देहरादूनवासी खुद लिखेंगे जिले का भविष्य, शहर का मास्टर प्लान-2041 किया जा रहा तैयार
Dehraudn Master Plan 2024: मसूरी डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमडीडीए) ने तय किया है कि शहर के हर वार्ड में कैंप लगाए जाएंगे और आम लोगों से सीधे सुझाव लिए जाएंगे.

देहरादून को लेकर एक बड़ी पहल हो रही है. शहर का मास्टर प्लान-2041 तैयार किया जा रहा है और इस बार इसे सिर्फ बंद कमरों में बैठे अफसरों और कंसल्टेंट्स के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा. मसूरी डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमडीडीए) ने तय किया है कि शहर के हर वार्ड में कैंप लगाए जाएंगे और आम लोगों से सीधे सुझाव लिए जाएंगे. यानी इस बार देहरादून का भविष्य देहरादूनवासी खुद लिखेंगे.
शनिवार को एमडीडीए कार्यालय में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में साफ निर्देश दिए गए कि मास्टर प्लान जमीनी जरूरतों के मुताबिक हो, न कि महज एक सरकारी दस्तावेज.
जाम से त्रस्त शहर को चाहिए असली समाधान
देहरादून में ट्रैफिक की समस्या किसी से छुपी नहीं है. सुबह हो या शाम, घंटाघर से लेकर सर्वे चौक तक और आईएसबीटी से रेलवे स्टेशन तक — जाम एक स्थायी मेहमान बन चुका है. मास्टर प्लान में इस समस्या को सबसे ऊपर रखा गया है.
नए कॉरिडोर बनाने, बाईपास विकसित करने और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने और पार्किंग की व्यवस्था सुधारने पर भी जोर दिया जाएगा. अगर ये योजनाएं जमीन पर उतरीं तो शहरवासियों को काफी राहत मिल सकती है.
हरियाली बचाना भी प्राथमिकता
पिछले दो दशकों में देहरादून में जिस तेजी से निर्माण हुआ है, उसमें हरियाली की कीमत चुकानी पड़ी है. पेड़ कटे, हरे-भरे इलाके कंक्रीट में तब्दील हुए और शहर का तापमान साल-दर-साल बढ़ता रहा. मास्टर प्लान में घटते ग्रीन कवर को फिर से बढ़ाने के लिए ठोस प्रावधान किए जाएंगे. साथ ही बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए नई आवासीय योजनाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा, ताकि शहर का विस्तार अनियंत्रित न हो.
मसूरी के लिए अलग प्लान- मॉडल हिल स्टेशन का सपना
इस पूरी कवायद में मसूरी को लेकर एक अलग और महत्वाकांक्षी योजना भी है. पहाड़ की रानी कहलाने वाले इस शहर के लिए अलग मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. इसके लिए सभी संबंधित विभागों से डेटा जुटाया जा रहा है. मसूरी को मॉडल हिल स्टेशन के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है — जहां पर्यटन भी फले-फूले और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे. यह संतुलन बनाना आसान नहीं होगा, लेकिन अगर यह प्लान ईमानदारी से लागू हुआ तो मसूरी की पहचान और निखर सकती है.
हर वार्ड में कैंप- हर नागरिक की सुनी जाएगी बात
सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि एमडीडीए नगर निगम के सभी वार्डों में विशेष कैंप लगाएगा. इन कैंपों में आकर कोई भी नागरिक अपना सुझाव दे सकता है, आपत्ति दर्ज करा सकता है. और यह महज औपचारिकता नहीं होगी — अधिकारियों को निर्देश हैं कि इन सुझावों को मास्टर प्लान में वास्तविक आधार बनाया जाए.
आपत्तियों पर जल्द फैसला
मास्टर प्लान जैसे बड़े काम में आपत्तियां आना स्वाभाविक है. इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है जिसमें एमडीडीए के उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव शामिल होंगे. यह कमेटी तय समय सीमा में सुनवाई करेगी. जटिल और तकनीकी मामलों को जल्दी निपटाने के लिए उपाध्यक्ष को विशेष अधिकार भी दिए गए हैं.
























