शादी के लिए बुक की फॉर्च्यूनर, डिलीवरी में देरी, कोर्ट ने डीलर पर ठोका भारी जुर्माना
Toyota Fortuner delivery delay: बेटी की शादी के लिए बुक की गई टोयोटा फॉर्च्यूनर की देरी से डिलीवरी पर उपभोक्ता आयोग ने डीलर को 1 लाख रुपये रिफंड और 20 हजार रुपये मुआवजे का आदेश दिया.

Toyota Fortuner Dealer: पंजाब उपभोक्ता आयोग ने टोयोटा डीलर कैसल टोयोटा एएनआर मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड को ग्राहक की 1 लाख रुपये की बुकिंग राशि 6% ब्याज सहित लौटाने और 20,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है.
मामला जालंधर के ग्राहक आकाश दीप कपूर का है, जिन्होंने बेटी की शादी के लिए टोयोटा फॉर्च्यूनर बुक की थी. आयोग ने माना कि तीन महीने की देरी से डिलीवरी होने के कारण वाहन खरीदने का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ, जो सेवा में कमी के अंतर्गत आता है.
फॉर्च्यूनर डिलीवरी में देरी, ग्राहक पहुंचा आयोग
आकाश दीप कपूर ने 15 जनवरी 2022 को बेटी की शादी के तोहफे के लिए टोयोटा फॉर्च्यूनर बुक कर 1 लाख रुपये एडवांस जमा किए थे. उनका आरोप था कि डीलर ने शादी से पहले डिलीवरी का वादा किया, लेकिन बार-बार देरी की और अतिरिक्त प्रीमियम की मांग की.
डिलीवरी न मिलने पर कपूर ने उपभोक्ता आयोग में रिफंड, मुआवजे और कानूनी खर्च की मांग की. वहीं, डीलरशिप ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वाहन उपलब्ध होने की जानकारी ग्राहक को दी गई थी, लेकिन वह सिर्फ रिफंड चाहते थे.
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आयोग ने क्या पाया?
आयोग ने कहा कि यह तथ्य विवादित नहीं था कि आकाश दीप कपूर ने 15 जनवरी 2022 को 1 लाख रुपये जमा कर वाहन बुक किया था और डीलरशिप ने अप्रैल 2022 को संभावित डिलीवरी समय बताया था.
आयोग ने पाया कि ग्राहक की बेटी की शादी से पहले वाहन की डिलीवरी नहीं की गई. जुलाई से सितंबर 2022 के बीच डीलर द्वारा डिलीवरी की पेशकश तब की गई, जब वाहन खरीदने का मूल उद्देश्य पहले ही खत्म हो चुका था.
शादी का उपहार
आयोग ने कहा कि जब शादी के अवसर पर उपहार देने के लिए की गई बुकिंग का उद्देश्य ही पूरा नहीं हुआ, तो ग्राहक से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह 43 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली गाड़ी को कई महीने बाद खरीदे.
डीलरशिप को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए, आयोग ने उसे आदेश दिया कि वह 1 लाख रुपये की बुकिंग राशि जनवरी 2022 से भुगतान तक 6% वार्षिक ब्याज के साथ लौटाए। इसके अलावा, ग्राहक को हुई मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए 20,000 रुपये मुआवजा तथा 10,000 रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने का निर्देश दिया गया. आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करने को कहा गया.
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी
यदि किसी खास अवसर के लिए बुक किया गया वाहन तय समय पर उपलब्ध नहीं कराया जाता और इससे खरीदारी का उद्देश्य प्रभावित होता है, तो उपभोक्ता रिफंड, ब्याज और मुआवजे की मांग कर सकते हैं. डीलर ग्राहक की बुकिंग राशि अपने पास रखकर उसे अनिश्चित समय तक इंतजार करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते.
उपभोक्ता शिकायतों के लिए लोग अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की उपभोक्ता हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 1915 पर भी सहायता ली जा सकती है.
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