क्या होती हैं साइलेंट आर्टिफिशियल मसल्स, जो बदल देंगी रोबोट्स की दुनिया?
Silent Artificial Muscles: रिसर्चर की टीम ने इंसानी मसल्स की तरह काम करने वाली आर्टिफिशियल मसल्स तैयार की हैं. ये रोबोट्स के डिजाइन के साथ-साथ उनके काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकती हैं.

- वैज्ञानिकों ने इंसानी मांसपेशियों जैसे लचीले 'साइलेंट आर्टिफिशियल मसल्स' विकसित किए हैं।
- ये मसल्स रोबोट्स को शांत और स्वाभाविक रूप से हिलने-डुलने में मदद करेंगी।
- इन मसल्स में छोटे पंप एकीकृत हैं, जिससे बाहरी पंप की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
- नई मसल्स रोबोट डिजाइन को कॉम्पैक्ट, कुशल बनाएंगी, स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाएंगी।
Silent Artificial Muscles: पिछले कुछ सालों में रोबोटिक्स पर काफी काम हुआ है और अब हमें काफी एडवांस रोबोट देखने को मिल रहे हैं. अब वैज्ञानिकों ने एक और नई खोज की है, जिससे रोबोट्स की दुनिया पूरी तरह बदल सकती है. यह खोज रोबोट के साथ-साथ वीयरेबल डिवाइसेस के लिए भी क्रांतिकारी साबित हो सकती है. दरअसल, MIT मीडिया लैब और इटली की Polytechnic University ने नई तरह की आर्टिफिशियल मसल्स तैयार की हैं. ये मजबूत और फ्लेक्सिबल होने के साथ-साथ इंसानी मसल्स की तरह ही काम करती हैं. इससे रोबोट्स के लिए मूवमेंट करना आसान हो जाएगा.
कैसे क्रांतिकारी साबित हो सकती हैं Silent Artificial Muscles?
नई आर्टिफिशियल मसल्स इंसानी मसल्स में पाए जाने वाले फाइबर जैसी ही हैं. इन्हें रोबोट या डिवाइस के हिसाब से अलग-अलग तरीके से अरैंज किया जा सकता है. साथ ही ये साइलेंट है. इससे रोबोट मूवमेंट करते समय शोर नहीं करेंगे. ये पूरी तरह सॉफ्ट और फ्लेक्सिबल है. इस कारण ये उन डिवाइसेस के लिए फायदेमंद हो सकती है, जिन्हें लोगों के एकदम साथ रहकर काम करना होता है.
कैसे काम करेंगी Silent Artificial Muscles?
रिसर्चर ने इन मसल्स के लिए दो मौजूदा कॉन्सेप्ट को एक ही सिस्टम में कंबाइन कर दिया है. पहले में McKibben actuator नाम की एक सॉफ्ट और ट्यूब जैसी आर्टिफिशियल मसल फ्लूयड पंप करने पर सिकुड़ जाती है. दूसरा इलेक्ट्रोहाइड्रोडायनामिक्स पर बना एक छोटा पंप होता है. यह इलेक्ट्रिक फोर्स को यूज करते हुए फ्लूयड को मूव करता है. रिसर्चर ने इस छोटे पंप को मसल्स फाइबर में ही इंटीग्रेट कर दिया है. इससे एक्सटर्नल पंप की जरूरत खत्म हो गई है. इसके अलावा इसमें भी इंसानी मसल्स की तरह फाइबर जोड़े में काम करते हैं. यानी जब आप अपनी बाजू मोड़ते हैं तो एक मसल सिकुड़ जाती है और दूसरी स्ट्रेच हो जाती है. रिसर्चर ने इसी आइडिया के साथ ये आर्टिफिशियल मसल्स तैयार की हैं.
Silent Artificial Muscles से कैसे बदलेंगी रोबोट्स की दुनिया?
इन नई आर्टिफिशियल मसल्स से रोबोट का डिजाइन चेंज हो सकता है. दरअसल, रोबोट में इलेक्ट्रिक मोटर यूज होती है, जो रोटेशनल मोशन क्रिएट करती है, जिसे स्ट्रेट लाइन मूवमेंट में कन्वर्ट करना पड़ता है. नई आर्टिफिशियल मसल्स के कारण मोशन को कन्वर्ट नहीं करना पड़ेगा. इसके अलावा इन्हें रोबोट की पूरी बॉडी में इंटीग्रेट किया जा सकता है, जिससे डिजाइन ज्यादा कॉम्पैक्ट और एफिशिएंट हो सकेगा. इससे हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग समेत अलग-अलग फील्ड में यूज होने वाले रोबोटिक सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकता है. आर्टिफिशियल मसल्स अभी के सिस्टम में यूज होने वाले भारी हार्डवेयर की जगह ले सकती हैं.
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Source: IOCL


























