उत्तराखंड: कश्मीरी शॉल विक्रेता से मारपीट, JKSA ने DGP को पत्र लिखकर की FIR और गिरफ्तारी की मांग
Kashmiri Shawl Vendor Assault: काशीपुर में कश्मीरी शॉल विक्रेता के साथ मारपीट के मामले में JKSA ने DGP को पत्र लिखकर FIR और गिरफ्तारी की मांग की. पुलिस का कहना है कि आपसी सुलह हो गई है.

ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में एक कश्मीरी शॉल विक्रेता के साथ कथित मारपीट और धमकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस प्रकरण को लेकर जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (JKSA) ने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ को पत्र लिखकर कड़ी आपत्ति जताई है और मामले में FIR दर्ज कर बजरंग दल से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
JKSA ने अपने पत्र में कहा है कि काशीपुर में कुपवाड़ा (कश्मीर) निवासी बिलाल अहमद गनी के साथ कथित तौर पर बजरंग दल से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और जबरन राज्य छोड़ने का दबाव बनाया. संघ का आरोप है कि इस हमले का नेतृत्व बजरंग दल के एक नेता अंकुर सिंह ने किया. JKSA के अनुसार, बिलाल अहमद गनी पिछले 9–10 वर्षों से ऊधमसिंह नगर जिले में मौसमी रूप से शॉल बेचकर अपनी आजीविका चला रहे हैं और स्थानीय समाज में शांतिपूर्वक रह रहे थे.
असुरक्षा का माहौल
संघ के राष्ट्रीय संयोजक नसीर खुहामी ने कहा कि इस घटना से न केवल पीड़ित, बल्कि उत्तराखंड में काम करने वाले अन्य कश्मीरी व्यापारियों के बीच भी डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित द्वारा प्रतापपुर, गोशाला पुलिस चौकी में शिकायत देने के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं की गई, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़े हैं.
संवैधानिक अधिकारों की मांग
JKSA ने अपने पत्र में ज़ोर देकर कहा कि कश्मीरी भारत के समान अधिकारों वाले नागरिक हैं और उन्हें संविधान के तहत सुरक्षा मिलनी चाहिए. संघ ने डीजीपी से मांग की है कि मामले में तत्काल FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और कश्मीरी व्यापारियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए. वहीं, इस मामले में एबीपी न्यूज़ ने ऊधमसिंह नगर के पुलिस अधीक्षक (SP) मणिकांत मिश्रा से फोन पर बातचीत की. एसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया था. उन्होंने कहा कि आरोपी युवक को हिरासत में लिया गया, उससे कथित वीडियो डिलीट करवाया गया और मामले में पीड़ित कश्मीरी युवक को भी बुलाया गया था.
पुलिस ने कहा कि आपसी सुलह हुई
एसपी के अनुसार, जिस युवक पर पिटाई का आरोप था, उसने कश्मीरी युवक से माफी मांग ली थी और पीड़ित ने भी उसे माफ कर दिया. पीड़ित की ओर से किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न करने की बात कही गई थी, जिसके चलते उस समय कोई FIR दर्ज नहीं की गई. मणिकांत मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस मामले को लेकर कोई औपचारिक पत्र या शिकायत सामने आती है और कोई कानूनी कार्रवाई चाहता है, तो पत्र प्राप्त होने के बाद जो भी वैधानिक प्रक्रिया होगी, उसे अमल में लाया जाएगा. फिलहाल, JKSA के पत्र के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि उत्तराखंड पुलिस इस प्रकरण में आगे क्या कदम उठाती है और क्या मामले में औपचारिक जांच व कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होती है या नहीं.
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Source: IOCL






















