Google Maps और Earth में क्या है फर्क? जानें क्या है दोनों की टेक्नोलॉजी
Google Maps और Google Earth दोनों Google की मैपिंग सर्विस हैं लेकिन इनके काम और टेक्नोलॉजी में बड़ा फर्क है. जानें कौन सा प्लेटफॉर्म किस काम आता है.

Google Maps और Google Earth दोनों ही Google के फेमश मैपिंग प्लेटफॉर्म हैं. दोनों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की फोटोज, जगहों की जानकारी और Street View जैसे फीचर्स मिलते हैं. यही वजह है कि कई लोगों को लगता है कि दोनों एक ही काम करते हैं. हालांकि, इनका इस्तेमाल करने का तरीका और मकसद काफी अलग है. Google Maps को मुख्य रूप से रोजमर्रा की नेविगेशन और जगह खोजने के लिए बनाया गया है जबकि Google Earth दुनिया को एक्सप्लोर करने और जियोग्रॉफिकल जानकारी को ज्यादा डिटेल से देखने पर फोकस करता है.
Google Maps को अगर आप रोजाना इस्तेमाल करते हैं तो इसका सबसे बड़ा फायदा नेविगेशन है. इसमें किसी जगह का पता खोजने, कार या बाइक से रास्ता देखने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जानकारी लेने जैसे ऑप्शन मिलते हैं. ऐप ट्रैफिक की कंडिशन, टोल और कई दूसरी ट्रैवल संबंधी जानकारियां भी दिखाता है. इसके अलावा इसमें दुकानों, रेस्टोरेंट, होटल और दूसरी जगहों की लिस्टिंग, रिव्यू और दूसरी जरूरी जानकारी भी मिलती है. यानी अगर आपको घर से किसी नए शहर में जाना है या आसपास कोई रेस्टोरेंट ढूंढना है तो Google Maps ज्यादा बेहतरीन ऑप्शन माना जाता है.
Google Earth क्यों है अलग?
आपको बता दें कि Google Earth का एक्सपीरिएंस थोड़ा अलग है. यह आपको पूरी पृथ्वी को एक इंटरैक्टिव 3D ग्लोब की तरह देखने देता है. यूजर किसी इलाके को ऊपर से देखने के साथ-साथ जमीन की बनावट, पहाड़ों और चुनिंदा शहरों में 3D इमारतों को भी देख सकता है. Google के मुताबिक Earth में सैटेलाइट और एरियल इमेजरी, 3D टोपोग्राफी, भौगोलिक डेटा और Street View को एक साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.
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इस वजह से Google Earth का इस्तेमाल सिर्फ घूमने-फिरने के लिए नहीं बल्कि रिसर्च, शिक्षा, प्लानिंग और दूसरे प्रोफेशनल कामों में भी किया जाता है.
पुरानी तस्वीरें देखने में Earth आगे
दोनों सर्विसेज के बीच एक बड़ा अंतर पुरानी इमेजरी का है. Google Earth में Historical Imagery के जरिए किसी जगह की उपलब्ध पुरानी सैटेलाइट या एरियल फोटोड को देखा जाता है. Google ने Earth में ऐतिहासिक इमेजरी को वेब और मोबाइल पर भी उपलब्ध कराया है.
इसके अलावा अब Google Earth में Historical Street View भी उपलब्ध है. इससे सपोर्टेड जगहों पर अलग-अलग समय की सड़क-लेवल की फोटोज देखकर यह समझा जा सकता है कि कोई इलाका वर्षों में कैसे बदला.
क्या Google Earth में लाइव तस्वीरें दिखती हैं?
यह एक आम गलतफहमी है. Google Earth पर दिखाई जाने वाली सैटेलाइट या एरियल तस्वीरें लाइव नहीं होतीं हैं. Google के अनुसार इमेजरी अलग-अलग समय पर कलेक्ट की जाती है और कई फोटोज को मिलाकर मोजेक तैयार किया जाता है. इसलिए किसी जगह में अभी हुए बदलाव तुरंत Earth पर दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है.
किसके लिए कौन सा ऐप बेहतर?
अगर आपका काम रास्ता ढूंढना, ट्रैफिक देखना, दुकान या रेस्टोरेंट खोजना और रोजाना सफर करना है तो Google Maps ज्यादा फायदेमंद साबित होता है. वहीं अगर आप किसी जगह को 3D में एक्सप्लोर करना चाहते हैं, पुरानी सैटेलाइट फोटोज देखना चाहते हैं या किसी इलाके में समय के साथ हुए बदलाव को समझना चाहते हैं तो Google Earth ज्यादा काम आ सकता है.
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