कर्णप्रयाग में 5वीं बार चलेगा BJP का जादू या कांग्रेस करेगी वापसी?
चमोली स्थित कर्णप्रयाग सीट में राज्य के गठन के बाद 5 बार चुनाव हुए हैं. इन पांच चुनावों में से 4 चुनावों में बीजेपी को जीत मिली है. अब देखने वाली बात होगी कि बीजेपी 5वीं जीत हासिल कर पाती है या नहीं.

गढ़वाल और कुमाऊं मंडल को जोड़ने वाली कर्णप्रयाग विधानसभा चमोली जिले में स्थित है. इस सीट पर उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सरगर्मी शुरू हो गई है. हालांकि, दोनों प्रमुख दलों ने अभी औपचारिक रूप से टिकट की घोषणा नहीं की है. यह विधानसभा सीट उत्तराखंड के दो मंडल गढ़वाल और कुमाऊं को भौगोलिक रूप से जोड़ती है. यह सीट गढ़वाल लोकसभा के अंतर्गत आती है. इस सीट पर किसी तरह का आरक्षण नहीं है.
पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के अनिल नौटियाल ने 28911 वोट लाकर इस सीट से जीत दर्ज की थी. जबकि कांग्रेस के मुकेश नेगी दूसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 22196 वोट मिले थे. कुल मतदाताओं की बात करें तो 2022 में यहां 87,311 वोटर दर्ज थे, जिनमें से 58,052 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.
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बीजेपी का दबदबा, पर कांग्रेस को भी उम्मीद
पिछले कुछ चुनावों का रिकॉर्ड देखें तो इस सीट पर बीजेपी का पलड़ा साफ भारी नजर आता है. 2002 और 2007 के चुनावों में बीजेपी के अनिल नौटियाल यहां से जीते थे. 2012 के चुनाव में कांग्रेस के अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने जीत हासिल की. 2017 में बीजेपी के सुरेंद्र सिंह नेगी जीत हासिल की. 2022 में फिर बीजेपी के अनिल नौटियाल ने जीत हासिल की. पिछले पांच चुनावों में चार बार बीजेपी और एक बार कांग्रेस को जीत मिली है.
2002 विधानसभा चुनाव में बीजेपी का परचम
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद 2002 में इस सीट पर पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपना परचम लहराया. इस चुनाव में बीजेपी के अनिल नौटियाल और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुरेंद्र सिंह के बीच सीधा मुकाबला रहा. अनिल नौटियाल ने 9224 वोटो हासिल कर चुनाव में जीत दर्ज की. वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुरेंद्र सिंह 7584 वोट हासिक करके दूसरे स्थान पर रहे.
कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए भारत सिंह चौधरी
हालांकि, इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई और कांग्रेस के प्रत्याशी भारत सिंह चौधरी 6838 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. बाद में भारत सिंह चौधरी 2015 में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए थे. वर्तमान में वह धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट के विधायक हैं.
2007 चुनाव कांग्रेस को फिर मिली हार
साल 2007 के चुनाव में कांग्रेस ने अपनी रणनीति और प्रत्याशी दोनों को बदलने का फैसला किया. कांग्रेस पार्टी ने पृथ्वीपाल को मैदान में उतारा. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने अपने सिटिंग एमएलए अनिल नौटियाल पर दोबारा दांव खेला. हालांकि, 2007 के चुनाव में कांग्रेस की रणनीति फेल हो गई और हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी के अनिल नौटियाल ने इस चुनाव में 15,716 वोट हासिल कर चुनाव में जीत दर्ज की. जबकि कांग्रेस के पृथ्वीपाल को 8565 वोट ही मिले.
इस गलती की वजह से 2012 में चुनाव हार गई बीजेपी
साल 2012 के चुनाव में बीजेपी ने अपने मौजूदा विधायक अनिल नौटियाल का टिकट काट कर हरीश पुजारी को टिकट दे दिया. टिकट कटने से नाराज अनिल नौटियाल ने बीजेपी से बगावत कर दी और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर गए. इस कारण बीजेपी के वोटों का जो बिखराव हुआ, यह सीट बीजेपी से छीन गई. कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अनुसूया प्रसाद मैखुरी मात्र 227 वोटों के अंतर से यह सीट जीत गए.
2017 के चुनाव बीजेपी ने की वापसी
साल 2012 में मिली करारी हार के बाद बीजेपी ने एक बार फिर अपने प्रत्याशी की टिकट काटकर पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे सुरेंद्र सिंह नेगी को बीजेपी के टिकट दे दिया. बीजेपी का यह मास्टर स्ट्रोक 2017 के चुनावी लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ. सुरेंद्र सिंह नेगी को 28159 वोट मिले और यह सीट एक बार फिर बीजेपी के खेमे में लौट गई. दूसरे स्थान पर कांग्रेस से अनुसूया प्रसाद मैखुरी को 20610 वोट प्राप्त हुए.
2022 चुनाव , फिर बीजेपी भारी
साल 2022 के चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर एंटी इंकम्बेंसी के चलते सिटिंग विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी का टिकट काट दिया और अपने पुराने प्रत्याशी अनिल नौटियाल पर भरोसा जताते हुए उन्हें कमान सौंपी. दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी अनुसूया प्रसाद मैखुरी की आकस्मिक मृत्यु हो गई. कांग्रेस ने मुकेश नेगी को पार्टी टिकट दिया. हालांकि, 28911 वोट लाकर नौटियाल फिर एक बार इस सीट से विधायक बने. कांग्रेस को इस चुनाव में 22196 वोट मिले .
2027 के लिए बीजेपी में निश्चितता, कांग्रेस में मंथन
अब बात करें साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तो बीजेपी के मौजूदा विधायक अनिल नौटियाल एक बार फिर पार्टी की पहली पसंद माने जा रहे हैं. अनिल नौटियाल के दोबारा मैदान में उतरने की पूरी संभावना है. वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस की तस्वीर इससे उलट है.
कांग्रेस की प्रत्याशियों की रेस में ये चार नाम
कांग्रेस पार्टी में टिकट को लेकर चार नाम चर्चा में हैं. इनमें नगर पालिका अध्यक्ष मोहन भंडारी का नाम इस दौड़ में मजबूती से शामिल है. दूसरा नाम संदीप नेगी का है, जो पूर्व मंडी परिषद अध्यक्ष रह चुके हैं. तीसरे दावेदार मुकेश नेगी हैं जो 2022 में कांग्रेस के उम्मीदवार थे. चौथा नाम हरिकृष्ण भट्ट का है जो ब्राह्मण चेहरे के तौर पर देखे जाते हैं.
बीजेपी बनाम कांग्रेस होगा मुकाबला
सीट के इतिहास और मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए यह तय है कि 2027 का मुकाबला बीजेपी के मौजूदा विधायक अनिल नौटियाल और कांग्रेस के किसी एक चुने हुए चेहरे के बीच ही केंद्रित रहेगा. कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि चार दावेदारों में से किसे टिकट दिया जाए.
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