स्मार्टवॉच और दूसरे वीयरेबल डिवाइस का नहीं रहेगा झंझट, नई AI स्किन बनेगी आपकी पर्सनल डॉक्टर
AI Skin Patch: शिकागो यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने एक नया एआई स्किन पैच तैयार किया है, जो हेल्थ डेटा को बॉडी पर ही प्रोसेस कर सकता है. इस स्मार्टवॉच की तरह सर्वर की जरूरत नहीं पड़ती.

- शिकागो विश्वविद्यालय ने AI स्किन पैच विकसित किया, डेटा शरीर पर प्रोसेस होगा।
- यह पैच डेटा तुरंत प्रोसेस करेगा, गंभीर देरी से बचाएगा।
- पैच ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोकेमिकल ट्रांजिस्टर से जानकारी प्रोसेस।
- दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक रोकने में पैच सहायक।
AI Skin Patch: आपके हेल्थ डेटा पर नजर रखने के लिए स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड और स्मार्ट रिंग जैसे डिवाइसेस की जरूरत जल्द ही खत्म हो सकती है. यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के रिसर्चर ने स्किन जैसा दिखने वाला एक कप्यूंटिंग पैच बनाया है, जो एआई की मदद से बॉडी पर ही पूरी डेटा प्रोसेस कर देगा. यानी यह स्मार्टवॉच और दूसरे डिवाइसेस की तरह आपका डेटा सर्वर पर नहीं भेजेगा. आपकी स्किन पर लगा यह पैच डेटा मिलते ही उसी वक्त उसी जगह पर इसे प्रोसेस कर देगा.
AI Skin Patch का क्या फायदा होगा?
अगर स्मार्टवॉट की बात करें तो यह हार्ट रेट और मूवमेंट आदि के डेटा को मॉनिटर कर सकती है, लेकिन डेटा एनालिसिस का पूरा काम सर्वर पर होता है. कई बार जब एक-एक पल महत्वपूर्ण हो जाए, उस स्थिति में यह देरी बहुत बड़ी मुश्किल बन सकती है. ऐसी स्थिति में यह पैच जान बचा सकता है. इसे डेटा प्रोसेस करने के लिए किसी एक्सटर्नल सर्वर की जरूरत नहीं होगी. इस पैच पर कई सालों से काम चल रहा है. रिसर्चर इसे एक ऐसे इंटेलीजेंस डिवाइस के तौर पर डेवलप करना चाहते हैं, जो सीधे बायोलॉजिकल टिश्यू से अटैच हो सके. शुरुआती रिसर्च में यह पता चला कि ऐसा डिवाइस थोड़े ट्रांजिस्टर के साथ काम कर सकता है, लेकिन इसे प्रैक्टिकल यूज के लिए तैयार करना चुनौती बना हुआ था. अब रिसर्चर ने इस चुनौती से पार पा लिया है.
कैसे काम करेगा यह पैच?
रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्चर ने इस नए पैच में ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोकेमिकल ट्रांजिस्टर को यूज किया है. यह कंप्यूटर चिप्स में यूज होने वाले ट्रांजिस्टर से अलग तरीके से काम करात है. यह डिवाइस इलेक्ट्रिक करंट और इलेक्ट्रोलाइट-लेयर में आयन के मूवमेंट्स से इंफोर्मेशन को प्रोसेस कर सकता है. चूंकि इंलेक्ट्रोलाइट इंफोर्मेशन को स्टोर रख सकता है, इसलिए हर ट्रांजिस्ट अपनी मेमोरी के साथ काम करता है. हालांकि, ऐसा डिवाइस तैयार करना काफी मुश्किल भरा काम था, लेकिन रिसर्चर ने अलग-अलग तरीके इस्तेमाल कर इसे एक डिवाइस का रूप दे दिया है.
कहां-कहां हो सकता है यूज?
इस डिवाइस को दिल की बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह अचानक से दिल में पैदा होने वाले इलेक्ट्रिक एक्टिविटी को रोकने में मददगार साबित हो सकता है. अगर इन्हें तुरंत न रोका जाए तो ये एक्टिविटी जानलेवा भी हो सकती हैं. इसी तरह यह ब्लड शुगर, हार्ट रेट और ECG मेजरमेंट के जरिए हार्ट अटैक को रोकने में मददगार साबित हो सकता है.
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