पैथोलॉजी लैब खोलने के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट लगते हैं, इसमें कितना खर्च आता है?
अगर आप मेडिकल फील्ड से जुड़े हैं या इस क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं, तो पैथोलॉजी लैब खोलना एक अच्छा और फायदेमंद बिजनेस साबित हो सकता है. लेकिन यह काम सिर्फ मशीन लगाने से पूरा नहीं होता है.

आज के समय में स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व बहुत तेजी से बढ़ा है. लोग अब पहले से ज्यादा अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो चुके हैं. छोटी-सी बीमारी हो या कोई गंभीर समस्या, डॉक्टर सबसे पहले जांच कराने की सलाह देते हैं. यही कारण है कि पैथोलॉजी लैब आज स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ बन चुकी है. भारत जैसे बड़े देश में, जहां आबादी लगातार बढ़ रही है, वहां अच्छी और भरोसेमंद पैथोलॉजी लैब की मांग भी लगातार बढ़ रही है. ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, थायराइड, डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियों की पहचान, इन सबके लिए पैथोलॉजी लैब बहुत जरूरी हैं.
अगर आप मेडिकल फील्ड से जुड़े हैं या इस क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं, तो पैथोलॉजी लैब खोलना एक अच्छा और फायदेमंद बिजनेस साबित हो सकता है. लेकिन यह काम सिर्फ मशीन लगाने से पूरा नहीं होता. इसके लिए सही डिग्री, डॉक्यूमेंट, लाइसेंस, स्टाफ और निवेश की जरूरत होती है. तो आइए जानते हैं कि पैथोलॉजी लैब खोलने के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट लगते हैं, इसमें कितना खर्च आता है.
पैथोलॉजी लैब खोलने के लिए जरूरी योग्यताएं
इसमें सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर कोई पैथोलॉजी लैब नहीं खोल सकता है. इसे खोलने के लिए आपके पास पैथोलॉजी में डिप्लोमा, BSc / MSc इन पैथोलॉजी या लैब टेक्नोलॉजी, MBBS डिग्री (MCI/NMC से मान्यता प्राप्त) में से कोई एक योग्यता होनी चाहिए. साथ ही ध्यान रखें सभी डिग्रियां भारत सरकार या मेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त होनी चाहिए.
पैथोलॉजी लैब खोलने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
1. शैक्षणिक डॉक्यूमेंट - डिग्री सर्टिफिकेट (MBBS / BSc / MSc / डिप्लोमा), मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और पैथोलॉजी प्रैक्टिस का लाइसेंस.
2. लैब रजिस्ट्रेशन से जुड़े डॉक्यूमेंट - क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन, शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट एक्ट का रजिस्ट्रेशन और फर्म रजिस्ट्रेशन (प्रोपराइटरशिप / पार्टनरशिप / LLP)
3. जरूरी लाइसेंस और प्रमाण पत्र - NABL सर्टिफिकेट (टेस्ट की गुणवत्ता के लिए), GCP (Good Clinical Practices) सर्टिफिकेट, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रजिस्ट्रेशन, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति, फायर डिपार्टमेंट से NOC और नगर निगम या पंचायत से NOC
4. अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट - लैब का एड्रेस प्रूफ, किराये का एग्रीमेंट या प्रॉपर्टी के कागज, आधार कार्ड और पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक अकाउंट डिटेल्स.
पैथोलॉजी लैब खोलने में कितना खर्च आता है?
पैथोलॉजी लैब खोलने में कुल खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि आप लैब किस स्तर की बनाना चाहते हैं. आम तौर पर जगह किराये पर लेने या बिल्डिंग तैयार करने में लगभग 2 से 5 लाख और फर्नीचर, रिसेप्शन व वेटिंग एरिया पर 1 से 2 लाख तक खर्च आता है. मशीनों और उपकरणों जैसे ब्लड एनालाइजर, माइक्रोस्कोप, सेंट्रीफ्यूज, डीप फ्रीजर, कंप्यूटर, प्रिंटर और सॉफ्टवेयर पर सबसे ज्यादा खर्च होता है, जो उसकी क्वालिटी के अनुसार लगभग 10 से 25 लाख तक हो सकता है.
इसके अलावा, लैब टेक्नीशियन, पैथोलॉजिस्ट, रिसेप्शन स्टाफ और हेल्पर की सैलरी पर हर महीने करीब 50,000 से 1.5 लाख का खर्च आता है, जबकि लाइसेंस, NABL सर्टिफिकेशन और अन्य रजिस्ट्रेशन में लगभग 50,000 से 2 लाख तक लग सकते हैं यानी एक छोटी पैथोलॉजी लैब 8–12 लाख में, मीडियम स्तर की लैब 15–25 लाख में और पूरी तरह एडवांस लैब 30 लाख या उससे ज्यादा निवेश में शुरू की जा सकती है.
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Source: IOCL






















