WhatsApp पर आ गया बड़ा खतरा, इन यूजर्स को बनाया जा रहा है निशाना
Malware Attack on WhatsApp: अगर आप व्हाट्सऐप के वेब या डेस्कटॉप वर्जन को यूज करते हैं तो सावधान रहने की जरूरत है. इन दिनों एक मालवेयर कैंपेन के जरिए यूजर्स को टारगेट किया जा रहा है.

- वॉट्सऐप वेब/डेस्कटॉप उपयोगकर्ता मैलवेयर हमले के निशाने पर हैं।
- समझौता किए अकाउंट से मैलवेयर दस्तावेज़ जैसी फ़ाइलें भेजते हैं।
- फ़ाइल खुलने पर मैलवेयर डेटा चुराकर डिवाइस हैक हो जाती है।
- सावधानी से फ़ाइलें खोलें, सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेटेड रखें।
Malware Attack on WhatsApp: मेटा के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप को यूज करने वालों पर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है. दरअसल, एक मालवेयर कैंपेन का पता लगाया गया है, जो व्हाट्सऐप के वेब और डेस्कटॉप वर्जन के यूजर्स को टारगेट कर रहा है. साइबर सिक्योरिटी फर्म Kaspersky के मुताबिक, साइबर अपराधी व्हाट्सऐप अकाउंट्स का यूज कर मालवेयर डिस्ट्रीब्यूट कर रहे हैं. अलग-अलग देशों में इसके कई मामले सामने आए हैं और मलेशिया में यूजर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.
WhatsApp पर ऐसे फैलाया जा रहा है मालवेयर
Kaspersky के रिसर्चर का कहना है कि साइबर अटैकर्स मालवेयर फैलाने के लिए कॉम्प्रोमाइज हो चुके व्हाट्सऐप अकाउंट्स को यूज कर रहे हैं. इस अटैक का सबसे बड़ा खतरा यह है कि साइबर अटैकर्स के पास से आई मालवेयर अटैचमेंट यूजर को अपने किसी कॉन्टैक्ट्स के पास से आई फाइल्स के समान लगती है. इन अटैचमेंट को ऐसे नाम दिए गए हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि ये बैंक और अकाउंट स्टेटमेंट जैसे कोई बिजनेस डॉक्यूमेंट हैं. इस कारण यूजर बिना ज्यादा सोच-विचार किए इन पर टैप कर ओपन कर देता है.
फाइल ओपन होते ही हो जाता है कांड
रिसर्चर ने बताया कि इन फाइल्स को ओपन करते ही एक इंफेक्शन चैन शुरू हो जाती है, जो एक्सटर्नल सोर्स से डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल कर देती है. एक बार मालवेयर इंस्टॉल होने के बाद डिवाइस की सारी एक्सेस अटैकर के पास चली जाती है और वह डिवाइस से डेटा और दूसरी इंफोर्मेशन चुरा सकता है. इतना ही नहीं, मालवेयर के जरिए हैकर्स आपके सिस्टम से दूसरे सिस्टम को भी हैक कर सकते हैं.
क्या हैं बचाव के तरीके?
रिसर्चर का कहना है कि मालवेयर फाइल्स को इंग्लिश के अलावा जर्मन, फ्रेंच और पुर्तगाली आदि भाषों में भी नाम दिया गया है. इनमें ऐसे मेटाडेटा और कमेंट इन्क्लुड किए गए हैं, जिससे मलेशियस फाइल्स एकदम असली लगे. मलेशिया के अलावा वियतनाम, ताइवान, सिंगापुर और ब्राजील आदि देशों में भी इस तरह के अटैक से यूजर्स को टारगेट किया जा रहा है. इससे बचने के लिए रिसर्चर ने कुछ तरीके सुझाए हैं-
- व्हाट्सऐप पर रिसीव हुई फाइल को डाउनलोड या ओपन करते समय सावधानी बरतें.
- अगर किसी फाइल के पीछे .vbs, .vbe, .exe, .bat, .cmd, .js और .ps1 जैसी एक्सटेंशन्स हैं तो उसे ओपन न करें. ऐसी फाइल को तभी ओपन करें, जब आपने अपने किसी कॉन्टैक्ट से ऐसी एक्सटेंशन्स वाली फाइल्स मंगवाई हैं.
- व्हाट्सऐप और अपने डिवाइस के सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेटेड रखें.
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