Air Purifier: एयर प्यूरीफायर खरीदने से पहले, जान लें ये 3 जरूरी बातें
Air Purifier: दिवाली के बाद बढ़ते प्रदूषण और जहरीली हवा से बचने के लिए अगर आप भी नया एयर प्यूरीफायर खरीदने जा रहे हैं. तो मशीन घर लाने से पहले इन तीन बातों का रखें ध्यान.

- दिवाली पर बढ़ते प्रदूषण से बचने को एयर प्यूरीफायर ज़रूरी।
- ट्रू HEPA फिल्टर (H13/H14) और मल्टी-लेयर फिल्ट्रेशन ज़रूरी है।
- कमरे के साइज़ अनुसार सही CADR रेटिंग वाला मॉडल चुनें।
- फिल्टर उपलब्धता, कीमत और मशीन की कम आवाज़ देखें।
Air Purifier: दिवाली के त्योहार की आमद लगभग हो चुकी है. अबसे कुछ दिन बाद ही 8 नवंबर को दिवाली का त्योहार है. जहां एक तरफ चारों ओर रोशनी और खुशियों का माहौल होता है. वहीं दूसरी तरफ हवा में बढ़ता प्रदूषण और धुआं लोगों की सेहत के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है. खासतौर पर दिल्ली-NCR और बड़े शहरों में दिवाली के आसपास हवा इतनी जहरीली हो जाती है कि घर के अंदर भी सांस लेना मुश्किल होने लगता है.
ऐसे में अपने परिवार, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को इस जहरीली हवा से बचाने के लिए लोग एयर प्यूरीफायर खरीद रहे हैं. लेकिन अक्सर जानकारी न होने के चलते लोग सिर्फ ब्रांड का नाम और डिस्काउंट देखकर कोई भी मशीन घर ले आते हैं. बाद में पता चलता है कि वह मशीन कमरे की हवा को ठीक से साफ ही नहीं कर पा रही है. अगर आप भी इस सीजन एक नया एयर प्यूरीफायर खरीदने की सोच रहे हैं. तो पैसा खर्च करने से पहले इ तीन जरूरी बातों को जरूर समझ लें.
HEPA फिल्टर और मल्टी-लेयर फिल्ट्रेशन की करें पहचान
किसी भी एयर प्यूरीफायर की जान उसका फिल्टर होता है. बाजार में कई सस्ते प्यूरीफायर मिलते हैं जिन पर HEPA जैसा नाम लिखा होता है. लेकिन वे असल में हवा के बारीक कणों को रोक नहीं पाते. खरीदते समय हमेशा यह चेक करें कि मशीन में ट्रू HEPA फिल्टर लगा हो जो H13 या H14 ग्रेड का होना चाहिए. यही फिल्टर हवा में मौजूद पीएम 2.5, धूल के बेहद बारीक कणों, पराग और बैक्टीरिया को 99.97 प्रतिशत तक साफ करने की ताकत रखता है.
इसके अलावा एक अच्छे एयर प्यूरीफायर में सिर्फ एक नहीं, बल्कि तीन लेयर का फिल्ट्रेशन होना जरूरी है. सबसे बाहर प्री-फिल्टर होता है जो बालों और मोटी धूल को रोकता है. इसके बाद एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर आता है. जो पटाखों के धुएं की बदबू, किचन की गैस और हानिकारक केमिकल्स को सोख लेता है. इसलिए बॉक्स पर फिल्टर की स्पेसिफिकेशन पढ़े बिना कभी खरीदारी न करें.

कमरे के साइज के हिसाब से चुनें सही CADR रेटिंग
अक्सर लोग एक छोटे से एयर प्यूरीफायर को अपने बड़े से ड्राइंग रूम में रख देते हैं और फिर शिकायत करते हैं कि मशीन काम नहीं कर रही. एयर प्यूरीफायर खरीदते वक्त दूसरी सबसे जरूरी चीज होती है उसकी CADR यानी क्लीन एयर डिलीवरी रेटिंग. आसान भाषा में कहें तो यह रेटिंग बताती है कि मशीन कितनी तेजी से आपके कमरे की गंदी हवा को खींचकर साफ हवा बाहर फेंकती है.
नियम एकदम सीधा है आपके कमरे का साइज जितना बड़ा होगा आपको उतनी ही ज्यादा CADR रेटिंग वाला प्यूरीफायर चाहिए होगा. उदाहरण के लिए अगर आपका बेडरूम 200 से 300 स्क्वायर फीट का है. तो कम से कम 300 से 350 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा CADR वाली मशीन ही कामयाब रहेगी. इसके साथ ही ACH यानी एयर चेंज पर आवर भी देखें जो यह बताता है कि प्यूरीफायर एक घंटे में पूरे कमरे की हवा को कितनी बार पूरी तरह बदल सकता है.

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इन बातों का रखें ध्यान
एयर प्यूरीफायर खरीदना सिर्फ एक बार का खर्च नहीं है. बल्कि इसमें हर साल मेंटेनेंस का खर्चा भी जुड़ता है. जैसे RO वाटर प्यूरीफायर का फिल्टर समय-समय पर बदलना पड़ता है. ठीक वैसे ही एयर प्यूरीफायर का फिल्टर भी छह से बारह महीने में खराब हो जाता है. कई कंपनियां शुरुआत में मशीन तो सस्ती बेच देती हैं. लेकिन उनके रिप्लेसमेंट फिल्टर की कीमत 3 से 4 हजार रुपये तक होती है. कई बार तो पुराने मॉडल के फिल्टर बाजार में मिलने ही बंद हो जाते हैं और पूरी मशीन कबाड़ बन जाती है.
इसलिए खरीदने से पहले ऑनलाइन यह जरूर चेक कर लें कि उस मॉडल का नया फिल्टर कितने का आता है और आसानी से उपलब्ध है या नहीं. इसके साथ ही मशीन का नॉइज लेवल भी चेक करें. अगर प्यूरीफायर चलते वक्त कूलर या पंखे की तरह तेज आवाज करेगा तो रात में आपकी नींद खराब हो सकती है. इसलिए स्लीप मोड और शांत मोटर वाला मॉडल ही चुनें.
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