परमानेंट vs कॉन्ट्रैक्ट: नौकरी बदलने से पहले जान लें ग्रेच्युटी के ये कड़े नियम, वरना होगा भारी नुकसान
Gratuity Rules: ग्रेच्युटी को लेकर 1 साल में मिलने की खबरों से कन्फ्यूजन बढ़ा है, लेकिन यह फायदा सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को मिलता है, जबकि परमानेंट कर्मचारियों के लिए अलग नियम हैं. जानिए.

- नई लेबर कोड में 'वेतन परिभाषा' बदलने से राशि बढ़ सकती है।
Benefits of Gratuity: आज के समय में नौकरी करने वाला व्यक्ति सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि दूसरे फायदों पर भी ध्यान देने लगा है और इन्हीं सब फायदों के बीच एक है ग्रेच्युटी, जिसे लेकर हाल ही में 1 साल में मिलने की खबरों ने काफी कन्फ्यूजन पैदा कर दिया है. इसके पीछे की सच्चाई यह है कि यह नियम हर कर्मचारी पर लागू नहीं होता है.
सबसे जरूरी बात अगर आप एक Permanent Employee हैं तो आज भी आपको ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल की नौकरी पूरी करनी होगी. साथ ही यह पैसा आपको नौकरी छोड़ने के बाद फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के टाइम ही मिलता है.
ग्रेच्युटी क्या होती है?
जानते हैं आखिरकार ग्रेच्युटी होती क्या है. यह कंपनी की तरह से दिया जाने वाला एक तरह का “Thank You Bonus” है. यह आपको लंबी सेवा के बदले दिया जाता है और जब आप नौकरी छोड़ते हैं यह फिर रिटायरमेंट के समय एक Financial Support का काम करता है.
1 साल में ग्रेच्युटी वाला नियम क्या है?
बता दें कि नए लेबर कोड 2025 के मुताबिक, Fixed Term या Contract Employees को 1 साल में भी ग्रेच्युटी मिल सकती है, लेकिन वहीं अगर हम बात करें Permanent Employee के लिए अभी भी 5 साल का नियम लागू है.
कौन किस कैटेगरी में आता है?
- Permanent Employee: 5 साल जरूरी
- Fixed-term/Contract Employee: 1 साल में Eligible
- Seasonal Worker: अलग नियम लागू
यहीं सबसे जरूरी बात है, जहां अक्सर ज्यादा लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं.
ग्रेच्युटी कब मिलती है?
अब जानते हैं कि आखिरकार ग्रेच्युटी मिलती कब है. जब आप नौकरी छोड़ते हैं, तब कंपनी आपको फुल एंड फाइनल सेटलमेंट देती है. इसमें सैलरी, लीव एनकैशमेंट, बोनस के साथ ग्रेच्युटी भी शामिल होती है. यानी ग्रेच्युटी आपको Exit के समय मिलती है.
ग्रेच्युटी कैसे कैलकुलेट होती है?
Formula: Gratuity = Last Basic Salary × (15/26) × Years of Service
उदाहरण के तौर पर समझें: अगर आपकी बेसिक सैलरी ₹50,000 है और आपने 5 साल काम किया है तो आपको लगभग ₹1.44 लाख ग्रेच्युटी मिल सकती है.
नया नियम क्या बदलता है?
नए नियम में “wage definition” बदली है, यानी अब बेसिक और allowances मिलाकर सैलरी तय होगी. इससे ग्रेच्युटी की रकम बढ़ सकती है, लेकिन 5 साल की eligibility में कोई बदलाव नहीं है.
5 साल से पहले नौकरी छोड़ने पर क्या होगा?
अगर आप 5 साल पूरे होने से पहले नौकरी छोड़ देते हैं तो आमतौर पर ग्रेच्युटी नहीं मिलेगी. हालांकि कुछ मामलों में 4 साल 240 दिन पूरे होने पर मिल सकती है.
ग्रेच्युटी क्यों जरूरी है?
- यह एक lump sum पैसा होता है.
- 20 लाख रुपये तक टैक्स फ्री होता है.
- रिटायरमेंट के लिए financial support देता है.
आपके लिए क्या जरूरी है?
- अगर आप permanent कर्मचारी हैं तो 5 साल पूरे करना जरूरी है. बीच में नौकरी छोड़ने पर नुकसान हो सकता है.
- अगर आप contract employee हैं तो 1 साल में भी फायदा मिल सकता है.
- और अगर नौकरी बदल रहे हैं तो Full & Final में ग्रेच्युटी जरूर चेक करें.
Source: IOCL

























