जूते से 'विलेन' की कुटाई! हांगकांग की अनोखी परंपरा, जहां दुश्मन को सबक सिखाने के लिए होती है पिटाई
Hong Kong: हांगकांग में सदियों पुरानी एक अनोखी चीनी लोक परंपरा "दा सिउ यान" में लोग अपनी बुरी किस्मत दूर करने के लिए जूते से 'विलेन' की कुटाई करते हैं. जानें क्या है ये बला.

Hong Kong: हांगकांग में सदियों पुरानी एक अनोखी चीनी लोक परंपरा, जिसे "दुष्ट को मारना" कहा जाता है, आज भी जिज्ञासु पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैहै, खासकर साल के कुछ खास समय में. कैंटोनीज़ में इसे दा सिउ यान कहा जाता है. इस परंपरा में लोग अपनी बुरी किस्मत और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए प्रतीकात्मक रूप से कागज की एक पुतली को पीटते हैं. इसे खासतौर पर साल के कुछ खास समय में किया जाता है, जब लोग इसे भाग्य सुधारने का तरीका मानते हैं.
मुख्य रूप से हांगकांग और ग्वांगडोंग प्रांत में प्रचलित इस परंपरा में लोग कागज की आकृति बनाते हैं जो किसी "खलनायक" का प्रतिनिधित्व करती है. यह कोई परेशान करने वाला सहकर्मी, पूर्व साथी या कोई भी व्यक्ति हो सकता है जिसे दुर्भाग्य लाने वाला माना जाता है.
"Villain hitting" ritual in Hong Kong and Guangdong province pic.twitter.com/udwyO3fBwl
— @ (@anthraxxxx) November 12, 2024
खलनायक को मारने की परंपरा
इसके बाद एक अनुष्ठानकर्ता हानिकारक आत्माओं को भगाने के लिए प्रार्थना करते हुए कागज की मूर्ति को जूते से पीटता है. बाद में मूर्ति को जला दिया जाता है, जो व्यक्ति की समस्याओं के विनाश का प्रतीक है.
To make their adversaries miserable, people in Hong Kong seek help from experts to put a curse on them by a special ritual: Villain-hitting.#hongkong #ritual #tradition #onthisday #Cantonese #hkeye pic.twitter.com/55mvyllmvW
— HKeye (@HKeye_) March 6, 2024
यह अनुष्ठान खासतौर पर जिंग्ज़े के दौरान किया जाता है, जो पारंपरिक चीनी पंचांग के 24 सौर कालखंडों में से एक है और मार्च की शुरुआत में पड़ता है. इसे "कीड़ों का जागरण" भी कहा जाता है और माना जाता है कि यह दिन बुरी शक्तियों और समस्याओं को दूर भगाने के लिए शुभ है.
जिंग्ज़े और सांस्कृतिक महत्व
जिंग्ज़े के दिन कुछ लोग सफेद बाघ को प्रसाद चढ़ाते हैं, जिसे दुर्भाग्य दूर करने वाला प्रतीक माना जाता है. हांगकांग में पेशेवर अनुष्ठानकर्ता अक्सर कैनाल रोड फ्लाईओवर के नीचे इस परंपरा का अभ्यास करते हैं.
यह न केवल आध्यात्मिक अभ्यास है बल्कि पर्यटकों के लिए एक सांस्कृतिक आकर्षण भी बन गया है.
इस तरह, हांगकांग की यह प्रथा लोगों को अपनी कुंठाओं और परेशानियों को प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त करने और बुरी शक्तियों से छुटकारा पाने का अवसर देती है.
Source: IOCL























