उत्तराखंड: आपदा पीड़ितों को 98 परिवारों में 5-5 लाख की तत्कालिक राहत, सीएम धामी बोले- पुनर्वास हमारी प्राथमिकता
Uttarkashi disaster: गंगोत्री विधायक सुरेश सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रभावित परिवारों को चेक वितरित किए. सीएम धामी ने कहा कि यह राहत प्रक्रिया का पहला चरण है.

उत्तराखंड में गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के धराली में 5 अगस्त को आई भीषण प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 98 परिवारों को प्रदेश सरकार ने तत्कालिक राहत के रूप में 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है. गंगोत्री विधायक सुरेश सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रभावित परिवारों को चेक वितरित किए. उन्होंने कहा कि इस पहल ने सरकार की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई को दर्शाया है, जिससे पीड़ितों को पुनर्वास की दिशा में प्रारंभिक सहारा मिलेगा.
बता दें कि 5 अगस्त को उत्तरकाशी और पौड़ी जनपदों में भारी बारिश, भूस्खलन और मलबे के प्रवाह ने भारी तबाही मचाई थी. कई परिवारों के घर, होमस्टे, पशुधन और बागान नष्ट हो गए, जिससे उन्हें गंभीर संकट का सामना करना पड़ा. आपदा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और प्रत्येक प्रभावित परिवार को 5 लाख रुपये की तत्कालिक सहायता की घोषणा की.
इस घोषणा को अमल में लाते हुए धराली में 98 परिवारों को राहत राशि के चेक प्रदान किए गए. यह सहायता पीड़ितों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और पुनर्वास की शुरुआत के लिए दी गई है.
राहत का पहला चरण है यह
सीएम धामी ने कहा कि यह राहत प्रक्रिया का पहला चरण है. नुकसान का आकलन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो सात दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. इसके आधार पर दीर्घकालिक पुनर्वास पैकेज तैयार होगा. उन्होंने आगे कहा कि आपदा प्रभावित लोग मेरे परिवार का हिस्सा हैं. हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि प्रभावित जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें.
जनप्रतिनिधियों ने सरकार की तारीफ़ की
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना की. उत्तराखंड सरकार की इस पहल ने आपदा प्रभावितों के बीच विश्वास जगाया है. राहत कार्यों के साथ-साथ सड़क, बुनियादी ढांचे और आजीविका के पुनर्निर्माण पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
Source: IOCL























