चंद्रशेखर आजाद ने की दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का नाम बदलने की मांग, नितिन गडकरी को लिखी चिट्ठी
Delhi-Dehradun Highway: आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे का नाम डॉ भीम राव अंबेडकर के नाम पर रखने की मांग की है और इसे सम्मान की बात बताया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 14 अप्रैल को दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे, जिसके बाद दिल्ली से देहरादून तक का सफर सिर्फ ढाई घंटे का रह जाएगा. इस बीच आजाद समाज पार्टी के मुखिया और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस एक्सप्रेस वे के नाम को लेकर नई मांग रख दी है. उन्होंने इस संबंध में सड़क निर्माण मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है.
चंद्रशेखर आजाद ने नितिन गडकरी को चिट्ठी लिखकर मांग की है इस दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे का नाम संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये फैसला देश के करोड़ों लोगों, विशेषकर बहुजन समाज के लिए गर्व और सम्मान की बात होगी.
नगीना सांसद ने नितिन गडकरी को लिखी चिट्ठी
चंद्रशेखर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर ये चिट्ठी साझा की है, उन्होंने कहा- 'दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का नामकरण परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के नाम पर किए जाने के संबंध में माननीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा, अतः जन भावनाओं का सम्मान करते हुए इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा करें.'
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का नामकरण परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के नाम पर किए जाने के संबंध में माननीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री @nitin_gadkari जी को पत्र लिखा।
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) April 6, 2026
अतः जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा करें।… pic.twitter.com/jCshnP9Mie
नगीना सांसद ने चिट्ठी में लिखा- ये बहुत हर्ष का विषय है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, जिसे 2023-24 में पूरी किया जाना था लगभग दो साल के विलंब के बाद अब लोकार्पित किया जा रहा है. इसी संदर्भ में मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि इस एक्सप्रेस वे का नाम भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषितों, वंचितों एवं महिलाओं के लिए मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न, बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर जी के नाम पर रखा जाए.
ताकि ये परियोजना न केवल विकास का प्रतीक बने बल्कि उनके महान योगदान के प्रति एक श्रद्धांजलि भी बने, ये निर्णय देश के करोड़ों लोगों विशेषकर बहुजन समाज के लिए गर्व और सम्मान का विषय होगा. आपसे निवेदन है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा करें.
बता दें कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे निर्माण होने के बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी सिर्फ 210 किमी की रह जाएगी. इसके शुरू होने के बाद दिल्ली के लोग अक्षरधाम से बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर होते हुए देहरादून तक जा सके हैं. इससे पहले दिल्ली से लोगों को मेरठ, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार होकर जाना पड़ता था.
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