Solar Panel से चाहिए फुल बिजली तो इन तरीकों से करें मेंटीनेंस, किसी भी मौसम में नहीं आएगी दिक्कत
Solar Panel Maintenance: सोलर पैनल सिस्टम का पूरा फायदा उठाने के लिए प्रॉपर मेंटीनेंस जरूरी है. ऐसा न करने पर पैनल की एफिशिएंसी कम हो जाती है और एनर्जी प्रोडक्शन पर असर पड़ता है.

- सोलर पैनल की नियमित सफाई बढ़ाती है दक्षता।
- सिस्टम की जांच करें, परफॉरमेंस की निगरानी करें।
- पेड़-पौधों की छांव से बचाएं, तूफान बाद जांचें।
Solar Panel Maintenance: सोलर पैनल की लाइफ 25-30 साल तक होती है, लेकिन इनकी एफिशिएंसी रेगुलर और सही मेंटीनेंस पर निर्भर करती है. अगर समय पर पैनल की सफाई न की जाए तो इन पर धूल-मिट्टी जम जाती है, जिससे एनर्जी प्रोडक्शन कम होता है. इसलिए रेगुलर मेंटीनेंस न सिर्फ आउटपुट को मैक्सिमम लेवल पर रखती है बल्कि यह पैनल में क्रैक्स और माउंटिंग स्ट्रक्चर और दूसरे मेटल पार्ट्स पर जंग आदि लगने से भी बचा सकती है. आज हम सोलर पैनल की मेंटीनेंस के तरीके लेकर आए हैं, जो हर मौसम में काम आएंगे.
सफाई है सबसे जरूरी
मैक्सिमम एफिशिएंसी के लिए सोलर पैनल की क्लीनिंग सबसे सस्ता लेकिन सबसे दमदार तरीका है. पैनल पर धूल-मिट्टी जमने से एफिशिएंसी में 20-25 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. इसलिए सफाई करते रहे. सफाई करने के लिए आप सादे पानी में माइल्ड डिटर्जेंट का यूज कर सकते हैं. ध्यान रहे कि जिस ब्रश या कपड़े का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह सॉफ्ट होना चाहिए.
सिस्टम की देखरेख है जरूरी
सोलर एनर्जी सिस्टम की संभाल जरूरी है. इससे बड़े नुकसान को समय रहते रोका जा सकता है. इसलिए सिस्टम का फिजिकल इंस्पेक्शन करते रहें और जरूरत पड़ने पर प्रोफेशनल की मदद भी ली जा सकती है. इंस्पेक्शन के दौरान पैनल में क्रैक, हॉटस्पॉट, डिस्क्लरेशन, लूज कनेक्शन, खुली तारों और जंग आदि चीजों पर नजर डालें. अगर कहीं गड़बड़ नजर आ रहे हैं तो उसे रिपेयर करवा लें.
सिस्टम की परफॉर्मेंस को करें मॉनिटर
आजकल सोलर एनर्जी सिस्टम में स्मार्ट मॉनिटरिंग टूल्स मिलते हैं, जो फोन पर ही रियल टाइम डेटा दिखा देते हैं. इस डेटा पर नजर रखें. अगर बिना किसी कारण एनर्जी प्रोडक्शन में कमी आती है तो सिस्टम की जांच करें. इसके अलावा अगर एरर कोड, वॉर्निंग मैसेज या फॉल्ट साइन नजर आ रहा है तो उसे इग्नोर न करें.
छांव से बचाव है जरूरी
अगर सोलर पैनल ऐसी जगह पर लगे हैं, जिसके आसपास पेड़-पौधे हैं तो उनकी ट्रिमिंग जरूरी है. मानसून के सीजन में पेड़-पौधे तेजी से ग्रो होते हैं और उनके पत्ते या शाखाएं पैनल को कवर कर सकती है. अगर पैनल पर थोड़ी भी छांव आती है तो यह एनर्जी प्रोडक्शन पर असल डाल सकती है. इसलिए पेड़-पौधों को ट्रिमिंग कर दें. अगर पैनल पर सूखे पते भी जमा हो गए हैं तो उन्हें हटा दें.
आंधी-तूफान के बाद इंस्पेक्शन जरूर करें
देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान आते रहते हैं. अगर आपके इलाके में आंधी-तूफान या तेज बारिश हुई है तो मौसम साफ होने के बाद माउंटिंग स्ट्रक्चर समेत पूरे सिस्टम का इंस्पेक्शन करें.
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