एक्सप्लोरर

क्या स्मार्टग्लास आने के बाद खत्म हो जाएंगे स्मार्टफोन? 2026 में बदलने वाली है टेक्नोलॉजी की पूरी तस्वीर

SmartGlass: कई सालों की रिसर्च और प्रयोगों के बाद अब स्मार्टग्लास को आखिरकार वह पहचान मिलने लगी है जिसका इंतज़ार टेक इंडस्ट्री लंबे समय से कर रही थी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • इन-लेंस डिस्प्ले वाले स्मार्टग्लास बड़े पैमाने पर चुनौतीपूर्ण होंगे।

SmartGlass: कई सालों की रिसर्च और प्रयोगों के बाद अब स्मार्टग्लास को आखिरकार वह पहचान मिलने लगी है जिसका इंतज़ार टेक इंडस्ट्री लंबे समय से कर रही थी. पहले जहां इन्हें एक अजीब गैजेट या फ्यूचर का खिलौना माना जाता था, वहीं अब यूजर्स समझने लगे हैं कि ये डिवाइस रोज़मर्रा की ज़िंदगी को कैसे आसान बना सकते हैं. यही वजह है कि कुछ एक्सपर्ट्स इन्हें अगली बड़ी टेक क्रांति तक कहने लगे हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है क्या स्मार्टग्लास आने वाले समय में स्मार्टफोन को पूरी तरह रिप्लेस कर देंगे या यह सिर्फ एक अनुमान है?

2026 में स्मार्टग्लास होंगे पहले से ज्यादा स्मार्ट

2026 तक स्मार्टग्लास निश्चित रूप से ज्यादा एडवांस हो जाएंगे लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए वे स्मार्टफोन की जगह नहीं ले पाएंगे. आने वाली जेनरेशन के स्मार्टग्लास खासतौर पर छोटे और तुरंत होने वाले कामों में ज्यादा उपयोगी होंगे, जैसे रास्ता दिखाना, भाषा का अनुवाद, मैसेज भेजना या तुरंत फोटो लेना.

हालांकि, ऐप्स चलाने, डिजिटल पेमेंट करने और हैवी कंप्यूटिंग जैसे कामों के लिए स्मार्टफोन अभी भी जरूरी बने रहेंगे. यानी स्मार्टग्लास और फोन का रिश्ता मुकाबले से ज्यादा पूरक जैसा होगा.

क्यों 2026 को माना जा रहा है टर्निंग पॉइंट?

स्मार्टग्लास के विकास में सबसे बड़ा रोल निभा रहा है मल्टीमॉडल AI. यह ऐसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है जो सिर्फ आपकी आवाज़ या टाइप किए गए शब्द ही नहीं, बल्कि आप क्या देख रहे हैं और क्या सुन रहे हैं यह भी समझ सकती है.

Google पहले ही Android XR ग्लास पर Gemini AI की झलक दिखा चुका है, जहां स्मार्टग्लास मैसेज भेजने, रास्ता बताने, फोटो क्लिक करने और लाइव ट्रांसलेशन जैसी सुविधाएं देते नजर आए. खास बात यह है कि अनुवाद रियल टाइम में आपकी आंखों के सामने सबटाइटल्स की तरह दिख सकता है.

Google ने यह भी साफ किया है कि वह 2026 में AI-पावर्ड स्मार्टग्लास लॉन्च करने की तैयारी में है. Google Glass के बाद यह कंपनी की एक नई और ज्यादा परिपक्व कोशिश मानी जा रही है जिसमें बेहतर AI, उन्नत हार्डवेयर और चश्मा बनाने वाली ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप शामिल होगी.

किन कामों में स्मार्टग्लास फोन से बेहतर साबित होंगे?

2026 तक स्मार्टग्लास उन कामों में आगे निकल सकते हैं जहां फोन निकालना झंझट भरा लगता है. नेविगेशन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. आंखों के सामने दिखने वाले दिशा-निर्देश चलते-फिरते बेहद काम के साबित होते हैं. Android XR के डेमो में यह पहले ही दिख चुका है कि बिना फोन हाथ में लिए आसपास की जगहों की जानकारी मिल सकती है.

लाइव ट्रांसलेशन भी स्मार्टग्लास का एक बड़ा हथियार बनने वाला है. जब किसी विदेशी भाषा को तुरंत आपकी आंखों के सामने समझने लायक टेक्स्ट में बदला जाए तो उसका असर फोन स्क्रीन से कहीं ज्यादा प्राकृतिक लगता है.

इसके अलावा कैमरा-बेस्ड कैप्चर में भी स्मार्टग्लास आगे हैं. हाथों को फ्री रखकर फोटो या वीडियो लेना आज की सोशल लाइफ के लिए काफी आकर्षक फीचर बन चुका है. कुल मिलाकर स्मार्टग्लास स्क्रीन टाइम को कम कर सकते हैं क्योंकि छोटे-छोटे काम चेहरे के सामने ही हो जाएंगे. वहीं लंबा पढ़ना, ऑनलाइन शॉपिंग या डॉक्यूमेंट एडिटिंग जैसे काम अब भी फोन या लैपटॉप पर ही बेहतर रहेंगे.

2026 में स्मार्टग्लास के दो बड़े डिजाइन ट्रेंड

2026 में स्मार्टग्लास दो अलग-अलग कैटेगरी में बंटते नजर आ सकते हैं. पहली कैटेगरी होगी बिना डिस्प्ले वाले AI स्मार्टग्लास. इनमें स्क्रीन नहीं होगी लेकिन ऑडियो, वॉयस कमांड और कैमरा के जरिए AI असिस्टेंस मिलेगी. ये मौजूदा स्मार्टग्लास से मिलते-जुलते होंगे, लेकिन ज्यादा समझदार होंगे.

दूसरी कैटेगरी होगी इन-लेंस डिस्प्ले वाले स्मार्टग्लास. इनमें आंखों के सामने हल्का-सा हेड्स-अप डिस्प्ले होगा जो नोटिफिकेशन, दिशा और सबटाइटल दिखाएगा. हालांकि, इन्हें बड़े पैमाने पर लाना चुनौती भरा होगा क्योंकि लागत, बैटरी, गर्मी और आराम जैसी समस्याएं जुड़ी हैं.

स्मार्टफोन अभी क्यों नहीं होंगे गायब?

स्मार्टग्लास कितने भी एडवांस क्यों न हो जाएं, स्मार्टफोन की कुछ बुनियादी ताकतें बनी रहेंगी. ज्यादातर ऐप्स आज भी फोन स्क्रीन और कीबोर्ड को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं. बैंकिंग, फॉर्म भरना या लंबा मैसेज लिखना आवाज़ से करना अभी भी आसान नहीं है.

इसके अलावा बैटरी और आराम भी बड़ा मुद्दा है. चश्मे को हल्का और पूरे दिन पहनने लायक रखना जरूरी होता है जिससे बैटरी और प्रोसेसिंग की सीमा तय हो जाती है. प्राइवेसी भी एक अहम चिंता है. हमेशा ऑन रहने वाला कैमरा कई जगहों पर असहज स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे स्मार्टग्लास को अपनाने में लोग हिचकिचाते हैं.

यह भी पढ़ें:

सर्दियों में रूम हीटर बन सकता है खतरा! एक छोटी लापरवाही और लग सकती है आग, अभी जानिए क्या नहीं करना चाहिए

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कंप्यूटर चलाने वाले एआई एजेंट कर रहे हैं खतरनाक गलतियां, नई रिसर्च में हुआ डराने वाला खुलासा
कंप्यूटर चलाने वाले एआई एजेंट कर रहे हैं खतरनाक गलतियां, नई रिसर्च में हुआ डराने वाला खुलासा
Window AC vs Desert Air Cooler: कौन-सा खाता है ज्यादा बिजली और किसे खरीदना है फायदे का सौदा? यहां समझें
Window AC vs Desert Air Cooler: कौन-सा खाता है ज्यादा बिजली और किसे खरीदना है फायदे का सौदा? यहां समझें
Cockroach Janta Party: X पर Withheld और Suspend में क्या होता है अंतर, कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ रहा इसका कनेक्शन?
X पर Withheld और Suspend में क्या होता है अंतर, कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ रहा इसका कनेक्शन?
Cockroach Janata Party: कॉकरोच इज बैक... पहले अकाउंट पर रोक के बाद की दमदार वापसी, 1 घंटे में 25 हजार फॉलोअर्स
कॉकरोच इज बैक... पहले अकाउंट पर रोक के बाद की दमदार वापसी, 1 घंटे में 25 हजार फॉलोअर्स

वीडियोज

“Bandar” trailer देख fans को भूल गया “Animal”, Bobby Deol की acting की हो रही तारीफ
Honda अब वापस आ गई with new City, EV and sub 4m SUV | #honda #hondacity #autolive
Petrol-Diesel छोड़ो! ये हैं 2025-26 की सबसे Affordable EV और CNG Cars | #evindia #autolive
EV Revolution in India! पेट्रोल छोड़ अब Electric Cars की तरफ भाग रहे लोग | #evrevolution #autolive
Best EVs to shift from a petrol car: Windsor, Harrier EV, XEV 9s etc | #evindia #windsor #autolive

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बीजेपी कितने साल बाद सत्ता से बाहर हो जाएगी? एक्सिस माय इंडिया फाउंडर प्रदीप गुप्ता की बड़ी भविष्यवाणी
बीजेपी कितने साल बाद सत्ता से बाहर हो जाएगी? एक्सिस माय इंडिया फाउंडर प्रदीप गुप्ता की बड़ी भविष्यवाणी
'केवल गाय को गुड़-रोटी खिलाने से कोई गौभक्त नहीं बन जाता', शंकराचार्य का CM योगी पर निशाना
'केवल गाय को गुड़-रोटी खिलाने से कोई गौभक्त नहीं बन जाता', शंकराचार्य का CM योगी पर निशाना
फाल्टा सीट पर री-पोलिंग पूर्ण, 87.73 प्रतिशत हुई वोटिंग, BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने किया जीत का दावा, जानें कब आएंगे नतीजे
फाल्टा सीट पर री-पोलिंग पूर्ण, 87.73 प्रतिशत हुई वोटिंग, BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने किया जीत का दावा, जानें कब आएंगे नतीजे
चेन्नई के खिलाफ शुभमन गिल का खास 'दोहरा शतक', लंबा छक्का लगाकर किया कमाल 
चेन्नई के खिलाफ शुभमन गिल का खास 'दोहरा शतक', लंबा छक्का लगाकर किया कमाल 
Karuppu BO Day 7: सूर्या की 'करुप्पू' ने बॉक्स ऑफिस पर जमाई धाक, 7वें दिन कमाई पहुंची 114 करोड़ के पार
सूर्या की 'करुप्पू' ने बॉक्स ऑफिस पर जमाई धाक, 7वें दिन कमाई पहुंची 114 करोड़ के पार
मेलोडी ही नहीं, पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को दिए कई और यादगार तोहफे
मेलोडी ही नहीं, पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को दिए कई और यादगार तोहफे
कॉकरोच जनता पार्टी के आधे फॉलोअर्स पाकिस्तानी, बीजेपी के इस नेता ने डेटा शेयर कर किया दावा
कॉकरोच जनता पार्टी के आधे फॉलोअर्स पाकिस्तानी, बीजेपी के इस नेता ने डेटा शेयर कर किया दावा
ट्रंप की धमकियों से बेपरवाह ईरान, तेजी से बना रहा ड्रोन का जखीरा, यूएस रिपोर्ट से खुलासा
ट्रंप की धमकियों से बेपरवाह ईरान, तेजी से बना रहा ड्रोन का जखीरा, यूएस रिपोर्ट से खुलासा
Embed widget