क्या DigiLocker में कागज होने पर भी सीज हो सकती है आपकी कार और बाइक? जानिए क्या हैं ट्रैफिक के नियम
Traffic Rules: जानिए कब DigiLocker के दस्तावेज पूरी तरह मान्य होते हैं, किन गलतियों पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है और किन नियमों की जानकारी हर वाहन चालक को होनी चाहिए.

DigiLocker and mParivahan: सोशल मीडिया पर इन दिनों उत्तर प्रदेश का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बाइक चालक ट्रैफिक पुलिस को DigiLocker में मौजूद वाहन के दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाता नजर आ रहा है.
वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस ने उसकी बाइक सीज कर ली. हालांकि इस वायरल वीडियो की परिस्थितियों और कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है. यदि वास्तव में ऐसा हुआ है तो मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है.
इस बीच राजधानी दिल्ली सहित देशभर के वाहन चालकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि DigiLocker और mParivahan में मौजूद दस्तावेज कब पूरी तरह कानूनी रूप से मान्य होते हैं और किन परिस्थितियों में पुलिस कार्रवाई कर सकती है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें में एक बाइक चालक द्वारा सारे कागजात डिजिलॉकर में दिखाने के बाद भी UP पुलिस द्वारा उसकी बाइक सीज किए जाने का दावा किया जा रहा है !! pic.twitter.com/rUpj6Kv87d
— Abhishek Nayan (ABP News) (@Abhisheknayan81) July 4, 2026
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DigiLocker और mParivahan के दस्तावेजों को मिली है कानूनी मान्यता
भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया अभियान के तहत वाहन संबंधी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में रखने की सुविधा उपलब्ध कराई है. अब वाहन चालकों के लिए हर समय ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी या इंश्योरेंस की हार्ड कॉपी साथ रखना अनिवार्य नहीं है. यदि ये दस्तावेज DigiLocker या mParivahan ऐप में उपलब्ध हैं, तो उन्हें जांच के दौरान अधिकृत अधिकारियों को दिखाया जा सकता है.
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचनाओं के अनुसार DigiLocker और mParivahan में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज मूल दस्तावेजों के बराबर कानूनी मान्यता रखते हैं. ऐसे में सामान्य परिस्थितियों में ट्रैफिक पुलिस या अन्य अधिकृत अधिकारी इन्हें स्वीकार करने के लिए बाध्य होते हैं.
कानून क्या कहता है?
डिजिटल दस्तावेजों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 तथा Central Motor Vehicles Rules, 1989 के नियम 139 के तहत कानूनी मान्यता प्राप्त है. इसका अर्थ यह है कि यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (RC) या अन्य जरूरी दस्तावेज DigiLocker अथवा mParivahan ऐप में लाइव स्वरूप में उपलब्ध हैं, तो उन्हें मूल दस्तावेज के समान माना जाएगा.
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स्क्रीनशॉट या फोटो दिखाना गलत
कई वाहन चालक यह मान लेते हैं कि मोबाइल गैलरी में सेव ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो, RC की तस्वीर या DigiLocker का स्क्रीनशॉट भी मान्य होगा. जबकि वास्तविकता इससे अलग है.
कानूनी रूप से केवल DigiLocker या mParivahan ऐप के भीतर उपलब्ध लाइव डिजिटल दस्तावेज ही स्वीकार किए जाते हैं. मोबाइल गैलरी में सेव फोटो, स्क्रीनशॉट, व्हाट्सएप पर भेजी गई कॉपी या फोटोकॉपी को आधिकारिक दस्तावेज नहीं माना जाता. ऐसी स्थिति में वाहन चालक अनावश्यक परेशानी में पड़ सकते हैं.
एक्सपायर लाइसेंस होने पर डिजिटल कॉपी भी नहीं आएगी काम
कई लोग यह भी समझते हैं कि दस्तावेज डिजिटल होने से उसकी वैधता बनी रहती है. ऐसा बिल्कुल नहीं है. यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन का RC निर्धारित अवधि के बाद समाप्त हो चुका है, तो DigiLocker या mParivahan में मौजूद उसका डिजिटल संस्करण भी अमान्य माना जाएगा.
इसीलिए वाहन चालकों को समय-समय पर अपने ड्राइविंग लाइसेंस, RC, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की वैधता की जांच करते रहना चाहिए. यात्रा पर निकलने से पहले यह भी सुनिश्चित करें कि संबंधित दस्तावेज ऐप में सही तरीके से उपलब्ध हों.
इंश्योरेंस की हार्ड कॉपी रखना भी जरूरी नहीं
यदि आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस वैध है और उसकी जानकारी VAHAN डेटाबेस में अपडेट है, जो mParivahan ऐप पर दिखाई देती है, तो सामान्य स्थिति में अलग से इंश्योरेंस की हार्ड कॉपी रखने की आवश्यकता नहीं होती. इससे वाहन चालकों को कागजी दस्तावेज साथ रखने की झंझट से काफी राहत मिलती है.
किन परिस्थितियों में वाहन सीज हो सकता है
केवल DigiLocker में दस्तावेज होने या न होने के आधार पर हर मामले में वाहन सीज नहीं किया जाता. यदि वाहन चालक के पास वैध डिजिटल दस्तावेज मौजूद हैं, तो सामान्य जांच के दौरान उन्हें स्वीकार किया जाना चाहिए. हालांकि, यदि दस्तावेज फर्जी हों, एक्सपायर हो चुके हों, स्क्रीनशॉट के रूप में दिखाए जा रहे हों, वाहन किसी अन्य गंभीर कानूनी उल्लंघन में शामिल हो, चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस न हो, या मोटर वाहन अधिनियम के अन्य गंभीर प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाए, तो पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है.
दिल्ली के वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह
राजधानी दिल्ली में रोजाना बड़ी संख्या में ट्रैफिक जांच अभियान चलाए जाते हैं. ऐसे में वाहन चालकों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. DigiLocker या mParivahan ऐप में अपने दस्तावेज पहले से अपडेट रखें. जांच के समय स्क्रीनशॉट नहीं बल्कि ऐप के भीतर मौजूद लाइव दस्तावेज ही दिखाएं. ड्राइविंग लाइसेंस, RC, इंश्योरेंस और PUC की वैधता समय पर जांचते रहें. मोबाइल फोन में पर्याप्त बैटरी रखें ताकि जरूरत पड़ने पर दस्तावेज आसानी से दिखाए जा सकें. साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि ऐप में लॉग-इन करने में कोई तकनीकी परेशानी न हो.























