किस टेक्नोलॉजी पर काम करता है Community Solar?
Community Solar Photovoltaic (PV) Solar Technology पर काम करता है. सोलर पैनल में मौजूद फोटोवोल्टिक सेल सूरज की रोशनी को डॉयरेक्ट DC बिजली में कनवर्ट करता है.

- इससे घर पर सोलर पैनल लगाने की कोई ज़रूरत नहीं होती।
Community Solar: आज के समय में सोलर एनर्जी को बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए एक बेहतर ऑप्शन के रूप में देखा जा रहा है. जहां एक तरह बढ़ते बिजली बिल से लोग परेशान हो रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ सोलर एनर्जी लोगों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन के रूप में सामने आया है. लेकिन हर व्यक्ति के घर की छत इतनी बड़ी नहीं होती कि वहां सोलर पैनल लगाए जा सकें. ऐसे में Community Solar एक ऐसा मॉडल है जिसमें कई लोग मिलकर एक बड़े सोलर प्रोजेक्ट से बिजली की सप्लाई लेते हैं. आइए जानते हैं कैसे काम करता है ये मॉडल.
क्या है Community Solar?
जानकारी के मुताबिक, Community Solar एक ऐसी व्यवस्था है जहां एक जगह पर बड़ी संख्या में Solar Panels लगाए जाते हैं और इनसे पैदा होने वाली बिजली का लाभ कई घरों, दुकानों या दूसरे लोग उठाते हैं. इस मॉडल में लोग सोलर पूरे प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी ले सकते हैं या बिजली सप्लाई के लिए पेमेंट कर सकते हैं. इसका मतलब साफ है कि सोलर पैनल आपकी छत पर न होकर किसी शेयर्ड सोलर फार्म या बड़े प्रोजेक्ट में लगे होते हैं.
किस टेक्नोलॉजी पर काम करता है?
दरअसल, Community Solar Photovoltaic (PV) Solar Technology पर काम करता है. सोलर पैनल में मौजूद फोटोवोल्टिक सेल सूरज की रोशनी को डॉयरेक्ट DC बिजली में कनवर्ट करता है. इसके बाद ये बिजली Inverter तक पहुंचती है. इन्वर्टर DC बिजली को AC बिजली में बदलता है ताकि इसे नॉर्मल बिजली नेटवर्क और घर में इस्तेमाल किया जा सके. पूरे सिस्टम में सोलर पैनल, इन्वर्टर, मीटर, ट्रांसफॉर्मर और ग्रिड कनेक्शन जैसे डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है.
सूरज की रोशनी से घर तक कैसे पहुंचती है बिजली?
बता दें कि जब सोलर पैनल पर सूर्य की रोशनी पड़ती है तो पैनल बिजली पैदा करते हैं. ये बिजली पहले सिस्टम के इलेक्ट्रिकल डिवाइसों से होकर गुजरती है और फिर ग्रिड से कनेक्ट होती है.
Community Solar प्रोजेक्ट में पैदा होने वाली बिजली को लोकल बिजली ग्रिड में भेजा जाता है. इसके बाद जिसे जहां बिजली की सप्लाई चाहिए होती है वहां उसे सप्लाई किया जाता है. हालांकि इसका तरीका अलग-अलग जगहों के नियम और बिजली डिस्ट्रीब्यूशन निययों पर भी निर्भर करता है.
घर पर पैनल लगाने की जरूरत नहीं
दरअसल, इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत ये है कि आपको घर में बिजली की सप्लाई के लिए अपनी छत पर किसी भी तरह के सोलर पैनल को लगवाने की जरूरत नहीं पड़ती है. ऐसे में ये मॉडल उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है जिन लोगों के घर की छत काफी छोटी है या फिर जहां पर सूरज की रौशनी न के बराबर आती है.
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