उत्तराखंड: 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान में 300 से अधिक शिविरों का आयोजन
Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है. 17 दिसंबर से शुरू हुए इस जनसंपर्क अभियान के महज 23 दिनों में ही सरकार ने जनता तक सीधे पहुंच बनाकर प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी को काफी हद तक कम किया है.
कार्यक्रम के तहत अब तक राज्य के सभी 13 जनपदों में 300 से अधिक शिविरों का आयोजन किया जा चुका है. इन शिविरों का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है. शिविरों में प्रशासनिक अधिकारियों की सीधी मौजूदगी ने जनता को अपनी बात खुलकर रखने का अवसर दिया, जिससे वर्षों से लंबित कई मामलों का समाधान संभव हो सका.
कार्यक्रम में 16 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण
अब तक आयोजित शिविरों में 1,97,522 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की और अपनी शिकायतें, सुझाव व आवश्यकताएं संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखीं. कार्यक्रम के दौरान कुल 22,645 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 16 हजार से अधिक शिकायतों का मौके पर या निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण कर दिया गया है. शेष मामलों पर भी नियमानुसार कार्रवाई जारी है.
प्रमाण पत्रों के लिए लोगों ने किए आवेदन
शिविरों में नागरिकों को विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए 31,070 आवेदन की सुविधा भी मौके पर ही उपलब्ध कराई गई, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर काटने से राहत मिली. इसके अलावा प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से 1,11,326 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया गया. सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता, रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं ने जरूरतमंदों को नया संबल दिया है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार यह अभियान केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने का प्रभावी मंच बन चुका है. सरकार का फोकस जनकेंद्रित शासन और जवाबदेह प्रशासन पर स्पष्ट है.
आगे जारी रहेगा सरकार का यह अभियान
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को आगे भी निरंतर और व्यापक रूप से जारी रखा जाएगा, ताकि प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित हो सके. यह कार्यक्रम उत्तराखंड में पारदर्शी, संवेदनशील और विश्वासपूर्ण शासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























