'टीम प्रियंका' से मुक्त हुई UP कांग्रेस! अब राहुल के पसंदीदा नेताओं को मिली कमान
UP Politics: प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम के साथ काम करने वाले छह सचिवों की पूरी टीम बदल दी है. इसे यूपी में टीम 'प्रियंका'(प्रियंका गाँधी) के प्रभाव से मुक्त माना जा रहा है.

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम के साथ काम करने वाले छह सचिवों की पूरी टीम बदल दी है. इसे यूपी में टीम 'प्रियंका'(प्रियंका गांधी) के प्रभाव से मुक्त माना जा रहा है और राहुल गांधी की नई टीम बताई जा रही है. सियासी जानकारों का दावा है कि अब यूपी में राहुल गांधी के पसंदीदा नेताओं को आगे किया जा रहा है.
दरअसल, गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निर्देश और महासचिव केसी वेणुगोपाल के आदेश पर तत्काल प्रभाव से नए सचिवों को नियुक्त करने के आदेश दिए गए हैं. ये सभी अब राजेन्द्र पाल गौतम के साथ काम करेंगे.
यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा! खाई में गिरी बोलेरो, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत
सामाजिक न्याय को दिया गया महत्व
नई टीम में सामाजिक न्याय के समीकरण को ध्यान में रखा गया है और हर वर्ग को जगह दी गयी है. नए पदाधिकारियों में निम्न शामिल हैं.
अभिषेक दत्त
कुणाल चौधरी
जगदीश चंद्र जांगिड़
संजीव आर्य
वरुण चौधरी
अब्दुल हन्नान
पार्टी ने पिछले सचिवों के योगदान को भी सराहा है. इसमें जो लोग अभी तक काम काज देख रहे थे. उनमें धीरज गुर्जर,नीलांशु चतुर्वेदी, राजेश तिवारी , सत्यनारायण पटेल ,तौकीर आलम शामिल हैं.
2027 चुनाव की रणनीति हुई तेज
कांग्रेस का फोकस अब 2027 चुनाव पर है जिसको लेकर वह लगातार सक्रिय है. यूपी में जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है. और संगठन को नए तरीके से बनाया जा रहा है. जिसमें अब निष्क्रिय और पुराने लोगों को बाहर किया जा रहा है. इसके साथ ही राहुल गाँधी जिस सामाजिक न्याय की बात करते हैं उसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है.
अब कांग्रेस की रणनीति विधानसभा चुनावों में कितनी सफल होगी, लेकिन पार्टी इस बार काफी आक्रामक तरीके से चुनावों में उतरने की योजना पर काम कर रही है. लोकसभा चुनावों में इंडिया गठबंधन को संविधान और सामाजिक न्याय पर वोट भी मिला था और पार्टी उसे बरक़रार रखना चाहती है.
यह भी पढ़ें: बाराबंकी नगर पालिका का 1 करोड़ का टेंडर निरस्त, धांधली के आरोपों पर DM का सख्त फैसला























