Spam Calls पर TRAI का शिकंजा, AI बताएगा कौन कर रहा स्पैम?
TRAI ने स्पैम कॉल पर नए नियम लागू किए हैं. अब AI संदिग्ध नंबरों की पहचान करेगा. रोबो कॉल पर 5 पैसे प्रति मिनट तक चार्ज लगेगा और बार-बार स्पैम करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.

फोन उठाते ही रिकॉर्डेड आवाज सुनाई देना -बार-बार आने वाली स्पैम कॉल और फर्जी नंबरों से परेशान लोगों के लिए टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने नियम और कड़े किए हैं. नए नियमों में रोबो कॉल पर टेलीकॉम कंपनियों के बीच चार्ज लगाने, AI की मदद से स्पैमर की पहचान करने और स्पैम रिपोर्ट करने वाले ऐप्स के लिए नए नियम तय किए गए हैं.
रोबो कॉल करने पर लगेगा 5 पैसे प्रति मिनट तक चार्ज
अब कंपनियों को ऑटोमैटिक या AI से की जाने वाली कॉल की जानकारी पहले अपनी टेलीकॉम कंपनी को देनी होगी. बिना जानकारी दिए ऐसी कॉल करने पर उसे स्पैम माना जा सकता है.
अगर ऐसी कॉल किसी दूसरी कंपनी के नेटवर्क के ग्राहक तक पहुंचती है तो कॉल पाने वाली टेलीकॉम कंपनी, कॉल भेजने वाली कंपनी से 5 पैसे प्रति मिनट तक चार्ज ले सकती है. यह चार्ज आम मोबाइल ग्राहक से नहीं लिया जाएगा.
हालांकि 140, 1600 और 1601 जैसी तय नंबर सीरीज से होने वाली कॉल पर यह चार्ज लागू नहीं होगा.
AI बताएगा कौन कर रहा है स्पैम
TRAI ने स्पैम पकड़ने के लिए AI के इस्तेमाल को भी नियमों में शामिल किया है. अगर AI सिस्टम किसी नंबर को संदिग्ध स्पैमर मानता है तो इसकी जानकारी टेलीकॉम कंपनी को भेजी जाएगी. इसके बाद उसी व्यक्ति या कंपनी से जुड़े दूसरे नंबरों की भी जांच हो सकेगी.
अगर 10 दिन में किसी के पांच या उससे ज्यादा नंबर स्पैम गतिविधि में पकड़े जाते हैं तो उसकी KYC दोबारा जांची जा सकती है. जरूरत पड़ने पर घर या ऑफिस जाकर भी जांच होगी. गड़बड़ी मिलने पर सभी नंबरों की आउटगोइंग सेवा 15 दिन तक बंद की जा सकती है.
गलती से स्पैम चिन्हित होने वाले नंबर के लिए अपनी बात रखने और जांच के बाद स्पैम सूची से हटने का रास्ता भी रखा गया है.
स्पैम की शिकायत पर भी होगी सख्ती
नए नियमों में शिकायत के आधार पर कार्रवाई का रास्ता भी आसान किया गया है. अगर किसी नंबर के खिलाफ तीन शिकायतें आती हैं और AI भी उसे स्पैमर मानता है तो कार्रवाई की जा सकती है. पुराने पांच शिकायत वाले नियम को भी जारी रखा गया है.
बार-बार स्पैम गतिविधि में पकड़े जाने पर सभी नंबर एक साल तक बंद किए जा सकते हैं और संबंधित व्यक्ति या संस्था को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है.
स्पैम बताने वाले ऐप्स को भी नियम मानने होंगे
TRAI ने स्पैम पहचानने और ब्लॉक करने वाले कॉल मैनेजमेंट ऐप्स के लिए भी नियम बनाए हैं. ऐसे ऐप सरकारी या TRAI की तय नंबर सीरीज से आने वाली हर कॉल को अपने स्तर पर स्पैम नहीं बता सकेंगे.
इसके अलावा ऐप में मौजूद 'Report Spam' सुविधा तभी मान्य होगी, जब उसकी शिकायत टेलीकॉम कंपनियों के DLT सिस्टम तक पहुंचे. यानी सिर्फ ऐप पर शिकायत करने से बात खत्म नहीं होगी शिकायत कार्रवाई वाले सिस्टम तक भी पहुंचनी जरूरी होगी.
DND की सेटिंग में भी बदलाव
जिन लोगों ने 1909 के जरिए FULLY BLOCK विकल्प चुना है उनकी सेटिंग में भी बदलाव होगा. इसे BLOCK PROMO में बदला जाएगा. इससे प्रचार वाली कॉल और मैसेज बंद रहेंगे लेकिन OTP, बैंक अलर्ट, डिलीवरी अपडेट, फ्लाइट की जानकारी और जरूरी सरकारी संदेश मिलते रहेंगे.
पूरी तरह प्रचार वाले संदेश रोकने के लिए 1909 के जरिए BLOCK PROMO का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकेगा.
कंपनी का नाम इस्तेमाल कर भेजे फर्जी मैसेज तो कार्रवाई
अगर कोई ठग बैंक या कंपनी के नाम वाले Sender ID का गलत इस्तेमाल करता है तो उसे रोकने के लिए भी नया नियम है. ऐसे Sender ID को छह घंटे के अंदर रोका जा सकेगा. जिस कंपनी के नाम का गलत इस्तेमाल हुआ है उसे अपने पासवर्ड और API बदलने के साथ पुलिस में शिकायत भी करनी होगी.
नियम कब लागू होंगे?
TRAI के मुताबिक अलग-अलग प्रावधान अलग समय पर लागू होंगे. ज्यादातर नियम गजट में प्रकाशित होने के 30 दिन बाद लागू होंगे. वहीं रोबो कॉल की जानकारी देने और 5 पैसे प्रति मिनट तक के चार्ज से जुड़े नियम 60 दिन बाद लागू होंगे. AI और शिकायतों को जोड़कर कार्रवाई जैसे कुछ प्रावधान 90 दिन बाद लागू होंगे.
TRAI के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच स्पैम को लेकर 11.49 लाख से ज्यादा शिकायतें मिलीं. अप्रैल में ही स्पैम गतिविधियों से जुड़े 20,591 कनेक्शन काटे गए. नए नियमों का मकसद इसी तरह की फर्जी और परेशान करने वाली कॉल पर लगाम लगाना है.
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