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चांद की बर्फ और क्रेटर मैप करेगा IBM-NASA का AI, जानें कैसे?

NASA और IBM ने एक ऐसा ओपन-सोर्स AI मॉडल पेश किया है,जो चांद की सतह से जुड़े अलग-अलग तरह के डेटा को एक साथ समझने में वैज्ञानिकों की मदद करेगा. जानिए यह मॉडल क्या है.

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  • आर्टेमिस मिशनों हेतु चंद्र सतह समझने में सहायक होगा.

चांद को समझने की कोशिश अब सिर्फ फोटो और पुराने मेप्स तक सीमित नहीं रहेगी. वैज्ञानिकों के पास चांद से जुड़ा दशकों का डेटा मौजूद है, लेकिन अलग-अलग मिशनों और डिवाइसों से मिले इस डेटा को समझना और उसका इस्तेमाल करना आसान नहीं है. इसी चुनौती को आसान बनाने के लिए IBM और NASA ने एक नया AI मॉडल पेश किया है.

इसे NASA-IBM Lunar Foundation Model नाम दिया गया है. यह एक ओपन-सोर्स AI मॉडल है, जिसे वैज्ञानिक चांद की सतह से जुड़े डेटा का विश्लेषण करने के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे. तो आइए जानते हैंं कि NASA-IBM Lunar Foundation Model कैसे कम करेगा. 

NASA-IBM Lunar Foundation Model कैसे कम करेगा

रिपोर्ट के अनुसार, IBM और NASA ने 10 सितंबर 2026 को इस AI मॉडल को सार्वजनिक किया है. इसे चांद के अध्ययन के लिए तैयार किया गया है और इसकी ट्रेनिंग में NASA के चार मिशनों के नौ डिवाइसों से जुटाए गए डेटा की 30 से ज्यादा लेयर्स का इस्तेमाल हुआ है. इसमें Lunar Reconnaissance Orbiter (LRO) से मिला डेटा भी शामिल है. यह मॉडल IBM और NASA के ओपन फाउंडेशन मॉडल परिवार का हिस्सा है, जिसमें भू-स्थानिक और मौसम से जुड़े मॉडल भी शामिल हैं. 
 
चांद की बर्फ खोजने में मिलेगी मदद

NASA और IBM का यह मॉडल चांद के उन हिस्सों को समझने में मदद कर सकता है, जहां स्थायी रूप से छाया रहती है. वैज्ञानिक इन क्षेत्रों में संभावित बर्फ के भंडार की तलाश कर रहे हैं. चंद्रमा पर मौजूद बर्फ जरूरी मानी जाती है क्योंकि इससे पानी और ऑक्सीजन जैसे संसाधनों तक पहुंच मिल सकती है. फ्यूचर में इन्हीं संसाधनों का इस्तेमाल चांद पर मानव उपस्थिति और मंगल मिशनों के लिए रॉकेट ईंधन तैयार करने में किया जा सकता है. 

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क्रेटर की मैपिंग और लैंडिंग साइट की पहचान

AI मॉडल चांद की सतह पर मौजूद क्रेटर्स की पहचान और मैपिंग में भी मदद कर सकता है. इससे संभावित सुरक्षित लैंडिंग साइट चुनने में वैज्ञानिकों को मदद मिल सकती है. इसके अलावा, मॉडल चांद की ज्वालामुखीय विशेषताओं का अध्ययन करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. NASA और IBM के मुताबिक, बेंचमार्क टेस्ट में इस मॉडल ने चांद की सतह की जरूरी विशेषताओं को आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले मॉडल की तुलना में 23 प्रतिशत ज्यादा सटीकता से पहचाना है. 

2028 के Artemis मिशन के लिए जरूरी 

NASA का Artemis कार्यक्रम 2028 में अंतरिक्ष यात्रियों को फिर से चांद पर भेजने की योजना पर काम कर रहा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य चांद पर लंबे समय तक मानव मौजूदगी के लिए तकनीकों का परीक्षण करना और फ्यूचर के मंगल मिशनों की तैयारी करना है. ऐसे में NASA-IBM Lunar Foundation Model वैज्ञानिकों को चांद की सतह, संभावित बर्फ और क्रेटर्स से जुड़े बड़े डेटा को तेजी से समझने में मदद कर सकता है.

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मानसी उपाध्याय करीब दो साल से डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. फिलहाल वह एबीपी नेटवर्क के टेक सेक्शन में काम कर रही हैं, जहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने के साथ-साथ उनके लिए रिसर्च और कंटेंट तैयार करने की जिम्मेदारी संभालती हैं.

पत्रकारिता में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अक्टूबर 2024 में एबीपी नेटवर्क से इंटर्न के रूप में की. इसके बाद से वह डिजिटल कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं. फीचर, टेक और इंफॉर्मेटिव स्टोरीज लिखने के साथ-साथ उनकी रुचि स्क्रिप्ट राइटिंग, सोशल मीडिया और रिसर्च आधारित कंटेंट तैयार करने में है.

मूल रूप से उत्तराखंड से जुड़ी मानसी ने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स) हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की. वर्तमान में वह राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म कर रही हैं.मानसी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखती हैं.

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