बिल में Fuel या LPG चार्ज लगा रहा रेस्तरां तो यहां करें कंप्लेंट, तुरंत नोट कर लें डिटेल्स
Gas Fuel Charges Complaint: रेस्टोरेंट के बिल में LP' या Fuel Charge जोड़ना पूरी तरह गलत है. सरकार ने साफ किया है अगर बिल में ऐसे एक्स्ट्रा चार्ज दिखें. तो पेमेंट मत करें तुरंत करें शिकायत.

Gas Fuel Charges Complaint: आजकल अंतरराष्ट्रीय हालातों और बढ़ती डिमांड की वजह से गैस की कीमतें और उपलब्धता दोनों ही काफी चर्चा में हैं. इसका सीधा असर आपकी और हमारी जेब पर पड़ रहा है, खासकर जब हम बाहर होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं. कई रेस्टोरेंट मालिक इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए ग्राहकों के फूड बिल में चुपके से LPG Charge, Fuel Surcharge या Gas Fee जैसे एक्स्ट्रा चार्जेज जोड़ने लगे हैं.
लेकिन क्या आपको पता है कि खाने के बिल में अलग से गैस या फ्यूल का पैसा वसूलना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है? अगर आप भी बाहर डिनर या लंच का प्लान कर रहे हैं. तो अपने बिल को लेकर थोड़ा सावधान हो जाइए. आइए जानते हैं कि इस तरह की स्मार्ट लूट से आपको कैसे बचना है और गलत बिल दिखने पर आप उसकी बैंड कैसे बजा सकते हैं.
क्यों गलत है अलग से गैस चार्ज वसूलना?
किसी भी रेस्टोरेंट को चलाने के लिए LPG, बिजली, स्टाफ की सैलरी और मेंटेनेंस जैसे खर्च उसके बिजनेस का बेसिक हिस्सा होते हैं. नियम यह कहता है कि इन सभी खर्चों को रेस्टोरेंट को अपने खाने की कीमतों (Menu Price) में ही शामिल करना चाहिए. आप खुद सोचिए क्या कोई आपसे रोटी के साथ तवे का किराया अलग से मांग सकता है? बिल्कुल नहीं! इसलिए बिल के आखिर में अलग से फ्यूल चार्ज जोड़ना ग्राहकों के साथ सरासर नाइंसाफी है.
- रेस्टोरेंट को अपने सभी ऑपरेशनल खर्चे डिश की कीमत में ही एडजस्ट करने होते हैं.
- मेन्यू कार्ड में लिखी कीमत के अलावा सिर्फ जायज टैक्स (जैसे GST) ही वसूला जा सकता है.
- बिना बताए अलग से कोई भी सर्विस या फ्यूल फीस जोड़ना कंज्यूमर राइट्स का उल्लंघन है.
- ग्राहकों को बेवकूफ बनाकर छोटी-छोटी रकम जोड़ना एक तरह का अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस है.
नियमों के मुताबिक एक बार जब आप मेन्यू देखकर ऑर्डर देते हैं, तो आप सिर्फ उसी कीमत और टैक्स को चुकाने के लिए बाध्य हैं.
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अक्सर रेस्टोरेंट वाले बिल के एकदम नीचे बहुत ही छोटे अक्षरों में LPG या Fuel Charge लिखकर जोड़ देते हैं. ज्यादातर लोग खाना खाने के बाद जल्दबाजी में होते हैं और टोटल अमाउंट देखकर सीधा पेमेंट कर देते हैं. मान लीजिए आपका बिल 500 का है, उसमें 50 चुपके से गैस चार्ज के नाम पर जोड़ दिए गए. तो वह 550 हो गया. यह 50 भले ही आपको छोटा लगे. लेकिन दिन भर में सैकड़ों ग्राहकों से ऐसी वसूली रेस्टोरेंट के लिए अवैध कमाई का बड़ा जरिया बन जाती है.
- बिल पेमेंट करने से पहले हमेशा हर एक आइटम और उस पर लगे चार्जेज को ध्यान से पढ़ें.
- अगर बिल में 'LPG' या 'Fuel' जैसा कोई शब्द दिखे, तो तुरंत मैनेजर से इसे हटाने को कहें.
- आपका यह पूरा अधिकार है कि आप सिर्फ खाने की सही कीमत और कानूनी टैक्स का ही भुगतान करें.
- अगर रेस्टोरेंट वाला बहस करे, तो उसे याद दिलाएं कि यह कानूनन गलत है और आप शिकायत कर सकते हैं.
- जागरूकता ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका है.
शिकायत कैसे करें?
अगर रेस्टोरेंट स्टाफ आपकी बात नहीं सुनता और गलत चार्ज हटाने से मना करता है, तो आपको डरने की जरूरत नहीं है. सरकार ने उपभोक्ताओं की मदद के लिए बहुत ही आसान और डिजिटल तरीके तैयार किए हैं. आप घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उस रेस्टोरेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवा सकते हैं. भारत में उपभोक्ता अधिकार कानून (Consumer Protection Act) के तहत किसी भी ग्राहक से छुपे हुए या गलत चार्ज लेना दंडनीय अपराध है.
- नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) के टोल-फ्री नंबर 1915 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं.
- आप अपने स्मार्टफोन में NCH ऐप डाउनलोड करके भी ऑनलाइन कंप्लेंट फाइल कर सकते हैं.
- ज्यादा गंभीर मामलों के लिए e-Jagriti पोर्टल या जिला कलेक्टर ऑफिस का रुख किया जा सकता है.
- सीधे कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) को ईमेल या लेटर लिखकर भी एक्शन की मांग की जा सकती है.
आज के समय में सचेत रहना ही समझदारी है. क्योंकि आपकी मेहनत की कमाई पर किसी को भी गलत तरीके से हाथ साफ करने का हक नहीं है.
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Source: IOCL




























