पति से विवाद के बीच मंत्री रेखा आर्य की मुश्किल बढ़ी, बरेली के फार्म हाउस पर उठे सवाल
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य, पति से विवाद के बीच एक और मुसीबत में घिरती नजर आ रही है. बरेली स्थित उनके फॉर्म में अवैध निर्माण का मामला सामने आया है. जिस पर बीडीएस कार्रवाई कर सकता है.

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े विवादों के बीच बरेली के लालपुर गांव में स्थित एक आलीशान फार्म हाउस भी चर्चा में है. बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की जांच में सामने आया है कि इस परिसर के निर्माण का मानचित्र स्वीकृत नहीं है. प्राधिकरण की टीम अब जमीन के स्वामित्व और निर्माण से संबंधित अभिलेखों की पड़ताल कर रही है.
बरेली में इज्जतनगर क्षेत्र के लालपुर गांव में स्थित इस फार्म हाउस का परिसर करीब 12 हजार वर्ग मीटर में फैला बताया जा रहा है. यहां तीन मंजिला कोठी, गेस्ट हाउस और स्वीमिंग पूल समेत अन्य निर्माण मौजूद हैं. निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत होने की स्थिति और जमीन से जुड़े दस्तावेज अब जांच के दायरे में हैं.
फार्म हाउस नक्शे पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि साल 2024 में पप्पू गिरधारी के करीबी सत्येंद्र राठौर की ओर से फार्म हाउस के निर्माण की कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया था. हालांकि, निर्धारित शुल्क जमा नहीं किया गया, जिसके चलते प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी.
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जमीन के अभिलेखों के मुताबिक, फार्म हाउस परिसर की भूमि अलग-अलग गाटा संख्या में विभिन्न लोगों के नाम पर दर्ज है. इनमें उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के नाम पर 3300 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा दर्ज बताया गया है. वहीं, अन्य भूमि कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम पर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. कंपनी में हिस्सेदारी से जुड़ी जानकारी का उल्लेख रेखा आर्य के चुनावी हलफनामों में होने की बात भी कही गई है.
बीडीए कर रहा अभिलेखों की जांच
बीडीए के विशेष कार्याधिकारी अजीत सिंह के मुताबिक, लालपुर स्थित फार्म हाउस का नक्शा स्वीकृत नहीं है. परिसर में अलग-अलग गाटा संख्या की जमीन विभिन्न लोगों के नाम पर दर्ज है. प्राधिकरण संबंधित अभिलेखों की जांच कर रहा है. जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
रेखा आर्य और बरेली निवासी पप्पू गिरधारी उर्फ गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद के बाद यह मामला पहले से चर्चा में है. मंत्री से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. वहीं, विपक्षी दलों ने भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं. इसी बीच फार्म हाउस के निर्माण और जमीन के दस्तावेजों की जांच ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है.
हालांकि, फार्म हाउस से जुड़े निर्माण और भूमि संबंधी मामले में अंतिम स्थिति बीडीए की जांच तथा संबंधित अभिलेखों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी.





















