8 फीट 10 इंच लंबे बाल! उत्तराखंड की रेणु धरियल ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
रेणु का यह सफर आसान नहीं था, बल्कि इसके पीछे पूरे एक दशक की कड़ी मेहनत और समर्पण छुपा है. उन्होंने साल 2015 से अपने बालों में कैंची नहीं लगाई.

देवभूमि उत्तराखंड की रेणु धरियल ने अपनी घनी और लंबी जुल्फों के दम पर दुनिया भर में भारत का परचम लहरा दिया है. रेणु को आधिकारिक तौर पर जीवित महिलाओं में 'दुनिया के सबसे लंबे बालों' के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से नवाजा गया है. हलद्वानी में उनके बालों का माप लिया गया, जहां उनके बालों की लंबाई 271.50 सेमी (8 फीट 10 इंच) दर्ज की गई. इसके साथ ही उन्होंने 257.33 सेमी के पुराने विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है.
साल 2015 से शुरू हुआ 10 साल का सफर
रेणु का यह सफर आसान नहीं था, बल्कि इसके पीछे पूरे एक दशक की कड़ी मेहनत और समर्पण छुपा है. उन्होंने साल 2015 से अपने बालों में कैंची नहीं लगाई. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से बातचीत के दौरान रेणु ने बताया, "मैं 2015 से लगातार अपने बाल बढ़ा रही हूं. भारतीय संस्कृति में लंबे बालों को अपार सुंदरता और परंपरा का प्रतीक माना जाता है. मुझे इसी परंपरा और भारतीय संस्कृति से लंबे बाल रखने की प्रेरणा मिली."
View this post on Instagram
प्राकृतिक नुस्खे हैं रेणु का असली सीक्रेट
लगभग 9 फीट लंबे बालों की देखभाल करना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है. बालों को धोने, सुखाने और सुलझाने में रोजाना घंटों का समय लगता है. बाजार के केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स पर भरोसा करने के बजाय, रेणु पूरी तरह से प्राकृतिक देखभाल पर निर्भर हैं. वे घर पर बने देसी तेलों और घरेलू शैंपू का इस्तेमाल करती हैं. अपने सोशल मीडिया पेजों के जरिए वे अक्सर अपने फॉलोअर्स के साथ भी इन घरेलू नुस्खों को साझा करती हैं, ताकि लोग बिना केमिकल के प्राकृतिक तरीके से बालों की देखभाल कर सकें.
यह भी पढ़ेंः दिल्ली की बारिश में जूबी डूबी पर थिरकीं हसीनाएं, वीडियो देख बन जाएगा दिन
पूरी दुनिया में मिल रही सराहना, बढ़ाया उत्तराखंड का मान
गिनीज बुक में नाम दर्ज होने के बाद रेणु धरियल न सिर्फ अपने इलाके में बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बन गई हैं. लोग जब भी उन्हें देखते हैं, तो उनके इतने लंबे बालों को देखकर हैरान रह जाते हैं. हालांकि, रेणु इसे सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं मानतीं. उनका कहना है कि यह उनकी संस्कृति, लगन और निरंतरता की जीत है.
रेणु ने कहा, "यदि आपके पास दृढ़ संकल्प है, निरंतरता है और आप अपनी प्राकृतिक सुंदरता व संस्कृति से जुड़े रहते हैं, तो आप किसी भी बड़े मुकाम को हासिल कर सकते हैं." रेणु की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उत्तराखंड का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय परंपरा और प्राकृतिक सुंदरता का लोहा मनवाया है.
यह भी पढ़ेंः मां के दर्द पर रो पड़े आनंद महिंद्रा, स्मृति ईरानी को दिया ये जवाब























