स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री भेजते हैं? पोस्ट ऑफिस के इस नए नियम को जान लें
डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री की बुकिंग में बदलाव किया है. अब भेजने वाले और पाने वाले, दोनों का मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा. इससे सही जानकारी, आसान ट्रैकिंग और डिलीवरी में सुविधा मिलेगी.

अगर आप डाकघर से स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री के जरिए कोई जरूरी डॉक्युमेंट, चिट्ठी या पार्सल भेजने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है. भारतीय डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री पोस्ट की बुकिंग को लेकर नया नियम लागू किया है. अब बुकिंग के समय सिर्फ पता देना काफी नहीं होगा, बल्कि भेजने वाले और पाने वाले दोनों का नंबर देना जरूरी होगा.
इस नए नियम का खास मकसद डाक की डिलीवरी को आसान बनाने के साथ-साथ गालट पते और फर्जी जानकारी के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाना है. ऐसे में अगर आप भी पोस्ट ऑफिस से कोई सामान या डॉक्युमेंट्स भेजने की तैयारी कर रहे हैं, तो नए नियम के बारे में जानना जरूरी है.
स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री के लिए क्या बदला?
- अब स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री की बुकिंग के समय Sender यानी डाक भेजने वाले का मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा.
- Recipient यानी डाक पाने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी दर्ज कराना होगा.
- बुकिंग के दौरान मोबाइल नंबर दर्ज नहीं होने पर पोस्ट की बुकिंग प्रोसेस आगे नहीं बढ़ेगी.
- डाकघर के सिस्टम में मोबाइल नंबर दर्ज होने के बाद ही बुकिंग स्वीकार की जाएगी.
- गलत या फर्जी मोबाइल नंबर की जानकारी देकर नियम से बचने की कोशिश भी नहीं की जा सकेगी.
आखिर क्यों किया गया नियम में बदलाव?
डाक विभाग के सामने ऐसे मामले आते रहे हैं, जहां भेजने वाले की ओर से अधूरा पता या गलत जानकारी दिए जाने के कारण डाक की डिलीवरी में परेशानी होती थी. मोबाइल नंबर मौजूद नहीं होने के कारण डिलीवरी के दौरान डाक कर्मचारी जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने में परेशानी होती थी.
ऐसे में अब मोबाइल नंबर दर्ज होने से जरूरत पड़ने पर Sender और Recipient से संपर्क करना आसान होगा और डाक की जानकारी को ट्रैक करना भी आसान होगा.
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