योगी सरकार की नीतियों का बड़ा असर! निर्यात तैयारी सूचकांक में चौथे स्थान पर पहुंचा यूपी
UP News: उत्तर प्रदेश ने निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में ओवरऑल चौथा और भू-आबद्ध राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है. योगी सरकार की नीतियों और ट्रेड शो जैसी पहल ने निर्यात को तेज रफ्तार दी.

UP News: उत्तर प्रदेश आज न केवल तेजी से उभरता निर्यातक राज्य बन रहा है, बल्कि निर्यात को रोजगार, निवेश, क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास से जोड़ते हुए नए राष्ट्रीय मॉडल के रूप में भी उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है. इसका ताजा उदाहरण नीति आयोग से जारी निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 (Export Preparedness Index—EPI 2024) की रैंकिंग है. बुधवार को जारी इस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए ओवरऑल चौथा स्थान तथा भू-आबद्ध (LANDLOCKED) राज्यों में प्रथम स्थान हासिल किया है. साल 2022 की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ओवरऑल सातवें स्थान पर और भू-आबद्ध राज्यों में दूसरे स्थान पर था. केवल दो सालों में यह बड़ी छलांग राज्य के निर्यात क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों और योगी आदित्यनाथ सरकार की निर्यात-प्रोत्साहन नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है.
योगी सरकार की नीतियों ने दी निर्यात को नई रफ्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में निर्यात अवसंरचना को सुदृढ़ करने, लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, विविध उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और कारोबारी माहौल को सुगम बनाने पर विशेष बल दिया गया. उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति, एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) योजना, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स सुधार, रोड-कनेक्टिविटी और ड्राई पोर्ट जैसी पहल निर्यात तत्परता को गति देने में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं. सरकार ने माल भाड़ा व्यय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों/प्रदर्शनियों में भागीदारी, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग शुल्क, कुरियर एवं एयर-फ्रेट व्यय तथा निर्यात क्रेडिट गारंटी पर प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाओं ने निर्यातकों का लागत बोझ कम किया है और उन्हें वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया है.
निर्यात में नई ऊंचाइयों की ओर उत्तर प्रदेश
— Government of UP (@UPGovt) January 14, 2026
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में लागू प्रभावी निर्यात नीतियों और संरचनात्मक सुधारों के परिणामस्वरूप नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक–2024 में उत्तर प्रदेश ने ओवरऑल चौथा तथा भू-आबद्ध राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त कर… pic.twitter.com/zcYaeZeDK2
इंटरनेशनल ट्रेड शो ने खोले वैश्विक बाजारों के दरवाजे
पिछले तीन सालों से आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने राज्य के निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म का कार्य किया है. इसके माध्यम से यूपी के एमएसएमई और पारंपरिक कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बायर्स से सीधा संपर्क मिला, जिससे नए बाजारों में प्रवेश और निर्यात ऑर्डरों में वृद्धि दर्ज की गई. इससे प्रदेश के हथकरघा, हस्तशिल्प, खाद्य-प्रसंस्करण, चमड़ा, फार्मा और एग्री-बेस्ड उत्पादों को नई पहचान मिली है.
चार स्तंभों और 70 संकेतकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
नीति आयोग ने EPI-2024 रैंकिंग तैयार करते समय चार प्रमुख स्तंभ निर्यात अवसंरचना, बिजनेस इकोसिस्टम, नीति एवं सुशासन और निर्यात प्रदर्शन के साथ 13 उप-स्तंभों के 70 संकेतकों के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन किया. इन विभिन्न मानकों पर उत्तर प्रदेश ने व्यापक सुधार दर्ज कराए हैं. निर्यात पोर्टफोलियो का विस्तार, नए बाजारों तक पहुंच, लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम का विकास और उद्योग-अनुकूल नीतियों ने यूपी की स्थिति को मजबूत किया है.
भू-आबद्ध राज्य होते हुए भी विशेष उपलब्धि
रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात जैसे तटीय राज्य रहे हैं, जबकि समुद्री तट न होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का चौथे स्थान तक पहुंचना एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है. समुद्री तट न होने के कारण उत्तर प्रदेश के निर्यातकों को बंदरगाहों तक माल पहुंचाने में अधिक समय और लागत वहन करनी पड़ती है. इसके बावजूद राज्य का ओवरऑल चौथे स्थान तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार से किए गए संरचनात्मक सुधार, नीति समर्थन और सक्रिय हैंड-होल्डिंग ने निर्यातकों को वास्तविक लाभ पहुंचाया है.
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Source: IOCL























