वंदे मातरम्: कांग्रेस के फैसले पर उद्धव गुट ने कहा 'हमारी पार्टी...'
Vande Mataram: कांग्रेस ने फैसला लिया है कि वो वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरे ही गाएगी. अब इस पर उद्धव ठाकरे की पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है.

कांग्रेस ने फैसला किया कि वो वंदे मातरम् के दो अंतरे ही गाएगी. कांग्रेस के इस फैसले पर बीजेपी हमलावर है तो वहीं अब उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) की प्रतिक्रिया सामने आई है. पार्टी के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि पहली बात तो ये है कि हमारी पार्टी का स्टैंड साफ है, जब वंदे मातरम् का बिल लोकसभा में आ रहा था तब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सदन में मौजूद क्यों नहीं थे, उसी पर हमारा ऑब्जेक्शन है.
आदित्य ठाकरे ने आगे कहा, "ये वंदे मातरम् का अपमान है. बीजेपी का नाता वंदे मातरम् से क्या है और कौन से क्रांतिकारी बीजेपी में थे जो वंदे मातरम् कह कर फांसी पर चढ़ गए, ये हमें बताए."
VIDEO | Mumbai: When asked about the Congress party's decision to stick to two stanzas of Vande Mataram, Shiv Sena (UBT) leader Aaditya Thackeray says, “First of all, our party’s stance is clear: when the Vande Mataram Bill was being introduced in the Lok Sabha, why were the… pic.twitter.com/o5MQBbqCqk
— Press Trust of India (@PTI_News) August 20, 2026
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना?
दिल्ली से बीजेपी के सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी वंदे मातरम् को लेकर कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बना रही. कांग्रेस 1937 की बात कर रही है कि दो अंतरे गाए जाते थे. आज 1937 नहीं है. आज 2026 है. अंग्रेजों के समय क्या होता था उससे हमें कोई लेना देना नहीं है. जब कानून बन चुका है कि वंदे मातरम् को पूरा गाया जाएगा तब कांग्रेस दो अंतरे की बात करती है. ये इस देश के अंदर नहीं होगा. कांग्रेस के लोग तुष्टिकरण की राजनीति में लगे हैं. एक विशेष धर्म को खुश करना चाहते हैं.
कांग्रेस ने क्या कहा?
बीजेपी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "क्या गुरु रविंद्रनाथ टैगौर, सरदार पटेल एंटी नेशनल थे? गुरु रविंद्रनाथ टैगौर ने ही सलाह दी थी कि इन दो छंदों को रखा जाए क्योंकि भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र होगा. उसी के ऊपर ये गाया जाता है. आपने तो कभी गाया नहीं. तब भी हम ही गा रहे थे, आज भी हम ही गा रहे हैं. नीट वाले बच्चों ने आपका इलाज कर दिया तो आप उससे डर रहे हो. आपको डर लग रहा है. हमें तो कल भी प्रेम था, आज भी प्रेम है. आपको न कल प्रेम था, न आज प्रेम है."
CWC की बैठक में कांग्रेस ने लिया फैसला
दरअसल, बुधवार को कांग्रेस के वर्किंग कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘‘वंदे मातरम्’ को लेकर 1937 में प्रस्ताव पारित किया गया था और उस बैठक में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, गोविंद बल्लभ पंत, राजगोपालाचारी और आचार्य नरेंद्र देव समेत उस समय के शीर्ष नेता मौजूद थे. उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद ही यह प्रस्ताव पारित किया गया था.’’
कांग्रेस नेता कहा कि कांग्रेस सीडब्ल्यूसी की बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 1937 के प्रस्ताव के कुछ अंश भी पढ़े. उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई विवाद नहीं है और कांग्रेस का आज भी इस पर स्पष्ट रुख है.























