PM के संदेश के बाद अभिजीत दीपके का धर्मेंद्र प्रधान पर तंज, फोटो शेयर कर लिखा- 'Hi, मेरा नाम कुछ नहीं है'
PM मोदी द्वारा युवाओं के हितों की रक्षा और नीट पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के बाद अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तंज कसा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवाओं के हित और नीट पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई वाले संदेश के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा. यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है.
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद किया पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक्स' पर कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. इसी संदेश के कुछ देर बाद अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर साझा करते हुए उस पर लिखा, "Hi, मेरा नाम कुछ नहीं है."
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— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 23, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है. प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए लगातार फैसले ले रही है और दोषियों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा.
'संसद चलो' मार्च के बाद बढ़ा विवाद
प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हजारों छात्रों ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 'संसद चलो' मार्च निकाला था. मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए. वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए.
संसदीय दल की बैठक में भी उठाया था मुद्दा
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की संसदीय दल की बैठक में भी नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया था. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और बैठक में मौजूद सांसदों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को "घोर पाप" बताया और कहा कि इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीति का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित का मामला है और केंद्र तथा सभी राज्य सरकारों को मिलकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए.
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सरकार ने गिनाए उठाए गए कदम
सरकार के अनुसार, पेपर लीक की जानकारी मिलते ही कार्रवाई शुरू की गई और 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया. सरकार का कहना है कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए नीट की दोबारा परीक्षा कराई गई और उसका परिणाम भी बिना देरी के घोषित किया गया. प्रधानमंत्री ने कहा कि दोबारा परीक्षा से छात्रों को असुविधा जरूर हुई, लेकिन सरकार ने निष्पक्ष परीक्षा कराने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया.























