एक्सप्लोरर

उत्तराखंड: गुज्जरों के मामले में तीरथ सरकार को हाईकोर्ट की कड़ी फटकार, कही ये बात

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गोविंद पशु विहार राष्ट्रीय पार्क में जाने से वन गुज्जर परिवारों को रोके जाने और उन्हें अमानवीय दशाओं में रहने को मजबूर करने के लिए तीरथ सरकार को फटकार लगाते हुए कड़ी टिप्पणी की है.

देहरादून. उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तरकाशी जिले के गोविंद पशु विहार राष्ट्रीय पार्क में जाने से वन गुज्जर परिवारों को रोके जाने और उन्हें अमानवीय दशाओं में रहने को मजबूर करने के लिए राज्य सरकार को फटकार लगाई है. कोर्ट ने इसे उनके 'जीने के मूल अधिकार का उल्लंघन' करार दिया है.

एक गैर सरकारी संगठन द्वारा इन गुज्जर परिवारों की दुर्दशा को लेकर अदालत से दखल की प्रार्थना वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई थी. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एक खंडपीठ ने परिवारों की समस्या के समाधान के लिए तत्काल उपाय करने के आदेश दिए. अदालत ने कहा कि अगर जांच में ये लोग कोविड मुक्त पाए जाते हैं और इनके पास वैध कानूनी दस्तावेज हैं तो उन्हें अपनी आजीविका कमाने के लिए पार्क में प्रविष्ट होने देने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए.

कोरोना वायरस के मनुष्यों से जानवरों में फैलने की आशंका के मद्देनजर इन परिवारों के प्रवेश से पार्क में रहने वाले वन्यजीवों को खतरा होने की संभावना की महाधिवक्ता एस एन बाबुलकर द्वारा दी गई दलील पर उच्च न्यायालय ने कहा कि इनकी तत्काल कोविड जांच कराई जाए. अदालत ने कहा कि अगर ये लोग कोरोना मुक्त पाए जाते हैं और इनके पास वैध परमिट है तो कानून द्वारा अनुमन्य अवधि के लिए इन्हें पार्क में प्रवेश देने की व्यवस्था की जाए.

याचिकाकर्ता द्वारा सप्लीमेंटरी हलफनामे के साथ जमा कराई गई तस्वीरों का जिक्र करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि इनसे पता चलता है कि परिवारों को खुले आसमान के नीचे खुले खेतों में खुले तंबुओं में रहने के लिये मजबूर किया गया है. फोटो में छोटे बच्चे और नवजात शिशु कंबल में लिपटाकर जमीन पर सोते हुए दिखाई दे रहे हैं. फोटो से यह भी पता चलता है कि कुछ मवेशी तंबुओं के पास बंधे है जबकि कुछ अन्य मर गए हैं.

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
अदालत ने कहा कि इससे पार्क के उपनिदेशक का निर्दयी रूख पता चलता है और नागरिक प्रशासन ने इन परिवारों को ऐसी दशाओं में जीने को मजबूर कर दिया है जो जानवरों के जीने लायक दशाओं से भी बदतर हैं. न्यायालय ने कहा कि प्रथमदृष्टया भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने के मूल अधिकार का प्रतिवादियों द्वारा उल्लंघन किया जा रहा है. उच्च न्यायालय ने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी और पार्क के उपनिदेशक को इन परिवारों को 'पक्के मकानों' में रखने तथा उन्हें खाना, पानी और दवाइयों के अलावा उनके मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

ये भी पढ़ें:

UP Coronavirus Update: सामने आए 3371 नए केस, 62271 तक पहुंची सक्रिय मामलों की संख्या

UP: कोरोना संक्रमण के चलते अटकी सर्जरी, कैंसर, गुर्दा, पथरी के मरीजों की बढ़ी टेंशन

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

बागपतः पत्नी WhatsApp पर लेती रही पति की मौत की Live Update, होश उड़ा देगी वारदात
बागपतः पत्नी WhatsApp पर लेती रही पति की मौत की Live Update, होश उड़ा देगी वारदात
गोरखपुर: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाई टेंशन तार से टकराई ट्रॉली, 3 की मौत
गोरखपुर: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाई टेंशन तार से टकराई ट्रॉली, 3 की मौत
CM धामी ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित
CM धामी ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित
उत्तराखंड: चकराता विधानसभा सीट का समीकरण, पांच चुनाव, एक ही नाम
उत्तराखंड: चकराता विधानसभा सीट का समीकरण, पांच चुनाव, एक ही नाम

वीडियोज

Sansani: बॉलीवुड पर लॉरेंस की खूनी नजर!
UP कांग्रेस के हाथ SIR की कौन सी 'फाइल'?
जमानत मिलने से पहले High Court ने Saurabh Das-Ashutosh Ranka को फटकारा!
सितारों की कड़ी सुरक्षा..'प्लान A' फेेल हुआ!
'दुश्मन' कौन 'अराजक' मौन?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
एसआईआर के खिलाफ बड़े मार्च की तैयारी, अभिजीत दीपके -राकेश टिकैत समेत पहुंचेंगे ये नेता
एसआईआर के खिलाफ बड़े मार्च की तैयारी, अभिजीत दीपके -राकेश टिकैत समेत पहुंचेंगे ये नेता
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक्शन, सब डिवीजन DSP और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक्शन, सब डिवीजन DSP और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड
रांका और सौरव को बड़ी राहत: 7 दिनों के बाद रिहाई के आदेश, दीपके ने शेयर किया SRK का ये क्लिप
रांका और सौरव को बड़ी राहत: 7 दिनों के बाद रिहाई के आदेश, दीपके ने शेयर किया SRK का ये क्लिप
न्यूजीलैंड के इन 3 खिलाड़ियों से टीम इंडिया को रहना होगा सावधान, अकेले पलट सकते हैं बाजी
न्यूजीलैंड के इन 3 खिलाड़ियों से टीम इंडिया को रहना होगा सावधान, अकेले पलट सकते हैं बाजी
रश्मिका से शादी के लिए हां करने में विजय ने क्यों लिया था 1 साल? 'कॉफी विद करण 9' में खोला राज
रश्मिका से शादी के लिए हां करने में विजय ने क्यों लिया था 1 साल? 'कॉफी विद करण 9' में खोला राज
दुनिया के सामने आया 'मक्का रक्षा समझौते' का मसौदा, जानें किन-किन शर्तों पर सहमति
दुनिया के सामने आया 'मक्का रक्षा समझौते' का मसौदा, जानें किन-किन शर्तों पर सहमति
Explained: भारत में पाकिस्तान के 'कसीदे' से US ट्रेड डील तक! मार्को रूबियो के दौरे की 5 बड़ी बातें
भारत में PAK के 'कसीदे' से US ट्रेड डील तक! मार्को रूबियो के दौरे की 5 बड़ी बातें
Collab हो गया...भारत-पाक के स्कैमर्स ने मिल लूटा कनाडा का बैंक
Collab हो गया...भारत-पाक के स्कैमर्स ने मिल लूटा कनाडा का बैंक
Embed widget