VP Election 2025: NDA के सीपी राधाकृष्णन के खिलाफ INDIA से कौन? सपा ने किया रणनीति का खुलासा!
Vice President Election 2025 India: भारतीय जनता पार्टी नीत NDA ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है वहीं अब चर्चा शुरू हो गई है कि INDIA का कैंडिडेट कौन होगा?

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA ने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन को उम्मीदवार चुना गया है. अब सवाल उठ रहे हैं कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अगुवाई वाले INDIA अलायंस का उम्मीदवार कौन होगा? इन सवालों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है. कन्नौज सांसद ने संसद परिसर ने कहा कि उपराष्ट्रपति पद खाली है तो बनना ही था. एक उपराष्ट्रपति थे वे कहां हैं? नए बन जाएंगे अच्छी बात है. हम क्या फैसला लेंगे वे अलग बात है.'
वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अनुराग भदौरिया ने एनडीए द्वारा महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुने जाने पर कहा, 'उन्होंने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, अब भारतीय गठबंधन भी आगे की रणनीति और किसे चुनना है, इस पर विचार करने के लिए बैठक करेगा. इसकी जानकारी जल्द ही दी जाएगी.'
कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?
उपराष्ट्रपति पद के लिए भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की पहली पसंद बने महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन (67) किशोरावस्था में ही आरएसएस और जनसंघ से जुड़ गए थे. वह 1990 के दशक के अंत में कोयंबटूर से दो बार लोकसभा चुनाव जीते और उनके समर्थक उन्हें ‘तमिलनाडु का मोदी’ कहते हैं. राधाकृष्णन ने 1998 और 1999 में कोयंबटूर लोकसभा सीट से दो बार चुनाव जीता हालांकि इसके बाद उन्हें इस सीट से लगातार तीन बार हार का सामना करना पड़ा.
तमिलनाडु में सभी दलों में उन्हें काफी सम्मान हासिल है और यही वजह है कि भाजपा ने उन्हें कई बार राज्यपाल का पद दिया. एक ओबीसी नेता होने के नाते, उनकी उम्मीदवारी विपक्ष के एक प्रमुख राजनीतिक विमर्श को ‘‘निष्क्रिय’’ करने का भी प्रयास करती है. उन्होंने 31 जुलाई, 2024 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली. इससे पहले, उन्होंने लगभग डेढ़ साल तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया. झारखंड के राज्यपाल के रूप में, उन्हें तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था.
विभिन्न राज्यों में राज्यपाल पद संभालने के बाद भी, वह अक्सर तमिलनाडु का दौरा करते रहे हैं. अपने हालिया तमिलनाडु दौरे के दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में भाग लिया और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से भी मुलाकात की थी.
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