत्र महाराष्ट्र से भी सीधा जुड़ जाएगा. अबूझमाड़ का वह चेहरा, जहां प्रशासनिक अधिकारी जाने से कतराते थे, अब विकास शिविरों से गुलजार है. लोग अब संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं, सरकारी योजनाओं में भरोसा दिखा रहे हैं और सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास जता रहे हैं. एक ओर जहां कभी नक्सलियों का राज था, आज वहां केंद्र सरकार की योजनाएं पहुंच रही हैं. अबूझमाड़ से मुंबई तक की दूरी अब सड़क, सुरक्षा और सपनों के सहारे तय की जा रही है. अबूझमाड़ की यह कहानी है अंधेरे से उजाले की, खौफ से उम्मीद की, और बर्बादी से विकास की.

























