वाराणसी में खुलेंगी 356 ग्रामीण लाइब्रेरी, शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण की तरफ सरकार का बड़ा कदम
UP News: वाराणसी जनपद के 356 गांवों में ग्रामीण पुस्तकालय स्थापित किए जा रहे हैं, इन पुस्तकालयों में कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है.

Varanasi News: उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ी पहल कर रही है. इसी कड़ी में वाराणसी जनपद के 356 गांवों में ग्रामीण पुस्तकालय स्थापित किए जा रहे हैं, जो न केवल विद्यार्थियों के लिए अध्ययन का केंद्र बनेंगे, बल्कि ग्रामीणों को डिजिटल संसाधनों और सरकारी योजनाओं की जानकारी से भी जोड़ेंगे. इन पुस्तकालयों में कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है. सरकार की यह निश्चित रूप से विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगी.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 अप्रैल को वाराणी दौरे पर आ रहे हैं. माना जा रहा है कि वाराणसी दौरे के दौरान इन ग्रामीण पुस्तकालयों का लोकार्पण पीएम मोदी कर सकते हैं. यह परियोजना राजा राम मोहन राय फाउंडेशन के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है और इसका संचालन ग्राम पंचायत भवनों से किया जा रहा है. आपको बता दें कि पीएम के दौरे को लेकर वाराणसी प्रशासन तैयारियों में जुटा है.
7.12 करोड़ की लागत से बनेगी लाइब्रेरी
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने बताया कि 7.12 करोड़ रुपये की लागत से इन पुस्तकालयों की स्थापना की जा रही है. प्रत्येक पुस्तकालय में इंटरनेट और कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध है, जिससे विद्यार्थी और ग्रामीण डिजिटल संसाधनों का आसानी से उपयोग कर सकें.
यह पुस्तकालय न केवल शिक्षा बल्कि ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, कृषि, सामुदायिक विकास जैसे विषयों पर आधारित 100 से अधिक पुस्तकों से सुसज्जित हैं. इससे गांव के लोगों को पढ़ाई, जानकारी और तकनीकी सहयोग एक ही जगह पर मिल सकेगा. पुस्तकालयों का संचालन पंचायत भवनों में किया जा रहा है, जहां पंचायत सहायकों को इसकी देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है. वे ग्रामीणों को पुस्तकें उपलब्ध कराने, डिजिटल संसाधनों के प्रयोग में सहयोग देने और पुस्तकालय की समुचित व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेंगे.
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