उत्तराखंड: ब्लॉक प्रमुख चुनाव में BJP मंत्री बलदेव सिंह औलख पर कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन और अपहरण के आरोप, FIR दर्ज
Udhamsingh Nagar : उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी ने बलदेव सिंह औलख पर भाजपा के खिलाफ जाकर कांग्रेस प्रत्याशी को ब्लॉक प्रमुख चुनाव में समर्थन देने का आरोप लगाया है.

उत्तर प्रदेश के रामपुर में बिलासपुर से विधायक और राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. उन पर उत्तराखंड में कांग्रेस की ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी सुखमन कौर को समर्थन देने का गंभीर आरोप लगा है. इसके साथ ही उनके बेटे और दामाद पर बीडीसी मेम्बर के अपहरण का मामला भी सामने आया है, जिसके तहत उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जनपद के केलाखेड़ा थाने में FIR दर्ज की गई है.
दरअसल उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता सुखदेव सिंह नामधारी ने बलदेव सिंह औलख पर भाजपा के खिलाफ जाकर कांग्रेस प्रत्याशी सुखमन कौर को ब्लॉक प्रमुख चुनाव में समर्थन देने का आरोप लगाया है. नामधारी ने इस मामले को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से बलदेव सिंह ओलक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. नामधारी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने ओलक पर पार्टी के साथ गद्दारी करने का इल्जाम लगाया.
केलाखेड़ा थाने में FIR: अपहरण का गंभीर आरोप
बलदेव सिंह औलख के बेटे और दामाद पर बीडीसी मेम्बर के अपहरण का आरोप लगाते हुए केलाखेड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया है. यह मामला उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जनपद में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान सामने आया. आरोप है कि औलख के बेटे और दामाद ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में बीडीसी मेम्बर को प्रभावित करने के लिए यह कदम उठाया.
औलख के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सुखदेव सिंह नामधारी ने अपने वायरल वीडियो में बलदेव सिंह ओलक पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भाजपा के लिए शर्मनाक है कि एक राज्यमंत्री अपनी पार्टी के खिलाफ जाकर विपक्षी दल की मदद कर रहा है. उन्होंने जेपी नड्डा से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और ओलक के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह मामला और तूल पकड़ रहा है.
पहले भी विवादों में रहे हैं बलदेव सिंह औलख
यह पहली बार नहीं है जब बलदेव सिंह औलख विवादों में घिरे हैं. इससे पहले भी उन पर रामपुर में घरेलू हिंसा के एक मामले में जांच अधिकारी पर दबाव डालने का आरोप लगा था, जिसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी किया था.
उधर अभी इस मामले में उत्तराखंड या यूपी के भाजपा के किसी बड़े नेता की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. उत्तराखंड में जिलापंचायत और ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव प्रक्रिया चल रही है. जिसमें अक्सर राजनीतक दल ऐसे दांव-पेंच अपनाते हैं. जबकि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज जरुर कर ली है,लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
Source: IOCL





















