WhatsApp पर ये काम कर लिए तो कोई नहीं कर पाएगा हैक, एकदम सेफ रहेंगी आपकी चैट्स
WhatsApp की जरूरत और यूज को देखते हुए स्कैमर्स पर भी इसकी नजर रहती है. इस कारण कंपनी इस ऐप पर कई प्राइवेसी फीचर्स देती है, जिससे यूजर्स डेटा सुरक्षित रहता है.

- सुरक्षित रहें: प्राइवेसी फीचर्स से व्हाट्सऐप पर डेटा सुरक्षित रखें।
- डिसअपीयरिंग मैसेज: सीमित समय के लिए जानकारी शेयर कर सकते हैं।
- टू-स्टेप वेरिफिकेशन: अकाउंट सुरक्षा की अतिरिक्त लेयर को इनेबल करें।
- चैट लॉक: फोन से अपनी चैट्स को निजी बनाए रखें।
- ऑटो डाउनलोड बंद: मैलवेयर से बचने के लिए डाउनलोड को नियंत्रित करें।
WhatsApp पर चैटिंग के दौरान यूजर्स अपना पर्सनल डेटा और दूसरी सेंसेटिव जानकारी शेयर करते हैं. इस कारण स्कैमर्स की भी इस पर नजर रहती है और वो लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं. यूजर सेफ्टी के लिए इस ऐप पर कई ऐसे प्राइवेसी फीचर्स दिए गए हैं, जिससे लोगों की बातचीत उनके बीच ही रहती है और उनका डेटा भी पूरी तरह सुरक्षित रहता है. इसलिए इन फीचर्स को इनेबल कर आप टेंशन फ्री होकर व्हाट्सऐप यूज कर सकते हैं.
डिसअपीयरिंग मैसेज का लें सहारा- अगर आप कोई ऐसी इंफोर्मेशन या डेटा शेयर करना चाहते हैं, जिसकी एक बार ही जरूरत है तो आप डिसअपीयरिंग मैसेज भेज सकते हैं. ये मैसेज आपके सेट किए गए टाइम के बाद डिसअपीयर हो जाते हैं और आपको यह चिंता नहीं रहेगी कि भविष्य में कोई इनका गलत उपयोग कर सकता है.
टू-स्टेप वेरिफिकेशन रखें इनेबल- आप सेटिंग में जाकर टू-स्टेप वेरिफिकेशन को इनेबल कर सकते हैं. यह आपके व्हाट्सऐप अकाउंट को सेफ्टी की एक और लेयर देता है और अनअथॉराइज्ड एक्सेस से बचाता है.
चैट लॉक देगा पूरी प्राइवेसी- अगर आप चाहते हैं कि आपके फोन से आपकी चैट्स कोई और न पढ़ पाए तो चैट लॉक का सहारा लिया जा सकता है. यह चैट की प्राइवेसी को मैंटेन करता है. यह उन लोगों के लिए बहुत काम का फीचर है, जो जिनका मोबाइल कई लोग यूज करते हैं.
रीड रिसीट करें डिसेबल- व्हाट्सऐप पर जब आप कोई मैसेज पढ़ लेते हैं तो मैसेज भेजने वाले को उस पर दो ब्लू टिक दिखाई देती हैं. इसे रीड रिसीट कहा जाता है. आप चाहें तो सेटिंग में जाकर इसे डिसेबल कर सकते हैं. इससे व्हाट्सऐप पर आपकी एक्टिविटी को ट्रैक करना मुश्किल हो जाएगा.
ऑटोमैटिक डाउनलोड को करें बंद- कई लोग व्हाट्सऐप पर ऑटोमैटिक डाउनलोड इनेबल कर देते हैं. ऐसे में मैसेज में आई हर अटैचमेंट फोन में डाउनलोड हो जाती है. कई बार इसमें मालवेयर वाली फाइल्स भी डाउनलोड हो सकती है. इसलिए ऑटोमैटिक डाउनलोड को बंद करें और केवल भरोसेमंद लोगों से आई फाइल्स को ही ओपन कर डाउनलोड करें.
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Source: IOCL



























