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सिर्फ साइज ही नहीं, नया टीवी खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखना भी है जरूरी

TV Buying Tips: टीवी कंपनियों के पास हार्डवेयर प्रोग्रेस के नाम पर अब साइज में इजाफे के अलावा बहुत कुछ दिखाने को नहीं बचा है, लेकिन आपको सिर्फ साइज देखकर टीवी नहीं खरीदना चाहिए.

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  • बड़े टीवी आकार के बजाय अन्य फीचर्स भी महत्वपूर्ण हैं।
  • 4K रेजोल्यूशन, OLED/QLED डिस्प्ले, HDR सपोर्ट अवश्य देखें।
  • स्मूद विजुअल्स के लिए 120Hz रिफ्रेश रेट, अच्छी साउंड जरूरी।

TV Buying Tips: बीते कुछ सालों से टीवी स्क्रीन का साइज बढ़ता ही जा रहा है. अब कंपनियां भी इस पर जोर दे रही है और इमर्सिव एक्सपीरियंस के नाम पर लोगों को बड़े साइज वाले Smart TV बेचे जा रहे हैं. असल में जब इमर्सन की बात आती है तो सिर्फ टीवी का साइज ही काफी नहीं होता. इसमें टीवी के कंपोनेंट्स और फीचर का भी अहम योगदान होता है. इसलिए सिर्फ साइज देखकर टीवी खरीदना भारी पड़ सकता है. आज हम आपको बताएंगे कि कंपनियां साइज पर ज्यादा जोर क्यों दे रही हैं और टीवी खरीदते समय किन फीचर्स का ध्यान रखना जरूरी है.

स्क्रीन के साइज पर क्यों दिया जाता है इतना जोर?

अगर टीवी इंडस्ट्री की बात करें तो टेक्नीकल हार्डवेयर को लेकर काम एक जगह थम-सा गया है. पैनल टेक को छोड़ दिया जाए तो किसी भी हार्डवेयर को लेकर एडवांसमेंट नजर नहीं आ रही है. अब नए फीचर्स के नाम पर यूजर को जेमिनी असिस्टेंट जैसे एआई फीचर्स दिए जा रहे हैं, जो कई यूजर्स के लिए ज्यादा मायने नहीं रखते. ऐसे में टीवी की स्क्रीन का साइज बढ़ा देने कुछ नयापन लेकर आता है. यह ऐसा अंतर होता है, जिसे यूजर डायरेक्ट अपनी आंखों से देख सकता है. 4K डिस्प्ले के कारण बड़ी स्क्रीन पर कंटेट देखना स्मूद भी हो गया है.

टीवी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

डिस्प्ले और पैनल टेक्नोलॉजी- बाजार में आपको OLED, QLED और LCD समेत कई तरह की टेक्नोलॉजी वाले टीवी मिल जाएंगे. OLED में परफेक्ट ब्लैक और इन्फाइनाइट कंट्रास्ट मिलता है, वहीं LCD एक बजट फ्रैंडली ऑप्शन है, जो छोटी स्क्रीन के लिए सही माना जाता है.

रेज्यॉल्यूशन और पिक्चर क्वालिटी- बेस्ट व्यूइंक एक्सपीरियंस के लिए हमेशा 4K Ultra HD (3840 × 2160) को ही चुनें. 4K क्वालिटी अब स्टैंडर्ड बन चुकी है और इसमें बेहतर डिटेल्स नजर आती है. इस तरह हाई डायनामिक रेंज का भी ध्यान रखें और HDR10+ या Dolby Vision support वाले मॉडल को ही चुनें. HDR के कारण ओवरऑल पिक्चर क्वालिटी बेहतर होती है.

रिफ्रेश रेट- ज्यादा रिफ्रेश रेट का मतलब है कि ज्यादा स्मूद विजुअल्स. स्टैंडर्ड व्यूइंग, स्ट्रीमिंग और गेमिंग के लिए 60Hz रिफ्रेश रेट पर्याप्त है, लेकिन अगर आपको स्मूद मोशन चाहिए और स्पोर्ट्स या गेमिंग के शौकीन हैं तो 120Hz रिफ्रेश रेट वाला मॉडल चुनें. गेमिंग के लिए HDMI 2.1, ALLM और VRR जैसे फीचर्स को भी कंसीडर किया जा सकता है.

साउंड क्वालिटी- स्मार्ट टीवी से बेस्ट एक्सपीरियंस के लिए साउंडबार या म्यूजिक सिस्टम की जरूरत पड़ती है, लेकिन फिर भी कोशिश करें कि आप जो मॉडल खरीद रहे हैं उसकी मिनिमम साउंड आउटपुट 20W-40W तक हो. अगर इसमें Dolby Atmos सपोर्ट मिल जाए तो यह आपको इमर्सिव साउंड एक्सपीरियंस देने में मदद कर सकता है.

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

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