(Source: ECI/ABP News)
धामी कैबिनेट के 17 बड़े फैसले: 250 नई बसों को मंजूरी, कुंभ-2027 की तैयारियों को रफ्तार
Dehradun News In Hindi: मंत्रिमंडल ने 250 नई बसें खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी. इसके अलावा पहले से स्वीकृत 100 बसों की खरीद में भी बदलाव किया गया है. इसके अलावा कई फैसले लिए गए.

उत्तराखंड में देहरादून स्थित सचिवालय में आज मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कुल 17 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इन फैसलों का असर प्रदेश के परिवहन, शिक्षा, वन, खनन, आबकारी और कार्मिक जैसे तमाम विभागों पर पड़ेगा.
परिवहन विभाग के लिए आज की कैबिनेट बैठक खासी उपयोगी रही. मंत्रिमंडल ने 250 नई बसें खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी. इसके अलावा पहले से स्वीकृत 100 बसों की खरीद में भी बदलाव किया गया है. जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के बाद अब इसी बजट में 100 की जगह 109 बसें खरीदी जा सकेंगी. साथ ही उत्तराखंड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई, जिसके तहत परिवहन विभाग के प्रवर्तन चालकों की वर्दी का निर्धारण अब पुलिस विभाग के चालकों की तर्ज पर किया जाएगा.
कुंभ-2027 की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों को गति देने के लिए निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. अब एक करोड़ रुपये तक के कार्यों को मेलाधिकारी सीधे स्वीकृत कर सकेंगे, जबकि पांच करोड़ रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार गढ़वाल मंडल के आयुक्त को दिया गया है. पांच करोड़ से अधिक के कार्यों के लिए पहले की तरह शासन स्तर से अनुमति लेनी होगी.
वन विभाग: मौन पालन नीति और भर्ती नियमों में बदलाव
वन विभाग से जुड़े दो अहम निर्णय आज की बैठक में हुए. पहला- उत्तराखंड वन सीमांत मौनपालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव हाथी संघर्ष न्यूनीकरण नीति को मंजूरी दी गई. राज्य का 70 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से ढका है. इस नीति के जरिए वन सीमा पर रहने वाले लोगों को स्वरोजगार मिलेगा, मधुमक्खी पालन को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही मानव-हाथी संघर्ष को भी कम करने में मदद मिलेगी.
दूसरा -उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी मिली. वन दरोगा पद के लिए अब न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक कर दी गई है. वन दरोगा के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तथा वन आरक्षी के लिए 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है.
शिक्षा के मोर्चे पर कई बड़े कदम
मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव: राज्य में कुल 452 मदरसे हैं, जिनमें से 400 से अधिक में केवल कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है. अब कक्षा 1 से 8 तक संचालित अल्पसंख्यक संस्थाओं की संबद्धता जिला स्तरीय शिक्षा समिति से होगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के संस्थानों को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेनी होगी. इस संशोधन के लिए अध्यादेश लाने की भी मंजूरी दी गई.
संस्कृत शिक्षा नियमावली: उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी मिली. पूर्व में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक समेत 62 पद सृजित किए गए थे, लेकिन सेवा नियमावली न होने से प्रमोशन अटके पड़े थे, अब वह राह खुल जाएगी.
विशेष शिक्षा शिक्षक भर्ती: सर्वोच्च न्यायालय के 2021 के फैसले और केंद्र सरकार की 2022 की गाइडलाइन के अनुरूप विशेष शिक्षा शिक्षकों की भर्ती हेतु शैक्षिक अर्हताएं तय कर नियमावली को मंजूरी दी गई.
उच्च शिक्षा शोध योजना का विस्तार: मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना अब तक केवल सरकारी कॉलेजों तक सीमित थी. अब 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों जहां नियमित प्राचार्य तैनात हैं में भी यह योजना लागू होगी.
खनन और आबकारी में भी बदलाव
खनिज रॉयल्टी दरें बढ़ीं: उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन करते हुए खनिज पर रॉयल्टी की दर ₹7 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹8 प्रति क्विंटल कर दी गई है.
वैट दरों का संशोधन: पूर्व में पारित आबकारी नीति में 6 प्रतिशत वैट निर्धारित किया गया था. वाणिज्य कर विभाग की नियमावली में भी इसे लागू करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी.
कार्मिक और विधिक सेवाओं में सुधार
विधिक सेवा प्राधिकरण: उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली में संशोधन के तहत अब जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन सदस्य होंगे. इसके अलावा एसिड अटैक पीड़ितों को भी निःशुल्क विधिक सेवाओं के दायरे में लाया गया है.
प्रतीक्षा सूची की स्पष्ट SOP: विभिन्न विभागों में एकल संवर्ग पदों पर एक वर्ष के भीतर प्रतीक्षा सूची तैयार होने पर आगे की कार्रवाई के लिए एक स्पष्ट मानक प्रक्रिया (SOP) तैयार करने को मंजूरी दी गई, ताकि सभी विभागों और आयोगों को एकरूपता मिले.
दिव्यांग पदों का सृजन: लोक निर्माण विभाग में 2023 की जेई भर्ती में दिव्यांग श्रेणी के 7 पद रिक्त रह गए थे. उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में उन पदों को 2023 से ही सृजित मानते हुए भर्ती की कार्रवाई करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया.
वर्कचार्ज कर्मियों की पेंशन: 1 जनवरी 2026 के मंत्रिमंडल निर्णय के अनुसार वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन देने संबंधी शासनादेश जारी हो चुके थे, लेकिन कुछ कर्मियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और स्थगन आदेश मिला. यह स्थिति कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई.
ठेकेदारों को राहत
उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली 2025 के अंतर्गत 'डी' श्रेणी के सूचीबद्ध ठेकेदारों के लिए निविदा सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे छोटे ठेकेदारों को अधिक कार्य मिलने का रास्ता खुलेगा.
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Source: IOCL



























