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'ईद के चांद हो अपने ही घरवालों के लिए, ये उनकी खुशकिस्मती है उनकी ही नजर में रहो'- अनुपम खेर की अपील
तूफान के हालात हैं, न किसी सफर में रहो
पंछियों से गुजारिश है अपनी शजर में रहो
ईद के चांद हो अपने ही घरवालों के लिए
ये उनकी खुशकिस्मती है उनकी ही नजर में रहो
माना बंजारों की तरह घूमे हो डगर डगर
वक्त का तकाजा है, अपने ही शहर में रहो
अनुपम खेर ने इस अपील के जरिए लोगों से घर में रहने की अपील की है.
पंछियों से गुजारिश है अपनी शजर में रहो
ईद के चांद हो अपने ही घरवालों के लिए
ये उनकी खुशकिस्मती है उनकी ही नजर में रहो
माना बंजारों की तरह घूमे हो डगर डगर
वक्त का तकाजा है, अपने ही शहर में रहो
अनुपम खेर ने इस अपील के जरिए लोगों से घर में रहने की अपील की है.
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रुमान हाशमी, वरिष्ठ पत्रकार
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