India From Ai To Chandrayaan: AI से लेकर चंद्रयान तक, भारत की टेक यात्रा एक नजर में
India From Ai To Chandrayaan: भारत की टेक यात्रा में ISRO के चंद्रयान-3 और IndiaAI मिशन के तहत 38,000 GPU और स्वदेशी AI मॉडल, बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम, ड्रोन टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता शामिल है.

India From Ai To Chandrayaan: कभी टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया से पीछे समझा जाने वाला भारत आज स्पेस मिशन से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक हर फ्रंट पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. चंद्रयान की सफल लैंडिंग से लेकर स्वदेशी AI मॉडल तैयार करने तक, पिछले कुछ सालों में भारत की टेक्नोलॉजी यात्रा ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. 15 अगस्त के मौके पर आइए एक नजर में समझते हैं भारत की टेक्नोलॉजी में कहां तक पहुंच चुकी है, और आगे किन बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है?
ISRO
भारत का स्पेस प्रोग्राम इस वक्त अपने सबसे ताकतवर दौर में है. 2023 में चंद्रयान 3 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग करके इतिहास रच दिया, जिसे नासा जैसी एजेंसी ने भी सराहा. इसके बाद 2024 में स्पैडेक्स मिशन के तहत भारत ने दो सैटेलाइट्स को कक्षा में सफलतापूर्वक डॉक कराया. अब ISRO का फोकस गगनयान मिशन पर है, जिसके जरिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में भेजा जाएगा, वहीं 2035 तक अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाने का लक्ष्य भी तय किया जा चुका है.
AI मिशन
भारत ने अपना AI इकोसिस्टम मजबूत करने के लिए IndiaAI मिशन शुरू किया है, जिसके लिए 10,300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इस मिशन के तहत 38,000 GPU तैनात किए गए हैं, ताकि हाई लेवल कंप्यूटिंग की सुविधा मिल सके. साथ ही भारतजेन जैसे स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल भी तैयार किए जा रहे हैं, जो पूरी तरह भारतीय भाषाओं और जरूरतों के हिसाब से बनाए गए हैं.
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सुपरकंप्यूटिंग
AI और डेटा प्रोसेसिंग की बढ़ती जरूरत को देखते हुए भारत सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी लगातार मजबूत कर रहा है. IndiaAI मिशन के तहत लगाए गए हज़ारों GPU इसी दिशा में एक बड़ा कदम हैं, जिनका इस्तेमाल रिसर्च, हेल्थकेयर और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में एडवांस कंप्यूटिंग के लिए किया जा रहा है.
स्टार्टअप
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम ने भी टेक्नोलॉजी को नई ऊंचाई देने में बड़ा योगदान दिया है. IndiaAI मिशन के तहत खासतौर पर AI स्टार्टअप्स को सपोर्ट देने पर फोकस किया जा रहा है, ताकि भारत स्पेसिफिक ऐप्लिकेशन्स और सॉल्यूशन्स तैयार हो सकें, जो सीधे आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाएं.
ड्रोन
ड्रोन टेक्नोलॉजी भी भारत के टेक सेक्टर में तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है. खेती से लेकर सर्विलांस और डिलीवरी तक, ड्रोन का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, और स्वदेशी ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि इस सेक्टर में भी आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके.
रक्षा तकनीक
रक्षा क्षेत्र में भी भारत लगातार स्वदेशी तकनीक की तरफ बढ़ रहा है. NISAR जैसे संयुक्त मिशन के जरिए भारत और अमेरिका मिलकर पृथ्वी की निगरानी करने वाली एडवांस सैटेलाइट तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिससे भूकंप, बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं की सटीक जानकारी मिल सकेगी.
भविष्य की योजनाएं
आने वाले सालों में भारत की योजनाएं और भी बड़ी हैं. चंद्रयान 4 मिशन के तहत सटीक लैंडिंग और डॉकिंग सिस्टम पर काम चल रहा है, वहीं 2040 तक स्पेस सेक्टर के लिए पूरा रोडमैप तैयार किया जा चुका है, जिसमें चांद पर भारतीयों को उतारने का लक्ष्य भी शामिल है.
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