पंजाब के लोग कैसे बनवा सकते हैं मुख्यमंत्री सेहत कार्ड, इसके लिए कौन से डॉक्यूमेंट लगेंगे?
Punjab Mukhyamantri Sehat Card: पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत राज्य के लोग सेहत कार्ड बनवा सकते हैं. इसके लिए कौनसे दस्तावेज जरूरी होते हैं. जान लीजिए जरूरी बात.

Punjab Mukhyamantri Sehat Card: केंद्र सरकार के साथ साथ देश के तमाम राज्य भी अपने नागरिकों के लिए अलग अलग योजनाएं चलाते हैं. इनमें सबसे अहम योजनाएं स्वास्थ्य से जुड़ी होती हैं. जिससे बीमारी के समय इलाज का खर्च लोगों पर भारी न पड़े. इसी सोच के तहत पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना की शुरुआत की है.
यह योजना राज्य के लोगों को महंगे इलाज की चिंता से राहत देने के लिए बनाई गई है. इसके तहत हर परिवार को सालाना रुपये 10 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है. खास बात यह है कि इसमें इनकम, नौकरी या सोशल स्टेटस जैसी कोई शर्त नहीं रखी गई है. पंजाब का कोई भी पात्र निवासी इस योजना का लाभ ले सकता है. इसके लिए क्या डाॅक्यूमेंट देने होंगे जान लीजिए.
मुख्यमंत्री सेहत योजना क्या है?
मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी नागरिक इलाज न मिलने से परेशान न हो. योजना के तहत हर पात्र परिवार को सालाना रुपये 10 लाख तक का कैशलेस मेडिकल कवरेज दिया जाता है. इस सुविधा का इस्तेमाल राज्य के सरकारी अस्पतालों के साथ साथ पैनल में शामिल प्राइवेट अस्पतालों में भी किया जा सकता है. इसमें गंभीर बीमारियों से लेकर सामान्य सर्जरी तक का इलाज शामिल है.
कौन लोग बनवा सकते हैं मुख्यमंत्री सेहत कार्ड?
इस योजना की पात्रता का आधार सिर्फ पंजाब का निवासी होना है. इसके लिए किसी तरह की आय सीमा तय नहीं की गई है और न ही यह देखा जाता है कि व्यक्ति सरकारी नौकरी में है या प्राइवेट में. आवेदक को बस यह साबित करना होता है कि वह पंजाब का स्थायी या वैध निवासी है. एक परिवार के सभी सदस्य एक ही हेल्थ कार्ड के तहत कवर होते हैं. इससे पूरे परिवार को अलग अलग बीमा लेने की जरूरत नहीं पड़ती.
मुख्यमंत्री सेहत कार्ड बनवाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
मुख्यमंत्री सेहत कार्ड बनवाने के लिए कुछ बुनियादी दस्तावेजों की जरूरत होती है. पहचान और निवास प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड जरूरी होता है. इसके साथ वोटर आईडी कार्ड भी मांगा जाता है. कई जगहों पर रजिस्ट्रेशन के दौरान पासपोर्ट साइज फोटो भी जमा करनी पड़ती है. आवेदन प्रोसेस के लिए सरकार समय समय पर जिलों में रजिस्ट्रेशन शिविर लगाती है. जहां अधिकारी खुद आवेदन भरने में मदद करते हैं. आवेदन पूरा होने और सत्यापन के बाद लाभार्थियों को सेहत कार्ड जारी किया जाता है. इसी कार्ड के जरिए अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है.
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Source: IOCL























