किराएदार पर भरोसा पड़ेगा भारी, आपके पते से हो सकता है फर्जी GST रजिस्ट्रेशन
क्या आप अपने घर या फिर दुकान को किराए पर देते हैं तो उससे पहले कुछ खास सावधानियों को बरतना न भूलें, वरना आप परेशानी में पड़ सकते हैं. जानिए पूरी बात.

- पुलिस सत्यापन, दस्तावेज जांच और एग्रीमेंट में शर्त ज़रूरी है।
कई लोग अपनी एक्स्ट्रा इनकम के लिए अपने घर या फिर दुकान को किराए पर देते हैं. किराए पर घर देना आम बात है, लेकिन आप किसे अपना घर किराए पर दे रहे हैं उससे जुड़ी जरूरी जांच करनी महत्वपूर्ण है. आपने ये बात तो सुनी होगी कि घर किराए पर देने से पहले रेंट अग्रीमेंट बनवाना जरूरी होता है, लेकिन आपको इस बारे में पता है कि रेंट अग्रीमेंट बनाने के बाद भी आपके साथ धोखाधड़ी की जा सकती है.
शातिर ठग मकान मालिकों का भरोसा जीतकर उनके साथ धोखाधड़ी करते हैं. इतना ही नहीं, बल्कि आपके पते का गलत इस्तेमाल करके फर्जी फर्म और GST रजिस्ट्रेशन तक करा सकते हैं. जिसके बाद टैक्स से जुड़ा नोटिस मकान मालिक के पास पहुंच सकता है.
ऐसे करते है मकान मालिक के साथ ठगी
दरअसल, इस तरह के फ्रॉड में ठग शुरुआत में आपसे आपका घर किराए पर लेते हैं और रेंट एग्रीमेंट पर साइन भी कर देते हैं इतना ही नहीं, बल्कि जरूरी दस्तावेज तक भी उपलब्ध करा देते हैं. इसके बाद वह आपको एक महीने का एडवांस किराया तक दे देते हैं, जिससे आपको उन पर पूरा भरोसा हो जाए.
उसके बाद किराएदार 20-25 दिन तक आपके घर पर किराए पर रहते हैं और फिर अचानक ही कमरा खाली करके चले जाते हैं. लेकिन इसके बाद भी मकान मालिक को उनके इरादों पर संदेह नहीं होता है, लेकिन इसके बाद ठग अपना असली खेल शुरू करते हैं.
आगे क्या करते हैं ठग?
इसके बाद किराएदार आपके एड्रेस से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल करके फर्जी फर्म या कंपनी का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसके साथ ही फर्जी GST नंबर भी लिया जा सकता है. यानी आपने जिस पते पर किराएदार को अपना घर या दुकान किराए पर दिया था, वह उसी पते का इस्तेमाल करके दूसरे बिजनेस के लिए करता है.
इसके बाद ठग फर्जी फर्म दिखाकर टैक्स चोरी कर सकते हैं और फिर वहां से गायब हो जाते हैं. इसके बाद जो रिकॉर्ड में दर्ज है एड्रेस उस पर GST रिकवरी या टैक्स से जुड़ा नोटिस पहुंच सकता है. ऐसे में मकान मालिक को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
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किराए पर देने से पहले करें ये काम
- सबसे पहले किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं.
- इसके अलावा किराएदार के जरूरी दस्तावेज को वेरिफाई करना भी न भूलें.
- अपने रेंट एग्रीमेंट पर साफ तौर पर लिखे कि आपकी बिना परमिशन के प्रॉपर्टी के एड्रेस का इस्तेमाल किसी भी कंपनी, GST या फिर फर्म के लिए नहीं किया जा सकता है.
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