क्या इंटरनेट चलाते समय एक्सेप्ट करनी चाहिए Cookies? ये बात जान ली तो हमेशा आएगी काम
Website Cookies: अलग-अलग वेबसाइट लैंग्वेज, प्रेफरेंस और दूसरी सेटिंग स्टोर करने के लिए Cookies यूज करती हैं. अगर आपको प्राइवेसी की चिंता है तो इन्हें एक्सेप्ट करते समय सावधानी बरतनी चाहिए.

- ज़रूरी कुकीज स्वीकार करना या सेटिंग्स मैनेज करना एक विकल्प है।
Website Cookies: जब भी आप कोई वेबसाइट ओपन करते हैं, एक Cookie पॉप-अप आता है. इस पर मोस्टली एक्सेप्ट या रिजेक्ट का ऑप्शन होता है. ज्यादातर लोग बिना देखे ही Website Cookies एक्सेप्ट कर लेते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो बता दें कि ऐसा करने से आपकी प्राइवेसी पर असर पड़ता है. Cookies को एक्सेप्ट करने से वेबसाइट को डेटा कलेक्ट करने की परमिशन मिल जाती है. इसके बाद वेबसाइट आपका डेटा स्टोर कर सकती है. इसलिए अगर आप प्राइवेसी और डेटा सेफ्टी को लेकर चिंतित हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए.
क्या होती हैं Cookies?
Cookies ऐसी छोटी डेटा फाइल्स होती हैं, जिनकी मदद से वेबसाइट लॉग-इन, सेटिंग और प्रीफरेंसेस को याद रखती हैं. इनमें से कुछ एसेंशियल Cookies होती हैं, जो वेबसाइट के ठीक तरीके से फंक्शन करने के लिए जरूरी होती है. यूजर की लैंग्वेज और रीजन प्रेफरेंस को स्टोर करने के लिए फंक्शनल Cookies होती हैं. यूजर साइट से कैसे इंटरेक्ट करता है, इससे जुड़ा डेटा स्टोर करने का काम एनालिटिकल Cookies का होता है और टारगेटेड एड दिखाने के लिए एडवरटाइजिंग Cookies को यूज किया जाता है.
क्या Cookies एक्सेप्ट करनी चाहिए?
इस सवाल का कोई एक सही जवाब नहीं है. अगर आप एक्सेप्ट कर लेते हैं तो हर बार आपको वेबसाइट पर अपनी प्रेफरेंस और सेटिंग सेट नहीं करनी पड़ेगी. वहीं अगर आप इन्हें रिजेक्ट कर देते हैं तो ट्रैकिंग और प्राइवेसी से जुड़ी चिंता से पीछा छूट जाएगा. इसके बीच का एक आसान तरीका केवल एसेंशियल Cookies को एक्सेप्ट करना हो सकता है. कुछ वेबसाइट पर Cookies सेटिंग मैनेज करने का ऑप्शन भी मिलता है, जिससे आप अपनी जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज कर सकते हैं.
Accept all cookies करने पर क्या होता है?
अगर आप हर वेबसाइट पर Accept all cookies सेलेक्ट कर रहे हैं तो आपको एकदम स्मूद ब्राउजिंग एक्सपीरियंस मिलता है, लेकिन इसके कुछ खतरे भी हैं. इससे आपके ब्राउजिंग बिहेवियर पर नजर रखी जा सकती है. इसके सहारे आपका प्रोफाइल क्रिएट कर टारगेटेड एडवरटाइजमेंट भी दिखाई जा सकती है. यह बात याद रखने वाली है कि Cookies कोई वायरस या मालवेयर नहीं है और ये डायरेक्ट आपके डिवाइस को डैमेज नहीं कर सकती. इनके साथ सिक्योरिटी की नहीं बल्कि प्राइवेसी की चिंता जुड़ी हुई है. अगर Cookies का स्टोर डेटा गलत हाथों में पड़ जाए तो खतरनाक हो सकता है.
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