रायबरेली: महिला के साथ दुराचार की घटना पर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया पक्षपात का आरोप
रायबरेली में महिला का साथ दबंग ने मारपीट कर उसके साथ कथित तौर पर दुराचार किया. यही नहीं, महिला इस दौरान गंभीर रूप से घायल हो गई. आरोपी की गिरफ्तारी को लिये ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया.

रायबरेली. रेप पीड़िता के परिजनों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने ऊंचाहार पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया. नारेबाजी करते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय की तरफ कूच किया. गांव वालों का कहना है कि अपराधी को बचाया जा रहा है. हालांकि पुलिस अधीक्षक ने जांच कर सही कार्रवाई करने का ग्रामीणों को आश्वासन दिया. उसके बाद ग्रामीणों ने नारेबाजी व धरना प्रदर्शन बंद किया. आपको बता दें कि ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के निगोहा गांव में बीते दो अक्टूबर को खेत में बलात्कार व मारपीट करने की घटना सामने आई थी.
सैकड़ों ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
लालगंज थाना क्षेत्र के निगोहा गांव के रहने वाले विपत लाल पटेल ने आज सैकड़ों महिलाओं व ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया. धरना प्रदर्शन करते समय आरोप लगाया कि ऊंचाहार पुलिस गैंगस्टर आरोपी पर ही मेहरबान है और जो हमने तहरीर दी थी उसको ऊंचाहार पुलिस बदलवा कर केवल मारपीट के धारा में मुकदमा दर्ज कर इतिश्री कर ली. पीड़िता के पति विपत लाल ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीते 2 अक्टूबर को हमारी पत्नी खेत में चारा काटने गई थी. जहां पर क्षेत्र के दबंग व गैंगस्टर राजेश दुबे पहुंच गया और मेरी पत्नी के ब्लाउज व कपड़े फाड़ कर दुराचार करने लगा, जिस पर मेरी पत्नी ने बीच बचाव करते हुए छुड़ाने का प्रयास करने लगी. उसी वक्त वहां पर मौजूद हसिया मेरी पत्नी के सिर में लग गई. मेरी पत्नी की चीख-पुकार सुनकर कुछ दूर पर चारा काट रही अन्य महिलाओं ने दौड़कर छुड़ाने का प्रयास किया. अपनी ओर आता देख आरोपी दबंग मौके से फरार हो गया. मेरी पत्नी अभी भी अस्पताल में भर्ती है.
ऊंचाहार पुलिस पर गंभीर आरोप
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने ऊंचाहार पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई कर दबंग का साथ देने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहा है और पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है. जिसके बाद उन आंदोलनकारियों को समझाने बुझाने के लिए पुलिस अधीक्षक के पीआरओ धर्मेंद्र दुबे वहां पहुंचे और सही कार्रवाई का आश्वासन देकर पुलिस अधीक्षक से मिलवाने का आश्वासन दिया. इस तरह घंटो चलता रहा प्रदर्शन व आंदोलन पुलिस अधीक्षक के आश्वासन के बाद समाप्त कर ग्रामीण वापस चले तो गए लेकिन साथ ही कार्रवाई ना होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दे गए.
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Source: IOCL
























