23 साल से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे परिवार को BJP ने किया दरकिनार, इसे दिया टिकट
Uttarakhand News: उत्तराखंड में पंचायत चुनाव के जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव होने जा रहा है. इस बीच बीजेपी ने 23 साल से अध्यक्ष पद पर काबिज परिवार से अब किनारा कर लिया है.

उत्तराखंड 12 जनपदों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव होना है. इस चुनाव को लेकर भाजपा ने शुक्रवार देर शाम 8 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की थी. जबकि शनिवार देव शाम 4 अन्य प्रत्याशियों की लिस्ट भी जारी कर दी है.
उधम सिंह नगर जिले में पिछले 23 वर्ष से लगातार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज रहे गंगवार परिवार से भाजपा ने किनारा कर लिया है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बेहद करीबी माने जाने वाले अजय मौर्या को अपना प्रत्याशी बनाया है. देखना होगा कि अब कांग्रेस अपना प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बनाती है या फिर प्रत्याशी ना उतारकर अजय को विजय होने के लिए छोड़ देती है.
इस दिन होगा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन
प्रदेश के 12 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष का नामांकन 11 अगस्त और 14 अगस्त को होना है भाजपा ने शुक्रवार को 8 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, अब बची हुई चार सीट उधम सिंह नगर से अजय मौर्या, चंपावत से आनंद सिंह अधिकारी, रुद्रप्रयाग से पूनम कठैत, टिहरी से सोना सजवाण को अपना प्रत्याशी बनाया है.
जबकि कांग्रेस की तरफ से अभी 12 सीटों में से किसी भी सीट पर प्रत्याशी को नहीं उतारा है. देखना होगा कि 10 तारीख को कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करती है, या फिर भाजपा के खाने में प्रदेश की 12 सीटों को जाने देती है.
इस जिले में 23 साल से एक ही परिवार का अध्यक्ष
वहीं अगर उधम सिंह नगर जिले की बात करें तो यहां 23 सालों से लगातार गंगवार परिवार जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर बना हुआ था, लेकिन इस बार उन्हें भाजपा ने झटका देकर सीएम पुष्कर सिंह धामी के करीबी खटीमा के रहने वाले अजय मौर्या को अपना प्रत्याशी बनाया है. सूत्रों की माने तो अजय भाजपा के 12 सदस्यों के साथ साथ कांग्रेस और निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों के दम पर जादुई आंकड़ा पार कर सकते हैं.
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पिछले 23 वर्षों से काबिज गंगवार परिवार सितारगंज विधानसभा का रहने वाला है जहां से प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा आते हैं. लेकिन पिछले कुछ सालों से दोनों ही नेताओं में टकराव देखने को रहा था, इस त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में टकराव काफी अधिक बढ़ चुका था. 17 भंगा जिला पंचायत सदस्य की सीट से भाजपा ने कोई अधिकृत उम्मीदवार नहीं उतारा था, इसलिए इस सीट से निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार और उनके प्रतिद्वंद्वी शिवांगी गंगवार मैदान में थीं.
बहगुणा परिवार से भारी पड़ी नाराजगी?
कैबिनेट मंत्री बहुगुणा ने निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रतिद्वंद्वी शिवांगी गंगवार के पक्ष में जनसभा को संबोधित किया और उनके पक्ष में मतदान की अपील की. लेकिन बावजूद इसके रेनू को विजय मिलीं और शिवांगी तीसरे स्थान पर थी. रेनू को मिलीं जीत के बाद ये अनुमान लगाया जा रहा था, कि गंगवार परिवार पांचवीं बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज हो जाएंगे.
लेकिन भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा से ठीक कुछ दिनों पहले गंगवार परिवार को टिकट ना मिलने की चर्चाएं तेज हो गई थी. शनिवार देर शाम भाजपा ने उधम सिंह नगर जिले से अजय मौर्या को टिकट देकर गंगवार परिवार को तगड़ा झटका दे दिया है.
2017 में काग्रेंस छोड़ बीजेपी में शामिल हुआ था गंगवार परिवार
वहीं आपकों बता दें गंगवार परिवार 2017 में कांग्रेस से भाजपा में आया था और 2022 के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में चलें गया था. और 2024 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले फिर भाजपा में वापसी कर ली.
लेकिन उस समय कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार के पति एवं पूर्व में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके सुरेश गंगवार का एक वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था इसके बाद ही उन्होंने भाजपा का दामन थामा है.
बीजेपी जिलाध्यक्ष ने क्या कहा?
भाजपा के जिलाध्यक्ष कमल जिंदल ने कहा कि अजय मोर्या पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं उन्हें बूथ स्तर से पार्टी के दो बार पदाधिकारी रहे हैं. ऐसे कार्यकर्ता को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाकर आम कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ाया है. मैं मुख्यमंत्री जी और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं. उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को होने वाले चुनाव में अजय जरूर विजय होगें.
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के भाजपा से उम्मीदवार बने अजय मौर्या ने कहा कि मैं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझ जैसे आम कार्यकर्ता पर विश्वास व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि जीत के बाद से जिले में जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए समाज हित में काम किया जाएगा.
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Source: IOCL






















