DA Hike: केंद्र और राज्य के महंगाई भत्ते का अंतर होगा खत्म! सरकार ने बनाया बड़ा मास्टर प्लान
DA Hike: पश्चिम बंगाल सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान अपने कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में संशोधन करने का लक्ष्य रखा है. सरकार केंद्र और राज्य के महंगाई भत्ते के अंतर को खत्म करना चाहती है.

- 7वें वेतन आयोग हेतु अतनु चक्रवर्ती की अध्यक्षता में पैनल गठित.
DA Hike News: पश्चिम बंगाल की नव-निर्वाचित ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में बड़े बदलाव का लक्ष्य तय किया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली इस सरकार ने चालू वित्त वर्ष (मार्च 2027) के भीतर 7वें राज्य वेतन आयोग (CPC) की सिफारिशों को लागू करने और केंद्र सरकार के साथ महंगाई भत्ते (DA) के अंतर को खत्म करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू भी कर दी है.
केंद्र और राज्य के महंगाई भत्ते में कम अंतर
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 21 जुलाई को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस कदम की घोषणा की. उन्होंने बताया कि 7वें CPC के लिए 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) तैयार कर लिए गए हैं और इनके फाइनल होते ही आयोग का औपचारिक रूप से गठन कर दिया जाएगा. अधिकारी ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान ही 7वें CPC को लागू करने का इरादा रखती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल केंद्र के साथ DA के अंतर को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह इसे अचानक बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाने पर फोकस करेगा.
CM सुवेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने, "हम DA में केंद्र और राज्य के बीच के अंतर को धीरे-धीरे कम करेंगे. आप में से कुछ लोगों को उम्मीद रही होगी कि हम एक ही बार में 42% DA की घोषणा करेंगे. सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें भी थीं कि हम 10% हाइक का ऐलान करेंगे. हमने ऐसा कुछ नहीं किया. हमने सावधानीपूर्वक गणना की है और अंतर को धीरे-धीरे कम करेंगे. पिछले महीने, बंगाल सरकार ने सत्ता संभालने के बाद अपने पहले बजट में महंगाई भत्ता 20% बढ़ाया, जिससे यह मूल वेतन का 38% हो गया.
अभी कितना है अंतर?
वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 60% DA मिल रहा है, जबकि राज्य सरकार के कर्मचारियों को नई सरकार के बजट से पहले सिर्फ 18% क्ँ मिल रहा था. नई सरकार ने अपने पहले बजट में इसे मौजूदा 18% से 20% बढ़ाकर 38% कर दिया. इसके बाद अब केंद्र और राज्य के बीच का अंतर 42% से घटकर अब सिर्फ 22% रह गया है. इसे अंतर को भी धीरे-धीरे पाटने की कोशिश जारी है.
बकाए एरियर का भी होगा भुगतान
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को बकाया राशि का भुगतान समय पर करने का भी भरोसा दिलाया है. पश्चिम बंगाल में कर्मचारी संगठन लंबे समय से DA (महंगाई भत्ता) के बकाये के भुगतान और नए वेतन आयोग के गठन की मांग कर रहे हैं.पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद BJP के नेतृत्व वाली नई सरकार ने मई में 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी.
22 जुलाई को राज्य सरकार ने पूर्व केंद्रीय आर्थिक मामलों के सचिव अतनु चक्रवर्ती की अध्यक्षता में चार सदस्यीय पैनल का औपचारिक रूप से गठन किया, जिसे छह महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपने को कहा गया है. यह आयोग वेतन संरचना, महंगाई भत्ते, प्रमोशन पॉलिसी, पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े लाभों में बदलाव के बारे में सिफारिशें करेगा.
क्यों बना रहा यह अंतर?
जहां केंद्र सरकार के कर्मचारी 7वें वेतन आयोग का फायदा उठा रहे हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल के कर्मचारी अभी भी 5वें और 6वें वेतन आयोग के नियमों के तहत आते हैं. अब जब 8वां केंद्रीय वेतन आयोग चल रहा है, तो राज्य सरकार का कहना है कि वह अपने कर्मचारियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन और DA के बीच के अंतर को धीरे-धीरे कम करना चाहती है.
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