एक्सप्लोरर

Government Data Leak: सरकारी संस्था से डेटा लीक होने पर क्या कानूनी अधिकार, जानें डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियम

Government Data Leak: डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम 2023 भारत का पहला व्यापक डेटा संरक्षण कानून है. इसे अगस्त 2023 में संसद से मंजूरी मिली थी, जबकि इसके नियमों को बाद में अधिसूचित किया गया.

Government Data Leak: सीबीएसई के लाखों छात्रों के लिए शुरू किया गया री-इवैल्यूएशन पोर्टल अचानक चर्चा का विषय बन गया है. दरअसल] सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर सामने आई साइबर सुरक्षा चूक ने लाखों छात्रों और पेरेंट्स के बीच डेटा सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. रिपोर्ट के अनुसार,  पोर्टल के पेमेंट सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी और कथित साइबर हमले के बाद कुछ छात्रों को सिस्टम पर अनधिकृत पहुंच मिल गई थी. इसके चलते कई मामलों में री-इवैल्यूएशन फीस की राशि सामान्य रकम की जगह एक रुपये से लेकर 67 से 68 हजार तक दिखाई देने लगी. मामले के सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री, तकनीकी एक्सपर्ट्स और सरकारी संस्थाओं ने जांच शुरू कर दी है.

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर किसी सरकारी संस्था, बोर्ड, यूनिवर्सिटी या सरकारी पोर्टल से नागरिकों का डेटा लीक हो जाए या डाटा सुरक्षा में चूक हो जाए तो आम लोगों के पास क्या कानूनी अधिकार हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि सरकारी संस्था से डेटा लीक होने पर क्या कानूनी अधिकार है और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियम क्या कहते हैं. 

क्या है डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट?

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम 2023 भारत का पहला व्यापक डेटा संरक्षण कानून है. इसे अगस्त 2023 में संसद से मंजूरी मिली थी, जबकि इसके नियमों को बाद में अधिसूचित किया गया. इस कानून का उद्देश्य नागरिकों के डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी संस्था या कंपनी लोगों की पर्सनल जानकारी का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना न कर सके. मोबाइल नंबर, आधार नंबर, बैंकिंग जानकारी, ईमेल आईडी, ऑनलाइन रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल व्यक्तिगत जानकारियां इस कानून के दायरे में आती है. 

डेटा लीक होने पर नागरिकों को क्या मिलते हैं अधिकार? 

कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को अपने डेटा पर नियंत्रण का अधिकार दिया गया है. यदि किसी सरकारी संस्था, कंपनी या डिजिटल प्लेटफार्म से उसका डेटा लीक होता है तो संबंधित व्यक्ति कई तरह के अधिकारों का इस्तेमाल कर सकता है. नागरिक यह जान सकते हैं कि उनका डेटा किस उद्देश्य से एकत्रित किया गया और उसका इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है. इसके अलावा वे अपने डेटा में सुधार, अपडेट या उसे हटाने की मांग भी कर सकते हैं. किसी डेटा उल्लंघन की स्थिति में प्रभावित लोगों को उसकी जानकारी देना भी संबंधित संस्था की जिम्मेदारी होगी. नियमों के अनुसार, डेटा उल्लंघन होने पर संबंधित संस्था को बिना अनावश्यक देरी के प्रभावित व्यक्तियों को सूचना देनी होगी. सूचना में यह बताना जरूरी होगा कि डेटा लीक कैसे हुआ, उससे क्या संभावित असर पड़ सकता है और  समस्या को दूर करने के लिए कौन से कदम उठाए गए हैं. 

ये भी पढ़ें-QR Code स्कैन करते ही हो सकता है फोन हैक! बचने का सबसे सुरक्षित तरीका जान लें अभी

किन संस्थाओं पर लागू होता है कानून? 

यह कानून सभी संस्थाओं पर लागू होता है जो भारतीय नागरिकों का डिजिटल डाटा एकत्र करती है या उसका उपयोग करती है.  इसमें सरकारी विभाग, बैंक, हॉस्पिटल, एजुकेशन इंस्टीट्यूट, ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, मोबाइल ऐप और प्राइवेट कंपनियां शामिल है. कानून भारत के बाहर मौजूद संगठनों पर भी लागू हो सकता है, जो भारतीय नागरिकों को सेवा प्रदान करते हैं और उनका डेटा प्रोसेस करते हैं. 

डेटा लीक पर कितना लग सकता है जुर्माना?

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटक्शन एक्ट में डेटा सुरक्षा को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं. अगर कोई संस्था डेटा सुरक्षा उपाय लागू करने में विफल रहती है और इसके कारण डेटा उल्लंघन होता है तो उस पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं डेटा उल्लंघन की जानकारी समय पर न देने या बच्चों से संबंधित डेटा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर 200 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सजा का प्रावधान है. अन्य प्रकार के उल्लंघनों के लिए भी भारी जुर्माना का प्रावधान रखा गया है.

ये भी पढ़ें-Mobile Apps That Use Most Data: आपके मोबाइल के ये ऐप खाते हैं सबसे ज्यादा डेटा, इंटरनेट बचाना है तो तुरंत करें ये काम

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Government Data Leak: सरकारी संस्था से डेटा लीक होने पर क्या कानूनी अधिकार, जानें डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियम
सरकारी संस्था से डेटा लीक होने पर क्या कानूनी अधिकार, जानें डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियम
क्या आपके घर या ऑफिस में लगा है ये WiFi CCTV Camera? एक गलती से लीक हो सकता है आपका पूरा पर्सनल डेटा
क्या आपके घर या ऑफिस में लगा है ये WiFi CCTV Camera? एक गलती से लीक हो सकता है आपका पूरा पर्सनल डेटा
QR Code स्कैन करते ही हो सकता है फोन हैक! बचने का सबसे सुरक्षित तरीका जान लें अभी
QR Code स्कैन करते ही हो सकता है फोन हैक! बचने का सबसे सुरक्षित तरीका जान लें अभी
Washing Machine User Manual: ओवरलोड से खराब हो सकती है Washing Machine! एक बार में कितने कपड़े धोना सही?
ओवरलोड से खराब हो सकती है Washing Machine! एक बार में कितने कपड़े धोना सही?
Advertisement

वीडियोज

Weather Update: उत्तर भारत में मौसम का कहर जारी, कई हादसों में मौतें और भारी नुकसान | Breaking News
Ghaziabad Surya Case: इलाके में इंसाफ की मांग हुई तेज| Khora Murder | Breaking News | Latest News
UP Electricity Price Hike: भारी किल्लत के बीच बढ़ी दरें, आपके बिल पर कितना असर पड़ेगा! | Breaking
New Tata Tiago Facelift 2026: Budget Hatchback Segment की Game Changer? #tata #tatatiago #autolive
New Honda City facelift hybrid drive review and mileage | #hondacity #hondacityfacelift #autolive
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से क्यों घबराया तुर्की? ग्रीस संग डील की चर्चा से टेंशन में एर्दोगन, एक्सपर्ट ने खोले राज
भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से क्यों घबराया तुर्की? ग्रीस संग डील की चर्चा से टेंशन में एर्दोगन, एक्सपर्ट ने खोले राज
Maharashtra: 40 डिग्री की तपिश में अनशन पर बैठे मनोज जरांगे, मराठा आरक्षण को लेकर सरकार को दी चुनौती
महाराष्ट्र: 40 डिग्री की तपिश में अनशन पर बैठे मनोज जरांगे, मराठा आरक्षण को लेकर सरकार को दी चुनौती
बूंद-बूंद को तरस गया पाकिस्तान का कराची, पहलगाम आतंकी हमले पर बुरी तरह पछता रहे होंगे आसिम मुनीर!
बूंद-बूंद को तरस गया पाकिस्तान का कराची, पहलगाम आतंकी हमले पर बुरी तरह पछता रहे होंगे आसिम मुनीर!
शुभमन गिल के शतक को सिद्धू मूसेवाला के स्टाइल में किया सेलिब्रेट, ग्राउंड पर भी नाचे पिता, वीडियो वायरल
शुभमन गिल के शतक को सिद्धू मूसेवाला के स्टाइल में किया सेलिब्रेट, ग्राउंड पर भी नाचे पिता, वीडियो वायरल
Upcoming Movies: जून में साउथ फिल्मों का हल्लाबोल, एक्शन मोड में सामंथा तो कुश्ती के मैदान में 'पेड्डी', 'जन नायकन' बनेंगे CM विजय
जून में साउथ फिल्मों का हल्लाबोल, एक्शन मोड में सामंथा तो कुश्ती के मैदान में 'पेड्डी'
ABP इंडिया @2047 कॉन्क्लेव का सजेगा मंच, राजनेता-उद्यमी और फिल्मी सितारों का लगेगा जमावड़ा
ABP इंडिया @2047 कॉन्क्लेव का सजेगा मंच, राजनेता-उद्यमी और फिल्मी सितारों का लगेगा जमावड़ा
महाराष्ट्र जहरीली शराब कांड: 5 पुलिस अधिकारी सस्पेंड, मौत का आंकड़ा 21 पहुंचा
महाराष्ट्र जहरीली शराब कांड: 5 पुलिस अधिकारी सस्पेंड, मौत का आंकड़ा 21 पहुंचा
3900 KM दूर चीन में बैठे डॉक्टर ने कर दी भारत में सर्जरी, हैदराबाद में हुआ ये हैरान कर देने वाला कारनामा, पढ़ें दिलचस्प स्टोरी
3900 KM दूर चीन में बैठे डॉक्टर ने कर दी भारत में सर्जरी, हैदराबाद में हुआ ये हैरान कर देने वाला कारनामा, पढ़ें दिलचस्प स्टोरी
Embed widget