16 साल अटका रहा बीमा क्लेम, पीड़ित को अब मिलेगा 10 लाख का मुआवजा
Insurance Claim: जम्मू-कश्मीर में 3 जुलाई 2009 का इंश्योरेंस क्लेम लगभग 16 साल तक अटका रहा, जिसके बाद उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को लगभग 10 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया.

Insurance Claim News: आजकल लोग हेल्थ,व्हीकल और अन्य इंश्योरेंस पॉलिसी ले रहे हैं, ताकि जरूरत के समय उनको आर्थिक रूप से मदद मिल सके. कई तरह के इंश्योरेंस कंपनियां होती है, जिनकी पॉलिसी अलग-अलग हो सकती है और लोग अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से उसे ले सकते हैं. ऐसे में अगर आपने कोई इंश्योरेंस लिया हो, ताकि जरूरत पड़ने पर आप इंश्योरेंस क्लेम ले लें, लेकिन सोचिए अगर जरूरत के समय ही आपकी इंश्योरेंस कंपनी आपका क्लेम खारिज कर दें, तो आप क्या करेंगे?
ऐसा ही एक मामला जम्मू-कश्मीर से सामने आया है, यहां इंश्योरेंस क्लेम करीब 16 साल तक अटका रहा, जिसके बाद उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा देना का आदेश दिया है. आइए पूरे मामले के बार में जानते है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, शिकायतकर्ता ने नुकसान की भरपाई के लिए इंश्योरेंस क्लेम दायर किया था. New India Assurance पास क्लेम दायर किया गया था. शिकायतकर्ता ने कई बार कंपनी से क्लेम के लिए कहा, लेकिन इसके बाद भी कंपनी ने क्लेम का निपटारा नहीं किया.
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आगे क्या हुआ?
कई बार अनुरोध करने के बाद भी जब कंपनी ने क्लेम का निपटारा नहीं किया तो शिकायतकर्ता ने कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा और भुगतान की मांग की, जिसके बाद मामला जम्मू-कश्मीर राज्य उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा. ये मामला 3 जुलाई 2009 का बताया जा रहा है.
नुकसान का ज्यादा दावा किया
बता दें कि शिकायतकर्ता ने ज्यादा नुकसान का दावा किया था, लेकिन इंश्योरेंस कंपनी के सर्वेयर ने नुकसान की रकम कुछ ओर बताई, जो कि 4,36,050 थी, जिसके बाद आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी के रिपोर्ट के मुताबिक इसी रकम को सही मानते हुए फैसला किया.
आयोग ने क्या कहा?
आयोग ने इसी रकम पर सालाना 14 अक्टूबर 2010 से 8 प्रतिशत का ब्याज जोड़ा गया. सब कुछ जोड़ने के बाद कुल रकम 9,95,194 हुई. आयोग ने इस रकम को शिकायतकर्ता को देना का आदेश दिया.
इंश्योरेंस क्लेम अटका जाए तो तुरंत करें ये काम
- अगर आपका इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो या फिर लंबे समय तक अटरा हो तो सबसे पहले कंपनी के Grievance Redressal Officer को लिखित शिकायत जरूर दें.
- साथ ही आप शिकायत ईमेल और हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं और अपनी बात बता सकते हैं.
- अगर यहां से आपका कोई समाधान नहीं होता है तो आप IRDAI के Bima Bharosa Portal पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
- सब कुछ करने के बाद भी कोई हल नहीं निकलता है तो आप उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर सकते हैं.























