Video: मेडिकल कॉलेज के वार्ड में चूहों का आतंक, खतरे में मरीजों की जान, शख्स ने बनाया वीडियो
Viral video: उत्तर प्रदेश के गोंडा मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में चूहों का आतंक देखने को मिलता है, जहां वे मरीजों के बेड का सहारा लेकर ऑक्सीजन पाइप पर इधर-उधर घूमते दिखाई पड़ रहे हैं.

Viral video: उत्तर प्रदेश के गोंडा में मौजूद मेडिकल कॉलेज एक बार फिर बेकायदगी को लेकर चर्चे में है. इस बार का मामला हॉस्पिटल की बदहाल सूरत को लेकर साफ-साफ और लापरवाह प्रशासन से जुड़ा है, जहां आर्थो वार्ड में चूहों का सरेआम आतंक देखने को मिल रहा है.
हालत इतनी गंभीर है कि जहां डॉक्टर समय पर वार्ड में नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहीं चूहे बिना डरे मरीजों के बेड, ऑक्सीजन पाइप और फर्श पर दौड़ लगाते हुए दिखाई पड़ रहे हैं, और ये वीडियो काफी तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है.
गोंडा के मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में डाक्टर भले ही देरी से आ रहे हो लेकिन चूहे जल्दी और आराम से दौड़ लगा रहे, ऑक्सीजन पाइप से मरीज के बैड तक आनंद में है। वीडियो वायरल हुई तो डीएम ने मेडिकल प्रशासन को दवा छिड़काव के आदेश दिए है, चूहे मरीजों का खाना खाकर खराब कर दे रहे हैं. pic.twitter.com/qctpGk3noz
— Harish Sharma (@Sharma39Harish) January 14, 2026
आर्थो वार्ड में चूहों का आतंक
आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों के अनुसार, चूहे दिन-दहाड़े वार्ड में घूमते रहते हैं. इस पूरी स्थिति को एक तीमारदार ने मोबाइल फोन में वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया.
वीडियो में साफ-साफ दिख रहा है कि चूहे कई बार मरीज के बेड तक चढ़ जाते हैं और ऑक्सीजन पाइप की मदद से इधर-उधर दौड़ते हुए दिखाई पड़ रहे हैं. मरीजों का यह आरोप है कि हॉस्पिटल की ओर से आने वाला खाना भी चूहा खा लेता है या खराब कर देता है.
डीएम का सख्त एक्शन, लेकिन पहले भी उठ चुके हैं सवाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) ने तुरंत एक्शन लिया और मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सख्त आदेश दिए हैं कि पूरे हॉस्पिटल में तुरंत दवा का छिड़काव किया जाए और चूहों की समस्या का बहुत जल्द ही कोई समाधान निकाला जाए.
साफ-सफाई को दुरुस्त करने और नियमित जांच करने के भी आदेश जारी किए हैं. हालांकि स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि ऐसी घटना पहली बार नहीं है जब मेडिकल कॉलेज की बेकायदगी सामने आई हो.
इससे पहले भी गोंडा मेडिकल कॉलेज में गंदगी, दवाओं की कमी और डॉक्टरों की लापरवाही जैसे कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित रह जाती है.
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