दिल्ली एसी ब्लास्ट... इन गलतियों से बढ़ता है Air Conditioner के फटने का डर, जानें सुरक्षा के उपाय
AC Blast Risk: गर्मियों में तापमान बढ़ने के साथ एसी फटने या उसमें आग लगने की घटनाएं तेज हो जाती हैं. इसके पीछे कई कारण हैं, जिसकी हमें सही जानकारी होनी चाहिए.

Delhi AC Blast Case: दिल्ली के विवेक विहार इलाके से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है. 3 मई को तड़के करीब 3.47 बजे यहां एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई. मौके पर दमकल विभाग भी पहुंची.
शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग की शुरुआत इमारत की दूसरी मंजिल पर लगे एयर कंडीशनर (AC Blast) में ब्लास्ट होने से हुई. इसके बाद आग ने पूरी चार मंजिला इमारत कोअपनी चपेट में ले लिया. इस दर्दनाक हादसे में दो परिवारों के कुल नौ लोगों की मौत हो गई है, जिनमें एक डेढ़ साल का बच्चा भी शामिल है. दमकल विभाग की 14 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर 15 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
#WATCH | Delhi: Delhi BJP State President Virendra Sachdeva says, "This is a very sad incident. As per the information we are getting, it seems that there is an AC blast. Police received the first call at 03:45 am, and at around 03:52 am, the fire brigade reached the spot. There… https://t.co/1FwBNc1RUz pic.twitter.com/xgKNHTcyNR
— ANI (@ANI) May 3, 2026
गर्मियों के दिनों में एसी फटने की खबरें अकसर सुनने को मिलती हैं. जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, एसी का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है और AC फटने और आग लगने की खबरें भी ज्यादा आ रही हैं. अब सवाल आता है कि एसी का इस्तेमाल कैसे करें कि इस तरह के जोखिमों से खुद को और अपने परिवारजनों व आसपास के लोगों को सुरक्षित रखें. आज हम आपको इस खबर के जरिए यही बताने जा रहे हैं.
क्यों फटता है AC?
- AC में धमाके का सबसे आम कारण कंप्रेसर के अंदर बहुत ज्यादा प्रेशर बनना है. जब सिस्टम ठीक से काम नहीं करता—जैसे ज्यादा गर्म होने, हवा का बहाव रुकने या अंदरूनी खराबी की वजह से—तो यूनिट के अंदर का प्रेशर खतरनाक लेवल तक बढ़ सकता है. अगर इस प्रेशर को समय पर बाहर नहीं निकाला जाता, तो इससे धमाका हो सकता है.
- गर्मियों के मौसम में लगातार 15-20 घंटे एसी चलाने से बचें. इससे कंप्रेसर ओवरहीट हो जाता है और उसके फटने का खतरा बढ़ जाता है.
- आउटडोर यूनिट को ऐसी जगह रखने से ब्लास्ट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जहां हवा का बहाव ठीक नहीं हो या उसे किसी चीज से ढक दिया जाए.
- एसी को डायरेक्ट प्लग की जगह कमजोर एक्सटेंशन बोर्ड से चलाने या ढीली वायरिंग होने पर शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है.
- एसी में गैस लीकेज होने को नजरअंदाज न करें. पाइप में लीकेज होने पर चिंगारी उठती है, तो वह तुरंत ब्लास्ट हो जाता है.
- एसी की समय-समय पर सर्विसिंग में लापरवाही कतई न बरतें. महीनों तक फिल्टर और कॉइल साफ न होने से धूल जम जाती है. इससे कंप्रेसर पर दबाव बढ़ता है.
इन बातों का रखें ख्याल
- समय-समय पर कराते रहें सर्विस. इसके लिए किसी प्रोफेश्नल टेक्नीशियन की ही मदद लें.
- हर 4-5 घंटा चलाने के बाद एसी को 15-20 मिनट के लिए बंद करें ताकि कंप्रेसर ठंडा हो सके.
- एसी को 24 डिग्री से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच चलाना सबसे सुरक्षित और किफायती है. इसे 16-18 डिग्री सेल्सियस पर लगातार चलाने से कंप्रेसर पर दबाव बनता है.
- वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से एसी को बचाने के लिए अच्छी क्वॉलिटी का वोल्टेज स्टेबलाइजर लगाएं.
- अगर एसी से जलने की गंध या बार-बार अजीब से आवाजें आएं या बार-बार एसी ट्रिप हो जाएं, तो तुरंत मेन स्विच ऑफ कर दें और मैकेनिक को बुलाएं
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