बस कंपनी ने 17 मिनट पहले रद्द कर दी ट्रिप, शख्स ने कोर्ट में जीता केस, अब मिलेगा इतना मुआवजा
Online Bus Ticket: हिमाचल प्रदेश में यात्रा से 17 मिनट पहले बस टिकट रद्द होने पर कोर्ट ने यात्री के पक्ष में फैसला सुनाते हुए RedBus और बस ऑपरेटर को मुआवजा देने का आदेश दिया.

Online Bus Ticket Cancellation: अगर आप भी ऑनलाइन बस टिकट बुक करते हैं, तो आपके एक अहम खबर सामने आई है. हाल ही में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक ऐसा वाक्य पेश आया है, जिसने सभी बस ऑपरेटर को सतर्क कर दिया है. एक यात्री ने ऑनलाइन टिकट बुक की जिसके बाद कन्फर्म बस बुकिंग यात्रा शुरू होने से महज 17 मिनट पहले रद्द कर दी गई. जिसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने यात्री के पक्ष में फैसला सुनाते हुए RedBus और बस ऑपरेटर एक बड़ी रकम मुआवजा देने का आदेश दिया.
कोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म और बस ऑपरेटर दोनों की जिम्मेदारी है कि वह यात्रियों को समय पर सही जानकारी दें, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ें. अगर आपके पास बुक की गई सेवा मौजूद नहीं है, तो उसकी सूचना पहले देना और यात्रियों को होने वाली परेशानी से बचाना उनकी खास जिम्मेदारी है.
क्या है पूरा मामला?
साल 2023 में कांगड़ा के रहने वाले एक यात्री जयंत पटियाल ने RedBus के जरिए पालमपुर से दिल्ली जाने के लिए भरमाणी ट्रैवल्स की बस में टिकट बुक किया था. टिकट के मुताबिक बस रात 10:15 बजे रवाना होनी थी. यात्री तय समय से पहले बोर्डिंग पाइंट पहुंच गया, लेकिन वहां उसे पता चला कि बस पहले ही निकल चुकी है. जिसके बाद उसे पता चला कि उसकी बुकिंग यात्रा शुरू होने से ठीक 17 मिनट पहले रद्द कर दी गई थी.
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ऐन मौके पर बस रद्द होने के कारण यात्री रात में वहीं फंस गया. लेकिन जरूरी काम के कारण उसे तुरंत दिल्ली पहुंचना था, इसलिए उसने मजबूरी में महंगे किराये पर फ्लाइट टिकट बुक की. हद से ज्यादा खर्च और मानसिक परेशानी के कारण उसने कांगड़ा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया.
कोर्ट ने क्या सुनाया फैसला?
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि सिर्फ टिकट बेच देना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी खत्म नहीं करती है, बल्कि अगर कोई दिक्कत है तो उसे समय से पहले यात्रियों तक जानकारी पहुंचा जरूरी है. कोर्ट ने सेवा में कमी और गलत व्यवहार माना.
कितना मिलेगा मुआवजा?
कांगड़ा जिला उपभोक्ता आयोग ने दोनों तरफ की बातें सुनने के बाद यात्री के पक्ष में फैसला सुनाते हुए RedBus लिमिटेड और भरमानी ट्रैवल्स को 10,000 रुपये मुआवजा देने के साथ यात्री के मुकदमे का खर्च भी चुकाने का निर्देश दिया.
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